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राजभवन में आज से सजेगा फूलों का संसार
Updated Sat, 24 Feb 2018 02:17 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
अगर आग पुष्प प्रेमी हैं तो इंतजार किस बात, चले आइए राजभवन देहरादून। आज से यहां फूलों का पूरा संसार सजेगा। दो दिवसीय वसंतोत्सव में ट्यूलिप, गुलाब, गेंदा और रजनीगंधा के अलावा कट फ्लावर के रूप में जरबेरा, कारनेशन, ग्लेडियोलस, लीलियम, आर्किड समेत फूलों की विभिन्न प्रजातियों का आप न केवल दीदार कर सकेंगे, बल्कि उनकी खुशबू में डूबे बिना नहीं रह पाएंगे। राज्यपाल डॉ.केके पाल ने शुक्रवार को राजभवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि इस बार राजभवन में 24 और 25 फरवरी को वसंतोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसके माध्यम से हमारी कोशिश यह जानने की भी रहेगी कि कैसे प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों के काश्तकारों के जीवन में समृद्धि और खुशहाली लाई जा सकती है।
राज्यपाल कहा कि वसंतोत्सव वर्तमान में दून की पहचान बन चुका है। राजभवन में वसंत उत्सव की परंपरा 2003 से शुरू की गई। पुष्प प्रदर्शनी के रूप में शुरू हुआ यह आयोजन अब एक बडे़ सांस्कृतिक एवं आर्थिक महोत्सव का रूप ले चुका है। यह केवल फूलों की प्रदर्शनी मात्र नहीं, बल्कि उत्तराखंड में फ्लोरीकल्चर की संभावनाओं का एक शोकेस भी है। उन्होंने कहा कि राज्यगठन से पहले प्रदेश में मात्र 150 हेक्टेयर में फूलों का उत्पादन होता था, जो अब बढ़कर 1493 हेक्टेयर तक फैल चुका है। उत्तराखंड में बल्गेरियन रोज जैसे खुशबूदार गुलाब की खेती को बढ़ावा देकर उसके व्यावसायिक दोहन से बहुत लाभ लिया जा सकता है।
इसकी देश में हर साल 15 टन की खपत है, जिसमें 12 से 13 टन आयात किया जा रहा है। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है। राज्य सरकार भी इसमें पूरे मनोयोग से जुटी है। वसंतोत्सव का प्रयोजन भी काश्तकारों की आमदनी का जरिया बढ़ाने के लिए है। उन्हें आधुनिक तकनीक और बाजार की मांग के अनुरूप उन्नत प्रजातियों के पुष्प उत्पादन के लिए प्रेरित करना है। सचिव रविनाथ रमन, सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम आदि मौजूद रहे।
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सुबह 11 शुरू हो जाएगा वसंतोत्सव
वसंतोत्सव का शुभारंभ 24 फरवरी को सुबह 11 बजे होगा। इस दिन दोपहर 12 बजे से शाम छह बजे तक और 25 फ रवरी को सुबह दस से शाम छह बजे तक पुष्प प्रदर्शनी जन सामान्य के लिए खुली रहेगी।
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इन प्रतियोगिताओं का होगा आयोजन
कट फ्लावर, पॉटेड प्लांट्स प्रबंधन, लूज फ्लावर प्रबंधन, पॉटेड प्लांट्स, कैक्टस एवं सकुलेंट्स, हैंगिंग पॉटस, ऑन द स्पॉट फोटोग्राफी, ताजे पुष्प दलों की रंगोली, स्कूली बच्चों की पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। नौ मुख्य प्रतियोगिताओं की श्रेणी में कुल कुल 51 उप श्रेणी है। इनमें प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार दिए जाएंगे। शौकिया तौर पर फूल उगाने वाले भी इस बार इसमें प्रतिभाग कर सकेंगे। वे खास प्रजाति के तीन फूलों के साथ पुष्प प्रदर्शनी में प्रतिभाग कर सकेेंगे।
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वसंतोत्सव के मुख्य आकर्षण
1. फू लों एवं प्राकृतिक सौंदर्य पर आधारित फोटो प्रदर्शनी
2. पेंटिंग एवं विशेष डाक टिकटों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी
