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15 दिनों में जांच रिपोर्ट पेश करें
Updated Mon, 19 Jun 2017 09:59 PM IST
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उत्तरकाशी। जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने प्रसव पीड़िता को भर्ती न कराने और 108 सेवा के खराब होने का हवाला देकर जिम्मेदारी से बचने के मामले में सीएमओ को जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने मामले में 15 दिन में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। डीएम ने क हा कि 108 सेवा के वाहन खराब होने की बात करने से स्पष्ट है कि संबंधित अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं। बता दें कि
बता दें कि शनिवार को मोरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत चिकित्सक ने बिना किसी जांच के गर्भवती महिला का प्रसव कराने से इंकार करते हुए उसे पुरोला जाने को कह दिया था। पुरोला जाने के लिए 108 सेवा को फोन करने पर पता चला कि वह खराब है। इस पर महिला को निजी वाहन से पुरोला लाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही महिला ने वाहन में बच्चे को जन्म दे दिया। इसी तरह रविवार तड़के मातली निवासी संतोषी देवी को प्रसव पीड़ा हुई तो परिजनों ने 108 सेवा को फोन किया। 108 सेवा से कहा गया कि वाहन खराब है। इस पर परिजन किसी तरह अखबार के वाहन में पीड़िता को अस्पताल ले जा रहे थे लेकिन महिला ने अस्पताल पहुंचने से पहले तांबाखाणी सुरंग के भीतर ही वाहन में बच्चे को जन्म दे दिया। बाद मेें महिला को अस्पताल में भर्ती कराया।
उक्त दोनों घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने सीएमओ को जांच के निर्देश देकर 15 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। डीएम ने कहा कि 108 वाहन खराब होने पर अन्य वाहन की व्यवस्था की जा सकती थी। जिला अस्पताल को सूचना देकर प्रसव पीड़िता को अन्य वाहन से अस्पताल पहुंचाया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया जो लापरवाही है। जांच रिपोर्ट आने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि शनिवार को मोरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत चिकित्सक ने बिना किसी जांच के गर्भवती महिला का प्रसव कराने से इंकार करते हुए उसे पुरोला जाने को कह दिया था। पुरोला जाने के लिए 108 सेवा को फोन करने पर पता चला कि वह खराब है। इस पर महिला को निजी वाहन से पुरोला लाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही महिला ने वाहन में बच्चे को जन्म दे दिया। इसी तरह रविवार तड़के मातली निवासी संतोषी देवी को प्रसव पीड़ा हुई तो परिजनों ने 108 सेवा को फोन किया। 108 सेवा से कहा गया कि वाहन खराब है। इस पर परिजन किसी तरह अखबार के वाहन में पीड़िता को अस्पताल ले जा रहे थे लेकिन महिला ने अस्पताल पहुंचने से पहले तांबाखाणी सुरंग के भीतर ही वाहन में बच्चे को जन्म दे दिया। बाद मेें महिला को अस्पताल में भर्ती कराया।
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उक्त दोनों घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने सीएमओ को जांच के निर्देश देकर 15 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। डीएम ने कहा कि 108 वाहन खराब होने पर अन्य वाहन की व्यवस्था की जा सकती थी। जिला अस्पताल को सूचना देकर प्रसव पीड़िता को अन्य वाहन से अस्पताल पहुंचाया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया जो लापरवाही है। जांच रिपोर्ट आने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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