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मां डाट काली मंदिर में भव्य जागरण आज
Updated Fri, 20 Jul 2018 01:48 AM IST
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मां डाट काली मंदिर में भव्य जागरण आज
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। मां डाट काली सिद्धपीठ का 215वां वार्षिकोत्सव शुक्रवार को मनाया जाएगा। इसके तहत रात में भव्य जागरण होगा। इसके लिए सहारनपुर रोड को एक किलोमीटर तक एलईडी लाइटों से सजाया गया है। वार्षिकोत्सव का समापन रविवार को भंडारे के साथ होगा। इस वार्षिकोत्सव में होने वाले जागरण में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
डाट काली मंदिर के 215वे वार्षिकोत्सव समारोह में धार्मिक अनुष्ठान चल रहे हैं। इसके तहत बुधवार को नगर परिक्रमा शोभायात्रा निकाली गई थी। शुक्रवार को डाट काली, भद्रकाली और हनुमान मंदिर में एक साथ जागरण किया जाएगा। मंदिर के महंत रमन प्रसाद गोस्वामी ने बताया कि जागरण की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। जागरण में दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब के भजन गायक माता का गुणगान करेंगे। तीनोें मंदिरों में शुक्रवार रात नौ बजे ज्योत प्रज्ज्वलित की जाएगी। उसके बाद जागरण शुरू किया जाएगा। शनिवार सुबह माता का आभूषणों से श्रंगार कर पूजा-अर्चना की जाएगी। उसके बाद 101 कन्याओं, पंडितों, संतों को भोग लगाया जाएगा। भंडारे के साथ वार्षिकोत्सव का समापन होगा।
जागरण के लिए सहारनपुर रोड को मंदिर से एक किलोमीटर के दायरे में एलईडी लाइटों से सजाया गया है। मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर तीनों मंदिरों में वृंदावन से मंगवाए गए फूलों से सजा दिया गया है।
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पहले था घाटकाली नाम, अब डाटकाली
मां डाट काली मंदिर की स्थापना 15 जून सन 1804 को अषाढ़ माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी को हुई थी। तब से आज तक अषाढ़ माह में शुक्ल पक्ष की अष्टमी को मंदिर में वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। घाटी में होने के कारण पहले इसे घाटकाली और सुरंग बनाने के बाद डाट काली के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर की आसपास के क्षेत्रों में खासी मान्यता है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। मां डाट काली सिद्धपीठ का 215वां वार्षिकोत्सव शुक्रवार को मनाया जाएगा। इसके तहत रात में भव्य जागरण होगा। इसके लिए सहारनपुर रोड को एक किलोमीटर तक एलईडी लाइटों से सजाया गया है। वार्षिकोत्सव का समापन रविवार को भंडारे के साथ होगा। इस वार्षिकोत्सव में होने वाले जागरण में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
डाट काली मंदिर के 215वे वार्षिकोत्सव समारोह में धार्मिक अनुष्ठान चल रहे हैं। इसके तहत बुधवार को नगर परिक्रमा शोभायात्रा निकाली गई थी। शुक्रवार को डाट काली, भद्रकाली और हनुमान मंदिर में एक साथ जागरण किया जाएगा। मंदिर के महंत रमन प्रसाद गोस्वामी ने बताया कि जागरण की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। जागरण में दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब के भजन गायक माता का गुणगान करेंगे। तीनोें मंदिरों में शुक्रवार रात नौ बजे ज्योत प्रज्ज्वलित की जाएगी। उसके बाद जागरण शुरू किया जाएगा। शनिवार सुबह माता का आभूषणों से श्रंगार कर पूजा-अर्चना की जाएगी। उसके बाद 101 कन्याओं, पंडितों, संतों को भोग लगाया जाएगा। भंडारे के साथ वार्षिकोत्सव का समापन होगा।
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जागरण के लिए सहारनपुर रोड को मंदिर से एक किलोमीटर के दायरे में एलईडी लाइटों से सजाया गया है। मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर तीनों मंदिरों में वृंदावन से मंगवाए गए फूलों से सजा दिया गया है।
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पहले था घाटकाली नाम, अब डाटकाली
मां डाट काली मंदिर की स्थापना 15 जून सन 1804 को अषाढ़ माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी को हुई थी। तब से आज तक अषाढ़ माह में शुक्ल पक्ष की अष्टमी को मंदिर में वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। घाटी में होने के कारण पहले इसे घाटकाली और सुरंग बनाने के बाद डाट काली के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर की आसपास के क्षेत्रों में खासी मान्यता है।