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कार्यबहिष्कार के बाद पटरी पर लौटी रोडवेज सेवा
Updated Thu, 09 Aug 2018 02:12 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद से जुड़े 4200 कर्मचारियों के काम पर लौटने के बाद बुधवार को रोडवेज सेवा पटरी पर आ गई। मसूरी बस अड्डे से पर्वतीय मार्गों के लिए बसों का संचालन शुरू होने से यात्रियों और पर्यटकों को राहत मिली है।
गौरतलब है कि हड़ताल पर एस्मा लगे होने के बावजूद बीते मंगलवार को रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद से जुड़े हजारों कर्मचारी प्रत्येक महीने की पहली तारीख को वेतन देने समेत नौ सूत्री मांगों के समर्थन में कार्य बहिष्कार पर चले गए थे। इसके बाद पर्वतीय मार्गों के साथ ही टनकपुर और पिथौरागढ़ आदि रूटों की 70 से अधिक बसों का संचालन ठप हो गया था। यात्रियों को टैक्सी, निजी बस और ट्रेन से गंतव्य तक जाना पड़ा। वहीं, कार्यशाला और कार्यालयों का कामकाज पर भी प्रभावित रहा। हालांकि, परिवहन सचिव शैलेष बगोली से कर्मचारियों की वार्ता में मांगों पर सहमति बनने के बाद परिषद ने मंगलवार रात कार्य बहिष्कार समाप्त कर दिया। इसके बाद बाद बुधवार को स्थिति पटरी पर आ गई। यात्रियों के साथ ही पर्यटकों को मसूरी समेत अन्य पर्वतीय मार्गों के लिए आसानी से बसें मिलीं। संगठन के प्रदेश महामंत्री रामचंद्र रतूड़ी ने बताया कि परिवहन सचिव और प्रबंधन से वार्ता के बाद कार्य बहिष्कार खत्म कर दिया गया है।
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रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद से जुड़े 4200 कर्मचारियों के काम पर लौटने के बाद बुधवार को रोडवेज सेवा पटरी पर आ गई। मसूरी बस अड्डे से पर्वतीय मार्गों के लिए बसों का संचालन शुरू होने से यात्रियों और पर्यटकों को राहत मिली है।
गौरतलब है कि हड़ताल पर एस्मा लगे होने के बावजूद बीते मंगलवार को रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद से जुड़े हजारों कर्मचारी प्रत्येक महीने की पहली तारीख को वेतन देने समेत नौ सूत्री मांगों के समर्थन में कार्य बहिष्कार पर चले गए थे। इसके बाद पर्वतीय मार्गों के साथ ही टनकपुर और पिथौरागढ़ आदि रूटों की 70 से अधिक बसों का संचालन ठप हो गया था। यात्रियों को टैक्सी, निजी बस और ट्रेन से गंतव्य तक जाना पड़ा। वहीं, कार्यशाला और कार्यालयों का कामकाज पर भी प्रभावित रहा। हालांकि, परिवहन सचिव शैलेष बगोली से कर्मचारियों की वार्ता में मांगों पर सहमति बनने के बाद परिषद ने मंगलवार रात कार्य बहिष्कार समाप्त कर दिया। इसके बाद बाद बुधवार को स्थिति पटरी पर आ गई। यात्रियों के साथ ही पर्यटकों को मसूरी समेत अन्य पर्वतीय मार्गों के लिए आसानी से बसें मिलीं। संगठन के प्रदेश महामंत्री रामचंद्र रतूड़ी ने बताया कि परिवहन सचिव और प्रबंधन से वार्ता के बाद कार्य बहिष्कार खत्म कर दिया गया है।
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