{"_id":"5b5b85954f1c1b3b5a8b7694","slug":"191532724629-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहर पटरी मार्ग पर रहेगी तीसरी आंख की नजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहर पटरी मार्ग पर रहेगी तीसरी आंख की नजर
Updated Sat, 28 Jul 2018 02:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नहर पटरी मार्ग पर रहेगी तीसरी आंख की नजर
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। कांवड़ यात्रा में इस साल पहली बार गंग नहर पटरी मार्ग पर भी सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी। इसके लिए उत्तराखंड की सीमा में 35 किलोमीटर मार्ग पर 30 से अधिक कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा ऋषिकेश व नीलकंठ क्षेत्र से हरिद्वार शहर तक छह ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी। इस बार कांवड़ियों की संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के लिए फोर्स भी बढ़ाई गई है। पिछले साल साढ़े छह हजार के मुकाबले कांवड़ मेला क्षेत्र में पुलिस और पैरामिलिट्री के 7000 जवान तैनात रहेंगे।
इस साल कांवड़ पहली बार ऋषिकेश-नीलकंठ क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई गई है। यहां पहले की अपेक्षा ज्यादा पुलिस फोर्स तैनात रहेगी। कांवड़ियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए इस क्षेत्र को नौ जोन में बांटा गया है। इसमें से तीन सुपर जोन हैं। हरिद्वार शहर क्षेत्र में पिछले साल 97 सेक्टर बनाए गए थे, जबकि इस बार 100 सेक्टरों में बंटा है। इनमें 26 सामान्य जोन और सात सुपर जोन शामिल हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए हरिद्वार में छह कंपनी पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती की गई है, जबकि पुलिस के चार एसएसपी, 10 एसपी, 35 सीओ और पीएसी की 14 कंपनी तैनात की गई हैं।
एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अशोक कुमार ने बताया कि शनिवार से कांवड़ यात्रा प्रारंभ हो जाएगी। इससे पहले सभी सुपर जोन और जोन प्रभारियों को शुक्रवार शाम तक समस्त तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। इस साल पहली बार गंग नहर की पटरी पर भी सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि बाद में आने वाली शिकायतों की जांच की जा सके। इसके अलावा वहां सीसीटीवी कैमरों की निगरानी को देखते हुए असामाजिक तत्वों में भी भय उत्पन्न होगा। उन्होंने बताया कि पुलिस के सभी जिम्मेदार अधिकारियों और मीडिया व सोशल मीडिया के माध्यम से कांवड़ियों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई है।
विज्ञापन
--
रुड़की में भी एकीकृत कंट्रोल रूम बनाया
एडीजी अशोक कुमार ने बताया कि इस बार हरिद्वार की तर्ज पर रुड़की में भी एकीकृत कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसमें पुलिस के अलावा, चिकित्सा, पीडब्ल्यूडी, जल संस्थान, बिजली आदि विभागों के अधिकारी बैठेंगे। इस कंट्रोल रूम में प्राप्त होने वाली शिकायतों का चाहे वह किसी भी प्रकार की हों निस्तारण तत्काल किया जाएगा।
--
भगवा कपड़ों में मसूरी नहीं जा पाएंगे कांवड़िए
इस साल कांवड़ियों के मसूरी जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। एडीजी ने बताया कि कांवड़िये भगवा भेष में मसूरी नहीं जा सकेंगे। यदि उन्हें जाना है तो सामान्य व्यक्ति की तरह मसूरी जाना होगा। इस दौरान कांवड़ियों को जो कथित रियायत मिलती हैं वे मसूरी मार्ग पर नहीं दी जाएगी।
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। कांवड़ यात्रा में इस साल पहली बार गंग नहर पटरी मार्ग पर भी सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी। इसके लिए उत्तराखंड की सीमा में 35 किलोमीटर मार्ग पर 30 से अधिक कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा ऋषिकेश व नीलकंठ क्षेत्र से हरिद्वार शहर तक छह ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी। इस बार कांवड़ियों की संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के लिए फोर्स भी बढ़ाई गई है। पिछले साल साढ़े छह हजार के मुकाबले कांवड़ मेला क्षेत्र में पुलिस और पैरामिलिट्री के 7000 जवान तैनात रहेंगे।
इस साल कांवड़ पहली बार ऋषिकेश-नीलकंठ क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई गई है। यहां पहले की अपेक्षा ज्यादा पुलिस फोर्स तैनात रहेगी। कांवड़ियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए इस क्षेत्र को नौ जोन में बांटा गया है। इसमें से तीन सुपर जोन हैं। हरिद्वार शहर क्षेत्र में पिछले साल 97 सेक्टर बनाए गए थे, जबकि इस बार 100 सेक्टरों में बंटा है। इनमें 26 सामान्य जोन और सात सुपर जोन शामिल हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए हरिद्वार में छह कंपनी पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती की गई है, जबकि पुलिस के चार एसएसपी, 10 एसपी, 35 सीओ और पीएसी की 14 कंपनी तैनात की गई हैं।
विज्ञापन
एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अशोक कुमार ने बताया कि शनिवार से कांवड़ यात्रा प्रारंभ हो जाएगी। इससे पहले सभी सुपर जोन और जोन प्रभारियों को शुक्रवार शाम तक समस्त तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। इस साल पहली बार गंग नहर की पटरी पर भी सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि बाद में आने वाली शिकायतों की जांच की जा सके। इसके अलावा वहां सीसीटीवी कैमरों की निगरानी को देखते हुए असामाजिक तत्वों में भी भय उत्पन्न होगा। उन्होंने बताया कि पुलिस के सभी जिम्मेदार अधिकारियों और मीडिया व सोशल मीडिया के माध्यम से कांवड़ियों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई है।
विज्ञापन
--
रुड़की में भी एकीकृत कंट्रोल रूम बनाया
एडीजी अशोक कुमार ने बताया कि इस बार हरिद्वार की तर्ज पर रुड़की में भी एकीकृत कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसमें पुलिस के अलावा, चिकित्सा, पीडब्ल्यूडी, जल संस्थान, बिजली आदि विभागों के अधिकारी बैठेंगे। इस कंट्रोल रूम में प्राप्त होने वाली शिकायतों का चाहे वह किसी भी प्रकार की हों निस्तारण तत्काल किया जाएगा।
--
भगवा कपड़ों में मसूरी नहीं जा पाएंगे कांवड़िए
इस साल कांवड़ियों के मसूरी जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। एडीजी ने बताया कि कांवड़िये भगवा भेष में मसूरी नहीं जा सकेंगे। यदि उन्हें जाना है तो सामान्य व्यक्ति की तरह मसूरी जाना होगा। इस दौरान कांवड़ियों को जो कथित रियायत मिलती हैं वे मसूरी मार्ग पर नहीं दी जाएगी।