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स्कूली वाहनों की जांच के लिए अभियान आज से
Updated Thu, 03 May 2018 02:24 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
वाहनों से बच्चों को स्कूल ले जाने में बरती जा रही लापरवाही के मद्देनजर परिवहन विभाग बृहस्पतिवार से विशेष जांच अभियान शुरू करेगा। इस बाबत अपर परिवहन आयुक्त ने एआरटीओ की अगुवाई में टीम गठित की है। यह टीम शहर के विभिन्न स्कूलों के पास वाहनों की जांच करेगी।
अपर परिवहन आयुक्त सुनीता सिंह ने बताया कि विशेष जांच अभियान के दौरान स्कूली वाहनों की फिटनेस के साथ ही चालकों के लाइसेंस, वाहनाें में छात्र-छात्राआें की संख्या समेत कई पहलुओं की जांच की जाएगी। अभियान के दौरान स्कूली बस संचालकों द्वारा एमवी एक्ट के निर्धारित मानकों के अनुपालन की भी जानकारियां जुटाई जाएंगी। इसके अलावा स्कूली वाहनों में फर्स्ट एड बाक्स, अग्निशमन उपकरण और इन उपकरणों की वैधता की जांच की जाएगी। अभियान के दौरान वाहन चालकाें की एल्कोमीटर से जांच की जाएगी। अपर परिवहन आयुक्त का कहना है कि निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वाले स्कूली वाहनों को सीज किया जाएगा। जांच टीम में एआरटीओ अरविंद कुमार पांडे, परिवहन कर अधिकारी रत्नाकर सिंह व श्वेता रौथाण को शामिल किया गया है।
स्कूली वाहनों में इन मानकों की हो रही अनदेखी
-ज्यादातर बसें लो फ्लोर नही हैं।
-स्कूली बसों में जाली नहीं लगाई गई हैं।
-बच्चों के बैग रखने की कोई व्यवस्था नहीं है।
-ज्यादातर वाहनों में निर्धारित संख्या से अधिक बच्चे ले जाए जा रहे हैं।
-फर्स्ट एड बॉक्स नहीं है। यदि है तो दवाइयां नदारद हैं।
-अग्नि सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं। यदि उपकरण है तो कई साल पुराने हैं।
---
स्कूली वाहनों की जांच के लिए टीम का गठन किया गया है। अभियान बृहस्पतिवार की सुबह से शुरू किया जाएगा। खामियां वाले स्कूली वाहनों को सीज किया जाएगा। टीम को सख्ती से जांच करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
विज्ञापन
--सुधांशु गर्ग, आरटीओ
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वाहनों से बच्चों को स्कूल ले जाने में बरती जा रही लापरवाही के मद्देनजर परिवहन विभाग बृहस्पतिवार से विशेष जांच अभियान शुरू करेगा। इस बाबत अपर परिवहन आयुक्त ने एआरटीओ की अगुवाई में टीम गठित की है। यह टीम शहर के विभिन्न स्कूलों के पास वाहनों की जांच करेगी।
अपर परिवहन आयुक्त सुनीता सिंह ने बताया कि विशेष जांच अभियान के दौरान स्कूली वाहनों की फिटनेस के साथ ही चालकों के लाइसेंस, वाहनाें में छात्र-छात्राआें की संख्या समेत कई पहलुओं की जांच की जाएगी। अभियान के दौरान स्कूली बस संचालकों द्वारा एमवी एक्ट के निर्धारित मानकों के अनुपालन की भी जानकारियां जुटाई जाएंगी। इसके अलावा स्कूली वाहनों में फर्स्ट एड बाक्स, अग्निशमन उपकरण और इन उपकरणों की वैधता की जांच की जाएगी। अभियान के दौरान वाहन चालकाें की एल्कोमीटर से जांच की जाएगी। अपर परिवहन आयुक्त का कहना है कि निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वाले स्कूली वाहनों को सीज किया जाएगा। जांच टीम में एआरटीओ अरविंद कुमार पांडे, परिवहन कर अधिकारी रत्नाकर सिंह व श्वेता रौथाण को शामिल किया गया है।
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स्कूली वाहनों में इन मानकों की हो रही अनदेखी
-ज्यादातर बसें लो फ्लोर नही हैं।
-स्कूली बसों में जाली नहीं लगाई गई हैं।
-बच्चों के बैग रखने की कोई व्यवस्था नहीं है।
-ज्यादातर वाहनों में निर्धारित संख्या से अधिक बच्चे ले जाए जा रहे हैं।
-फर्स्ट एड बॉक्स नहीं है। यदि है तो दवाइयां नदारद हैं।
-अग्नि सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं। यदि उपकरण है तो कई साल पुराने हैं।
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स्कूली वाहनों की जांच के लिए टीम का गठन किया गया है। अभियान बृहस्पतिवार की सुबह से शुरू किया जाएगा। खामियां वाले स्कूली वाहनों को सीज किया जाएगा। टीम को सख्ती से जांच करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
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--सुधांशु गर्ग, आरटीओ