3. लोक गीतों एवं नृत्यों पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम
4. आईटीबीपी की ओर से जूडो और कराटे का होगा प्रदर्शन
5. आईएमए, आईटीबीपी और पीएसी के बैंड होंगे आकर्षण
6. फूड कोर्ट में उत्तराखंडी व्यंजन उपलब्ध कराए जाएंगे
7. इस बार वसंतोत्सव पूरी तरह पॉलीथिन मुक्त रखा जाएगा
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इस बार जंबू होगा विशेष फूल
वसंतोत्सव में इस बार विशेष डाक कवर के विमोचन के लिए जंबू का चयन किया गया है। यह प्याज कुल का बहु वर्षीय पौधा है, जो बुग्याल वाले क्षेत्रों में 2500 मीटर से 4500 मीटर तक की ऊंचाई पर पाया जाता है। इसकी मुख्य रूप से सात प्रजातियां हैं। जंबू पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी जिले में पाया जाता है। इसकी पत्तियों और फूलों में एलिसिन नामक रसायन पाया जाता है, जो औषधीय रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। इसके प्रयोग से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। यह जोड़ों के दर्द को ठीक करने में बेहद उपयोगी है। उत्तराखंड में इसके सूखे पत्तों और फूलों को छौंक के रूप में प्रयोग किया जाता है। इससे पाचन संबंधी विकार नहीं होते।
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32 विभाग और संस्थानों के लगेेंगे स्टॉल
वसंतोत्सव में राज्य के 32 विभाग, शोध संस्थान, कृषि विश्वविद्यालय, बोर्ड, निगम, उद्यान विभाग, कृषि विभाग, वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून जड़ी बूटी शोध एवं विकास संस्थान, सगंध पौधा केंद्र, विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान अल्मोड़ा, बांस एवं रेसा बोर्ड, देहरादून वन विभाग, ओएनजीसी देहरादून आदि विभागों एवं संस्थानों की ओर से स्टॉल लगाए जाएंगे।
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अगर आग पुष्प प्रेमी हैं तो इंतजार किस बात, चले आइए राजभवन देहरादून। आज से यहां फूलों का पूरा संसार सजेगा। दो दिवसीय वसंतोत्सव में ट्यूलिप, गुलाब, गेंदा और रजनीगंधा के अलावा कट फ्लावर के रूप में जरबेरा, कारनेशन, ग्लेडियोलस, लीलियम, आर्किड समेत फूलों की विभिन्न प्रजातियों का आप न केवल दीदार कर सकेंगे, बल्कि उनकी खुशबू में डूबे बिना नहीं रह पाएंगे। राज्यपाल डॉ.केके पाल ने शुक्रवार को राजभवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि इस बार राजभवन में 24 और 25 फरवरी को वसंतोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसके माध्यम से हमारी कोशिश यह जानने की भी रहेगी कि कैसे प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों के काश्तकारों के जीवन में समृद्धि और खुशहाली लाई जा सकती है।
राज्यपाल कहा कि वसंतोत्सव वर्तमान में दून की पहचान बन चुका है। राजभवन में वसंत उत्सव की परंपरा 2003 से शुरू की गई। पुष्प प्रदर्शनी के रूप में शुरू हुआ यह आयोजन अब एक बडे़ सांस्कृतिक एवं आर्थिक महोत्सव का रूप ले चुका है। यह केवल फूलों की प्रदर्शनी मात्र नहीं, बल्कि उत्तराखंड में फ्लोरीकल्चर की संभावनाओं का एक शोकेस भी है। उन्होंने कहा कि राज्यगठन से पहले प्रदेश में मात्र 150 हेक्टेयर में फूलों का उत्पादन होता था, जो अब बढ़कर 1493 हेक्टेयर तक फैल चुका है। उत्तराखंड में बल्गेरियन रोज जैसे खुशबूदार गुलाब की खेती को बढ़ावा देकर उसके व्यावसायिक दोहन से बहुत लाभ लिया जा सकता है।
