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सूरदास की जयंती पर नेत्रदान का संकल्प
Updated Tue, 24 Apr 2018 02:40 AM IST
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सूरदास की जयंती पर नेत्रदान का संकल्प
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। कवि संत सूरदास की जयंती पर समदृष्टि क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल की ओर से कार्यक्रम किया गया। इस मौके पर नेत्रदान का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ पीके गुप्ता और डॉ. एसके गोविल ने की।
गोष्ठी में मुख्य वक्ता श्री गुरु राम राय महाविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. सुमंगल सिंह ने सूरदास के जीवन संघर्ष पर प्रकाश डाला। डॉ. गोविल ने सक्षम के कार्निया अंधत्व मुक्त भारत अभियान, कॉर्निया की उपयोगिता और नेत्र दान के बारे में बताया। साथ ही उन्होंने नेत्रदान से संबंधित भ्रांतियों को दूर कर नेत्रदान के लिए महाभियान चलाने का आह्वान किया। डॉ. गोविल ने कहा कि श्रीलंका में नेत्र राष्ट्रीय संपत्ति घोषित हैं। वह दुनिया के अन्य देशों को कार्निया निर्यात करता है।
सेवानिवृत्त सीएमओ डॉ. कल्पना गुप्ता ने कॉर्निया के बारे में बताया। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके गुप्ता ने बताया कि एक व्यक्ति के नेत्रदान करने से दो व्यक्तियों को रोशनी दी जा सकती है। कार्यक्रम में डॉ. अतुल कुमार गुप्ता, निशा गुप्ता, आभा गर्ग, उमा बहुगुणा, नीलू भसीन, कृष्णा भंडारी, मीनाक्षी वर्मा, डॉ संदीप नेगी, लोकेश शर्मा, नैना, आरती गुप्ता, निवेदिता देव आदि उपस्थित थे। संचालन डॉ. हरीश जोशी ने किया।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। कवि संत सूरदास की जयंती पर समदृष्टि क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल की ओर से कार्यक्रम किया गया। इस मौके पर नेत्रदान का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ पीके गुप्ता और डॉ. एसके गोविल ने की।
गोष्ठी में मुख्य वक्ता श्री गुरु राम राय महाविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. सुमंगल सिंह ने सूरदास के जीवन संघर्ष पर प्रकाश डाला। डॉ. गोविल ने सक्षम के कार्निया अंधत्व मुक्त भारत अभियान, कॉर्निया की उपयोगिता और नेत्र दान के बारे में बताया। साथ ही उन्होंने नेत्रदान से संबंधित भ्रांतियों को दूर कर नेत्रदान के लिए महाभियान चलाने का आह्वान किया। डॉ. गोविल ने कहा कि श्रीलंका में नेत्र राष्ट्रीय संपत्ति घोषित हैं। वह दुनिया के अन्य देशों को कार्निया निर्यात करता है।
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सेवानिवृत्त सीएमओ डॉ. कल्पना गुप्ता ने कॉर्निया के बारे में बताया। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके गुप्ता ने बताया कि एक व्यक्ति के नेत्रदान करने से दो व्यक्तियों को रोशनी दी जा सकती है। कार्यक्रम में डॉ. अतुल कुमार गुप्ता, निशा गुप्ता, आभा गर्ग, उमा बहुगुणा, नीलू भसीन, कृष्णा भंडारी, मीनाक्षी वर्मा, डॉ संदीप नेगी, लोकेश शर्मा, नैना, आरती गुप्ता, निवेदिता देव आदि उपस्थित थे। संचालन डॉ. हरीश जोशी ने किया।
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