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रिमझिम बारिश के बीच माता के भजनों से सराबोर रहे श्रद्धालु
Updated Sat, 21 Jul 2018 02:12 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
सहारनपुर रोड स्थित मां डाट काली (घाटेवाली) मनोकामना सिद्धपीठ के 215वें वार्षिकोत्सव पर शुक्रवार को भव्य जागरण का आयोजन किया गया। इस दौरान रिमझिम बारिश के बीच डाट काली, भद्र काली, हनुमान मंदिर तीनों जगह एक साथ भजन-कीर्तन शुरू हुए। इस मौके पर रिमझिम बारिश के बीच श्रद्धालु माता के भजनों मेें सराबोर रहे। शनिवार को भंडारे के साथ मां डाट काली मंदिर के वार्षिकोत्सव का समापन होगा।
महंत रमन प्रसाद गोस्वामी ने शुक्रवार सुबह मां डाट काली की विशेष पूजा-अर्चना कराई। पूजा-आरती में पंडित शैलेंद्र थपलियाल, अनुप ममगांई और प्रवीन जुयाल ने भी सहयोग किया। इसके बाद दिनभर माता के दर्शन के लिए लोगों का तांता लगा रहा। रात नौ बजे डाट काली, भद्र काली, हनुमान मंदिर में ज्योती प्रज्ज्वलित की गई। इसके बाद पंजाब से पहुंचे भजन गायक सुरजीत ने सारे तीर्थ धाम आपके चरणों में, तू ही सच्ची सरकार मां डाट काली, लगिया ने मौजा लगाई रखी दातिए... आदि भजनों से श्रद्धालुओं को भक्ति रस से सराबोर कर दिया। इस बीच रुक-रुक कर हुई बारिश के बावजूद श्रद्धालु डटे रहे। रात 12 बजे पंजाब के गायक कंठ कलेर की मंडली ने सुबह चार बजे तक भजन-कीर्तन सुनाए। इसके अलावा भद्र काली मंदिर में दिल्ली के मन्नू नूर एंड पार्टी ने तूने मुझे बुलाया शेरा वालिए... आदि भजन गाए। हनुमान मंदिर में राजीव राजस्थानी एंड पार्टी ने भजन-कीर्तन सुनाए। इसके अलावा दिल्ली के मास्टर नैय्यर और अमन सागर एंड पार्टी ने भजनों के जरिए माता की महिमा बखान की। वहीं शुक्रवार शाम को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट मां डाट काली मंदिर में माथा टेकने पहुंचे।
दिनभर चला भंडारा, उमड़े लोग
मां डाट काली परिसर के अलावा सहारपुर रोड के कई स्थानों पर रात से ही कढ़ी चावल, पुलाव, खीर, पुड़ी आदि के भंडारे शुरू हो गए। मंदिर के सेवादार ने गौरव कुमार ने बताया कि श्रद्धालुओं की भीड़ देखते हुए सहारनपुर रोड पर वाहन शुक्र वार दोपहर के बाद से प्रतिबंधित कर दिए गए थे। हालांकि शाम 6 बजे तक दोपहिया वाहनों को जाने दिया गया। शाम 7 बजे के बाद रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया। गौरव कुमार ने बताया कि शनिवार सुबह 101 कन्याआें, पंडितों और संतों को भोग लगाने के बाद भंडारी शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही वार्षिकोत्सव का समापन होगा। उन्होंने मां डाट काली का वार्षिकोत्सव में सहारनपुर और दून पुलिस के सहयोग की सराहना की। कार्यक्रम में दिनेश अग्रवाल, नरसिंह दास, हरीश मारवा, रामपद जना, धर्म सोनकर, सन्नी, रोहित बेदी, शिवम गोयल, प्रभात जुयाल, सुनील चौहान, विनीत नागपाल, पवन सैनी, विशाल सूरी मौजूद रहे।
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पूजन के बाद घर ले गए बकरे
मंदिर में प्रतिबंधित बकरे की बलि के बावजूद कई लोग शुक्रवार को बकरे लेकर पहुंचे, लेकिन बलि के बजाय दर्शन-पूजन के बाद बकरे को अन्यत्र छोड़ने या घर ले जाने को कहा गया। भद्रकाली मंदिर के महंत रमन प्रसाद गोस्वामी का कहना है कि मंदिर के पूर्व महंत ने बलि प्रथा पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी। इसके बाद से बकरे की बलि नहीं कराई जाती है। इसके बावजूद कुछ श्रद्धालु बकरा लेकर पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद बकरे को अन्यत्र छोड़ने या घर ले जाने को कहा जाता है।