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इसकी देश में हर साल 15 टन की खपत है, जिसमें 12 से 13 टन आयात किया जा रहा है। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है। राज्य सरकार भी इसमें पूरे मनोयोग से जुटी है। वसंतोत्सव का प्रयोजन भी काश्तकारों की आमदनी का जरिया बढ़ाने के लिए है। उन्हें आधुनिक तकनीक और बाजार की मांग के अनुरूप उन्नत प्रजातियों के पुष्प उत्पादन के लिए प्रेरित करना है। सचिव रविनाथ रमन, सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम आदि मौजूद रहे।
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सुबह 11 शुरू हो जाएगा वसंतोत्सव
वसंतोत्सव का शुभारंभ 24 फरवरी को सुबह 11 बजे होगा। इस दिन दोपहर 12 बजे से शाम छह बजे तक और 25 फ रवरी को सुबह दस से शाम छह बजे तक पुष्प प्रदर्शनी जन सामान्य के लिए खुली रहेगी।
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इन प्रतियोगिताओं का होगा आयोजन
कट फ्लावर, पॉटेड प्लांट्स प्रबंधन, लूज फ्लावर प्रबंधन, पॉटेड प्लांट्स, कैक्टस एवं सकुलेंट्स, हैंगिंग पॉटस, ऑन द स्पॉट फोटोग्राफी, ताजे पुष्प दलों की रंगोली, स्कूली बच्चों की पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। नौ मुख्य प्रतियोगिताओं की श्रेणी में कुल कुल 51 उप श्रेणी है। इनमें प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार दिए जाएंगे। शौकिया तौर पर फूल उगाने वाले भी इस बार इसमें प्रतिभाग कर सकेंगे। वे खास प्रजाति के तीन फूलों के साथ पुष्प प्रदर्शनी में प्रतिभाग कर सकेेंगे।
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वसंतोत्सव के मुख्य आकर्षण
1. फू लों एवं प्राकृतिक सौंदर्य पर आधारित फोटो प्रदर्शनी
2. पेंटिंग एवं विशेष डाक टिकटों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी
3. लोक गीतों एवं नृत्यों पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम
4. आईटीबीपी की ओर से जूडो और कराटे का होगा प्रदर्शन
5. आईएमए, आईटीबीपी और पीएसी के बैंड होंगे आकर्षण
6. फूड कोर्ट में उत्तराखंडी व्यंजन उपलब्ध कराए जाएंगे
7. इस बार वसंतोत्सव पूरी तरह पॉलीथिन मुक्त रखा जाएगा
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इस बार जंबू होगा विशेष फूल
वसंतोत्सव में इस बार विशेष डाक कवर के विमोचन के लिए जंबू का चयन किया गया है। यह प्याज कुल का बहु वर्षीय पौधा है, जो बुग्याल वाले क्षेत्रों में 2500 मीटर से 4500 मीटर तक की ऊंचाई पर पाया जाता है। इसकी मुख्य रूप से सात प्रजातियां हैं। जंबू पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी जिले में पाया जाता है। इसकी पत्तियों और फूलों में एलिसिन नामक रसायन पाया जाता है, जो औषधीय रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। इसके प्रयोग से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। यह जोड़ों के दर्द को ठीक करने में बेहद उपयोगी है। उत्तराखंड में इसके सूखे पत्तों और फूलों को छौंक के रूप में प्रयोग किया जाता है। इससे पाचन संबंधी विकार नहीं होते।
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32 विभाग और संस्थानों के लगेेंगे स्टॉल
वसंतोत्सव में राज्य के 32 विभाग, शोध संस्थान, कृषि विश्वविद्यालय, बोर्ड, निगम, उद्यान विभाग, कृषि विभाग, वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून जड़ी बूटी शोध एवं विकास संस्थान, सगंध पौधा केंद्र, विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान अल्मोड़ा, बांस एवं रेसा बोर्ड, देहरादून वन विभाग, ओएनजीसी देहरादून आदि विभागों एवं संस्थानों की ओर से स्टॉल लगाए जाएंगे।