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फीस न लौटाने वाले संस्थानों की जा सकती है मान्यता
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
प्रवेश रद्द करने के बाद शुल्क न लौटाने वाले संस्थानों की मान्यता जा सकती है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने इसके लिए सभी कॉलेज-विश्वविद्यालयों को दोबारा पत्र भेजा है और नियमानुसार छात्रों को शुल्क रिफंड करने की चेतावनी दी है।
ये हैं नियम
-अगर छात्र कोर्स शुरू होने से पहले सीट छोड़ता है तो संस्थान को अधिकतम एक हजार रुपये तक प्रोसेसिंग शुल्क काटकर बाकी फीस लौटानी होगी।
-किसी भी विवि या कॉलेज को यह अनुमति नहीं होगी कि वह छात्र के मूल प्रमाणपत्र अपने पास रखे।
-अगर दाखिलों की अंतिम तिथि तक छात्र द्वारा छोड़ी गई सीट पर प्रवेश हो जाता है तो संस्थान को अधिकतम एक हजार रुपये प्रोसेसिंग फीस के अलावा उचित मासिक शुल्क और हॉस्टल फीस (अगर हो तो) वसूल सकता है। पूरी फीस अपने पास नहीं रख सकता है।
-साल के बीच में किसी भी समय नाम कटवाने वाले छात्रों से बाद के वर्षों की फीस वसूल नहीं की जा सकती है।
-अगर छात्र सत्र शुरू होने के बाद सीट छोड़ता है और वह सीट खाली रह जाती है तो संस्थान को सिक्योरिटी डिपॉजिट की रकम छात्र को लौटानी होगी।
यह होगी कार्रवाई
-विवि या कॉलेज पर प्रत्येक छात्र से वसूली गई फीस का दोगुना जुर्माना लगाया जा सकता है।
-संस्थान का एप्रूवल एक साल के लिए सस्पेंड किया जा सकता है।
-एप्रूव्ड सीटों की संख्या में कमी की जा सकती है।
-एक साल तक संस्थान में दाखिलों पर रोक लगाई जा सकती है।
-संस्थान की मान्यता खत्म की जा सकती है।
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प्रवेश रद्द करने के बाद शुल्क न लौटाने वाले संस्थानों की मान्यता जा सकती है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने इसके लिए सभी कॉलेज-विश्वविद्यालयों को दोबारा पत्र भेजा है और नियमानुसार छात्रों को शुल्क रिफंड करने की चेतावनी दी है।
ये हैं नियम
-अगर छात्र कोर्स शुरू होने से पहले सीट छोड़ता है तो संस्थान को अधिकतम एक हजार रुपये तक प्रोसेसिंग शुल्क काटकर बाकी फीस लौटानी होगी।
-किसी भी विवि या कॉलेज को यह अनुमति नहीं होगी कि वह छात्र के मूल प्रमाणपत्र अपने पास रखे।
-अगर दाखिलों की अंतिम तिथि तक छात्र द्वारा छोड़ी गई सीट पर प्रवेश हो जाता है तो संस्थान को अधिकतम एक हजार रुपये प्रोसेसिंग फीस के अलावा उचित मासिक शुल्क और हॉस्टल फीस (अगर हो तो) वसूल सकता है। पूरी फीस अपने पास नहीं रख सकता है।
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-साल के बीच में किसी भी समय नाम कटवाने वाले छात्रों से बाद के वर्षों की फीस वसूल नहीं की जा सकती है।
-अगर छात्र सत्र शुरू होने के बाद सीट छोड़ता है और वह सीट खाली रह जाती है तो संस्थान को सिक्योरिटी डिपॉजिट की रकम छात्र को लौटानी होगी।
यह होगी कार्रवाई
-विवि या कॉलेज पर प्रत्येक छात्र से वसूली गई फीस का दोगुना जुर्माना लगाया जा सकता है।
-संस्थान का एप्रूवल एक साल के लिए सस्पेंड किया जा सकता है।
-एप्रूव्ड सीटों की संख्या में कमी की जा सकती है।
-एक साल तक संस्थान में दाखिलों पर रोक लगाई जा सकती है।
-संस्थान की मान्यता खत्म की जा सकती है।