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सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में कूड़े से बनेगी बिजली
Updated Mon, 27 Aug 2018 02:00 AM IST
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सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में कूड़े से बनेगी बिजली
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
शीशमबाड़ा स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में अब कूड़े से बिजली बनाने की तैयारी है। इसके लिए रैमकी कंपनी करीब 150 करोड़ रुपये से वेस्ट टू इनर्जी प्लांट लगाएगी। इस प्लांट में कूड़े की प्रोसेसिंग से निकले आरडीएफ (रिफ्यूज ड्राइव फ्यूल) के जरिये बिजली पैदा की जाएगी। वेस्ट टू इनर्जी प्लांट बनाने का पूरा खर्च कंपनी खुद वहन करेगी।
शीशमबाड़ा स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के कूड़े से बिजली बनाने के लिए रैमकी कंपनी वेस्ट टू इनर्जी प्लांट लगाने की तैयारी में हैं। इसके तहत रैमकी कंपनी ने बीते दिनों सर्वे कराने के बाद अपनी रिपोर्ट नगर आयुक्त को सौंप दी है। रैमकी कंपनी प्लांट में छह मेगावाट का वेस्ट टू इनर्जी प्लांट लगाएगी। इसके जरिये आरडीएफ के जरिये उत्पन्न बिजली उत्तराखंड पावर कारपोरेशन को बेची जाएगी। बीते दिनों सर्वे कराने के बाद कंपनी ने रिपोर्ट नगर आयुक्त विजय कुमार जोगदंडे को सौंप दी है। इसके अलावा कंपनी के अधिकारियों ने वेस्ट इनर्जी प्लांट का प्रेजेंटेशन भी दिया। कंपनी अधिकारियों के अनुसार नगर निगम से एनओसी मिलने के बाद प्लांट का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। पावर प्लांट करीब दो साल में बनकर तैयार होगा। इसमें करीब 150 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इस प्लांट का पूरा खर्च कंपनी खुद उठाएगी। प्लांट बनने से देहरादून के अलावा हरबर्टपुर, विकासनगर, सेलाकुई, मसूरी और डोईवाला से भी कूड़ा पहुंचेगा, जिससे अधिक से अधिक मात्रा में बिजली पैदा की जा सके। वेस्ट टू इनर्जी प्लांट बनने से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के कूड़े और प्लांट की दुर्गंध से भी निजात मिल जाएगी।
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पावर कारपोरेशन समेत अन्य विभागों से एनओसी मिलने के बाद पावर प्लांट (वेस्ट टू इनर्जी) बनाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। प्लांट बनने के बाद आसपास का कूड़ा भी यहां लाने का कार्य शुरू होगा। जिससे अधिक मात्रा में बिजली पैदा की जा सकेगी।
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- मोहित द्विवेदी, प्लांट हेड, रैमकी कंपनी
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कंपनी की ओर से प्रस्ताव दिया गया है। अभी उसका अध्ययन किया जा रहा है। इसके बाद ही वेस्ट टू इनर्जी प्लांट बनाने की अनुमति दी जाएगी।
- विजय कुमार जोगदंडे, नगर आयुक्त
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
शीशमबाड़ा स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में अब कूड़े से बिजली बनाने की तैयारी है। इसके लिए रैमकी कंपनी करीब 150 करोड़ रुपये से वेस्ट टू इनर्जी प्लांट लगाएगी। इस प्लांट में कूड़े की प्रोसेसिंग से निकले आरडीएफ (रिफ्यूज ड्राइव फ्यूल) के जरिये बिजली पैदा की जाएगी। वेस्ट टू इनर्जी प्लांट बनाने का पूरा खर्च कंपनी खुद वहन करेगी।
शीशमबाड़ा स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के कूड़े से बिजली बनाने के लिए रैमकी कंपनी वेस्ट टू इनर्जी प्लांट लगाने की तैयारी में हैं। इसके तहत रैमकी कंपनी ने बीते दिनों सर्वे कराने के बाद अपनी रिपोर्ट नगर आयुक्त को सौंप दी है। रैमकी कंपनी प्लांट में छह मेगावाट का वेस्ट टू इनर्जी प्लांट लगाएगी। इसके जरिये आरडीएफ के जरिये उत्पन्न बिजली उत्तराखंड पावर कारपोरेशन को बेची जाएगी। बीते दिनों सर्वे कराने के बाद कंपनी ने रिपोर्ट नगर आयुक्त विजय कुमार जोगदंडे को सौंप दी है। इसके अलावा कंपनी के अधिकारियों ने वेस्ट इनर्जी प्लांट का प्रेजेंटेशन भी दिया। कंपनी अधिकारियों के अनुसार नगर निगम से एनओसी मिलने के बाद प्लांट का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। पावर प्लांट करीब दो साल में बनकर तैयार होगा। इसमें करीब 150 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इस प्लांट का पूरा खर्च कंपनी खुद उठाएगी। प्लांट बनने से देहरादून के अलावा हरबर्टपुर, विकासनगर, सेलाकुई, मसूरी और डोईवाला से भी कूड़ा पहुंचेगा, जिससे अधिक से अधिक मात्रा में बिजली पैदा की जा सके। वेस्ट टू इनर्जी प्लांट बनने से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के कूड़े और प्लांट की दुर्गंध से भी निजात मिल जाएगी।
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पावर कारपोरेशन समेत अन्य विभागों से एनओसी मिलने के बाद पावर प्लांट (वेस्ट टू इनर्जी) बनाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। प्लांट बनने के बाद आसपास का कूड़ा भी यहां लाने का कार्य शुरू होगा। जिससे अधिक मात्रा में बिजली पैदा की जा सकेगी।
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- मोहित द्विवेदी, प्लांट हेड, रैमकी कंपनी
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कंपनी की ओर से प्रस्ताव दिया गया है। अभी उसका अध्ययन किया जा रहा है। इसके बाद ही वेस्ट टू इनर्जी प्लांट बनाने की अनुमति दी जाएगी।
- विजय कुमार जोगदंडे, नगर आयुक्त