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टीचरों की भर्ती में मोटी रकम लेने का आरोप
Updated Tue, 01 May 2018 02:24 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
वार्षिक आम सभा की बैठक में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर रविवार को हुए विवाद के क्रम में अब दो जैन शैक्षणिक संस्थाओं में टीचरों की नियुक्तियों को लेकर भी आरोप लगने शुरू हो गए हैं। सोमवार को एक पक्ष ने आरोप लगाया कि इन संस्थाओं में टीचरों की भर्ती मोटी रकम लेकर की गई, तो दूसरे पक्ष ने कहा कि समाज के चुनाव के चलते ये अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं।
जैन समाज की संस्थाओं और समितियों के बीच हुए विवाद के बाद दो साल पुराना यह मामला एक बार फिर सामने आ गया है। श्री महावीर जैन कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज में मई 2016 में सात पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई, जिसमें से पांच पर भर्ती हुई। वहीं, वर्णी जैन इंटर कॉलेज में तीन पदों पर भर्तियां हुई थीं। आरोप है कि रिश्वत में मोटी रकम लेकर मनमाने ढंग से शिक्षकों की नियुक्ति की गई। नियुक्ति के दौरान सरकार के निर्देशों को भी दरकिनार कर दिया गया। एक ऐसे अभ्यर्थी को भी नियुक्ति दी गई, जिसके पास उत्तराखंड का डोमेसाइल तक नहीं है। इसमें शिक्षा विभाग के अधिकारियों की भी मिलीभगत रही।
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मेरे पिछले डेढ़ साल के कार्यकाल में स्कूल में कोई भर्ती नहीं हुई है। उससे पहले की भर्तियों में क्या हुआ, मुझे इसकी जानकारी नहीं है। पैसे लेकर भर्ती किए जाने के आरोप की मुझे जानकारी नहीं है।
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-अमित जैन, अध्यक्ष, वर्णी जैन इंटर कॉलेज
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यह हमारे परिवार का विद्यालय है। समाज विद्यालय नहीं चला पा रहा था, लिहाजा यह हमारे परिवार के पास वापस आ गया। नियुक्ति प्रक्रिया शिक्षा विभाग ने कराई थी। घूस लेकर नियुक्ति का आरोप पूरी तरह निराधार है। बिना डोमेसाइल के किसी भी अभ्यर्थी को नौकरी नहीं दी गई। अब चुनाव का वक्त है, इसलिए इस तरह के अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं।
-संजय जैन, अध्यक्ष, श्री महावीर जैन कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज ट्रस्ट एंड मैनेजमेंट
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महावीर जैन कन्या पाठशाला और वर्णी जैन इंटर कॉलेज से मेरा कोई मतलब नहीं है। दोनों स्कूलों में नियुक्तियों में गड़बड़ी हुई या नहीं, इसकी मुझे जानकारी नहीं है।
-नेम चंद जैन, अध्यक्ष, श्री दिगंबर जैन समाज
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वार्षिक आम सभा की बैठक में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर रविवार को हुए विवाद के क्रम में अब दो जैन शैक्षणिक संस्थाओं में टीचरों की नियुक्तियों को लेकर भी आरोप लगने शुरू हो गए हैं। सोमवार को एक पक्ष ने आरोप लगाया कि इन संस्थाओं में टीचरों की भर्ती मोटी रकम लेकर की गई, तो दूसरे पक्ष ने कहा कि समाज के चुनाव के चलते ये अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं।
जैन समाज की संस्थाओं और समितियों के बीच हुए विवाद के बाद दो साल पुराना यह मामला एक बार फिर सामने आ गया है। श्री महावीर जैन कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज में मई 2016 में सात पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई, जिसमें से पांच पर भर्ती हुई। वहीं, वर्णी जैन इंटर कॉलेज में तीन पदों पर भर्तियां हुई थीं। आरोप है कि रिश्वत में मोटी रकम लेकर मनमाने ढंग से शिक्षकों की नियुक्ति की गई। नियुक्ति के दौरान सरकार के निर्देशों को भी दरकिनार कर दिया गया। एक ऐसे अभ्यर्थी को भी नियुक्ति दी गई, जिसके पास उत्तराखंड का डोमेसाइल तक नहीं है। इसमें शिक्षा विभाग के अधिकारियों की भी मिलीभगत रही।
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मेरे पिछले डेढ़ साल के कार्यकाल में स्कूल में कोई भर्ती नहीं हुई है। उससे पहले की भर्तियों में क्या हुआ, मुझे इसकी जानकारी नहीं है। पैसे लेकर भर्ती किए जाने के आरोप की मुझे जानकारी नहीं है।
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-अमित जैन, अध्यक्ष, वर्णी जैन इंटर कॉलेज
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यह हमारे परिवार का विद्यालय है। समाज विद्यालय नहीं चला पा रहा था, लिहाजा यह हमारे परिवार के पास वापस आ गया। नियुक्ति प्रक्रिया शिक्षा विभाग ने कराई थी। घूस लेकर नियुक्ति का आरोप पूरी तरह निराधार है। बिना डोमेसाइल के किसी भी अभ्यर्थी को नौकरी नहीं दी गई। अब चुनाव का वक्त है, इसलिए इस तरह के अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं।
-संजय जैन, अध्यक्ष, श्री महावीर जैन कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज ट्रस्ट एंड मैनेजमेंट
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महावीर जैन कन्या पाठशाला और वर्णी जैन इंटर कॉलेज से मेरा कोई मतलब नहीं है। दोनों स्कूलों में नियुक्तियों में गड़बड़ी हुई या नहीं, इसकी मुझे जानकारी नहीं है।
-नेम चंद जैन, अध्यक्ष, श्री दिगंबर जैन समाज