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सहारनपुर रोड स्थित मां डाट काली (घाटेवाली) मनोकामना सिद्धपीठ के 215वें वार्षिकोत्सव पर शुक्रवार को भव्य जागरण का आयोजन किया गया। इस दौरान रिमझिम बारिश के बीच डाट काली, भद्र काली, हनुमान मंदिर तीनों जगह एक साथ भजन-कीर्तन शुरू हुए। इस मौके पर रिमझिम बारिश के बीच श्रद्धालु माता के भजनों मेें सराबोर रहे। शनिवार को भंडारे के साथ मां डाट काली मंदिर के वार्षिकोत्सव का समापन होगा।
महंत रमन प्रसाद गोस्वामी ने शुक्रवार सुबह मां डाट काली की विशेष पूजा-अर्चना कराई। पूजा-आरती में पंडित शैलेंद्र थपलियाल, अनुप ममगांई और प्रवीन जुयाल ने भी सहयोग किया। इसके बाद दिनभर माता के दर्शन के लिए लोगों का तांता लगा रहा। रात नौ बजे डाट काली, भद्र काली, हनुमान मंदिर में ज्योती प्रज्ज्वलित की गई। इसके बाद पंजाब से पहुंचे भजन गायक सुरजीत ने सारे तीर्थ धाम आपके चरणों में, तू ही सच्ची सरकार मां डाट काली, लगिया ने मौजा लगाई रखी दातिए... आदि भजनों से श्रद्धालुओं को भक्ति रस से सराबोर कर दिया। इस बीच रुक-रुक कर हुई बारिश के बावजूद श्रद्धालु डटे रहे। रात 12 बजे पंजाब के गायक कंठ कलेर की मंडली ने सुबह चार बजे तक भजन-कीर्तन सुनाए। इसके अलावा भद्र काली मंदिर में दिल्ली के मन्नू नूर एंड पार्टी ने तूने मुझे बुलाया शेरा वालिए... आदि भजन गाए। हनुमान मंदिर में राजीव राजस्थानी एंड पार्टी ने भजन-कीर्तन सुनाए। इसके अलावा दिल्ली के मास्टर नैय्यर और अमन सागर एंड पार्टी ने भजनों के जरिए माता की महिमा बखान की। वहीं शुक्रवार शाम को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट मां डाट काली मंदिर में माथा टेकने पहुंचे।
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दिनभर चला भंडारा, उमड़े लोग
मां डाट काली परिसर के अलावा सहारपुर रोड के कई स्थानों पर रात से ही कढ़ी चावल, पुलाव, खीर, पुड़ी आदि के भंडारे शुरू हो गए। मंदिर के सेवादार ने गौरव कुमार ने बताया कि श्रद्धालुओं की भीड़ देखते हुए सहारनपुर रोड पर वाहन शुक्र वार दोपहर के बाद से प्रतिबंधित कर दिए गए थे। हालांकि शाम 6 बजे तक दोपहिया वाहनों को जाने दिया गया। शाम 7 बजे के बाद रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया। गौरव कुमार ने बताया कि शनिवार सुबह 101 कन्याआें, पंडितों और संतों को भोग लगाने के बाद भंडारी शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही वार्षिकोत्सव का समापन होगा। उन्होंने मां डाट काली का वार्षिकोत्सव में सहारनपुर और दून पुलिस के सहयोग की सराहना की। कार्यक्रम में दिनेश अग्रवाल, नरसिंह दास, हरीश मारवा, रामपद जना, धर्म सोनकर, सन्नी, रोहित बेदी, शिवम गोयल, प्रभात जुयाल, सुनील चौहान, विनीत नागपाल, पवन सैनी, विशाल सूरी मौजूद रहे।
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पूजन के बाद घर ले गए बकरे
मंदिर में प्रतिबंधित बकरे की बलि के बावजूद कई लोग शुक्रवार को बकरे लेकर पहुंचे, लेकिन बलि के बजाय दर्शन-पूजन के बाद बकरे को अन्यत्र छोड़ने या घर ले जाने को कहा गया। भद्रकाली मंदिर के महंत रमन प्रसाद गोस्वामी का कहना है कि मंदिर के पूर्व महंत ने बलि प्रथा पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी। इसके बाद से बकरे की बलि नहीं कराई जाती है। इसके बावजूद कुछ श्रद्धालु बकरा लेकर पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद बकरे को अन्यत्र छोड़ने या घर ले जाने को कहा जाता है।