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और गंाजल भरकर चल दिए कांवडिए
Updated Sat, 08 Jul 2017 10:39 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
वर्ष का पवित्र सावन मास अभी लगा नहीं है और हजारों कांवड़ियों की वापसी भी शुरू हो गई है। राजस्थान जाने वाले शिवभक्त गंगाजल लेकर लौट रहे हैं। इनकी वापसी दिन के साथ-साथ रात में भी हो रही है। जो शिवभक्त चारधाम यात्रा पर गए थे या गौमुख-गंगोत्री में जल भरने गए थे वे भी अब हरिद्वार पहुंच चुके हैं।
इस समय राजस्थान के भरतपुर, गंगानगर और धौलपुर दौसा क्षेत्र के कांवड़ियों की वापसी जमकर हो रही है। चूंकि इन क्षेत्रों के शिवभक्तों को 400 से 500 किमी तक की पैदल यात्रा करनी है, अत: वे सावन से पहले घरों के लिए रवाना हो रहे हैं।
याद रहे कि सावन का गंगाजल 21 जुलाई को चढ़ाया जाना है और कांवड़िये प्रतिदिन 50 किमी से अधिक की यात्रा नहीं कर पाते। इस प्रकार उन्हें लौटने में कम से कम आठ दिन अवश्य लग जाएंगे। यही कारण है कि राजस्थान के कांवड़िये वापस भी लौटने लगे हैं। आज शनिवार से मध्य प्रदेश के कुछ भागों से भी कांवड़ियों का आगमन प्रारंभ हो गया है। इनकी वापसी पूर्णिमा की आधी रात से प्रारंभ हो जाएगी। मध्य प्रदेश के कांवड़िये भी राजस्थान के कांवड़ियों की भांति करीब 500 किमी की यात्रा करते हैं। हरियाणा और यूपी के कांवड़ियों का आगमन 14 जुलाई के आसपास तेज होगा। पूर्णिमा के साथ-साथ कांवड़ियों की भीड़ आने से धर्मनगरी में भारी भीड़ हो गई है। पूर्णिमा के स्नानार्थी रविवार की शाम लौट जाएंगे। बावजूद कांवड़ियों का आगमन निरंतर होता रहेगा। शनिवार और रविवार के अवकाश के चलते दिल्ली, एनसीआर तथा चंडीगढ़ से बड़ी संख्या में पर्यटकों का भी आगमन हुआ है।
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हरिद्वार।
वर्ष का पवित्र सावन मास अभी लगा नहीं है और हजारों कांवड़ियों की वापसी भी शुरू हो गई है। राजस्थान जाने वाले शिवभक्त गंगाजल लेकर लौट रहे हैं। इनकी वापसी दिन के साथ-साथ रात में भी हो रही है। जो शिवभक्त चारधाम यात्रा पर गए थे या गौमुख-गंगोत्री में जल भरने गए थे वे भी अब हरिद्वार पहुंच चुके हैं।
इस समय राजस्थान के भरतपुर, गंगानगर और धौलपुर दौसा क्षेत्र के कांवड़ियों की वापसी जमकर हो रही है। चूंकि इन क्षेत्रों के शिवभक्तों को 400 से 500 किमी तक की पैदल यात्रा करनी है, अत: वे सावन से पहले घरों के लिए रवाना हो रहे हैं।
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याद रहे कि सावन का गंगाजल 21 जुलाई को चढ़ाया जाना है और कांवड़िये प्रतिदिन 50 किमी से अधिक की यात्रा नहीं कर पाते। इस प्रकार उन्हें लौटने में कम से कम आठ दिन अवश्य लग जाएंगे। यही कारण है कि राजस्थान के कांवड़िये वापस भी लौटने लगे हैं। आज शनिवार से मध्य प्रदेश के कुछ भागों से भी कांवड़ियों का आगमन प्रारंभ हो गया है। इनकी वापसी पूर्णिमा की आधी रात से प्रारंभ हो जाएगी। मध्य प्रदेश के कांवड़िये भी राजस्थान के कांवड़ियों की भांति करीब 500 किमी की यात्रा करते हैं। हरियाणा और यूपी के कांवड़ियों का आगमन 14 जुलाई के आसपास तेज होगा। पूर्णिमा के साथ-साथ कांवड़ियों की भीड़ आने से धर्मनगरी में भारी भीड़ हो गई है। पूर्णिमा के स्नानार्थी रविवार की शाम लौट जाएंगे। बावजूद कांवड़ियों का आगमन निरंतर होता रहेगा। शनिवार और रविवार के अवकाश के चलते दिल्ली, एनसीआर तथा चंडीगढ़ से बड़ी संख्या में पर्यटकों का भी आगमन हुआ है।
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