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लोकसभा चुनाव 2019: मैदान में उतरने के लिए प्रत्याशियों को देना पड़ेगा लाखों रुपये का टैक्स

Thu, 14 Mar 2019 09:55 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 14 Mar 2019 09:55 AM IST
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Lok sabha elections 2019 this time candidate will pay big amount of tax
प्रतीकात्मक तस्वीर

लोकसभा चुनाव में किस्मत आजमाने वाले प्रत्याशियों को इस बार चुनावी खर्च पर जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) भी देना होगा। प्रचार के दौरान किसी प्रत्याशी ने चाय पिलाई तो खर्च का ब्योरा देते समय उस पर 12 फीसदी जीएसटी अतिरिक्त जुड़ेगा। एक प्रत्याशी के लिए प्रचार पर खर्च की सीमा जीएसटी समेत 70 लाख रुपये तय की है। इस राशि में करीब सात-आठ लाख रुपये जीएसटी के रूप में ही जमा होंगे।

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जीएसटी लागू होने के बाद देश में भले ही पहले भी विभिन्न राज्यों में हुए चुनावों में प्रत्याशी टैक्स दे चुके हैं। लेकिन, उत्तराखंड में किसी चुनाव में यह पहला मौका है। इससे पहले प्रदेश में निकाय चुनाव हुए थे, लेकिन उसमें जीएसटी का प्रावधान नहीं किया गया था। इस बार लोकसभा चुनाव में खर्च की विभिन्न मदों पर जीएसटी दरें तय की गईं हैं। चाय से लेकर समोसा और पानी पर अतिरिक्त जीएसटी देना होगा। खाने-पीने की अधिकतर वस्तुओं पर प्रत्याशी को 12 फीसदी जीएसटी जमा करना होगा।

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कुल खर्च की सीमा जीएसटी समेत 70 लाख रुपये

जबकि, सेवा संबंधी मदों (टैंट, बसों और अन्य वाहनों का किराया, लाउड स्पीकर आदि) पर 18 फीसदी जीएसटी देय है। मुख्य कोषाधिकारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि प्रत्याशियों के लिए कुल खर्च की सीमा जीएसटी समेत 70 लाख रुपये तय की है। आयोग ने प्रचार के लिए 74 मदें तय की हैं। उनमें से कुछ को जीएसटी मुक्त भी रखा है।

 

सामान्यता जीएसटी दरें औसतन 12 फीसदी मान ली जाए तो एक प्रत्याशी के करीब आठ लाख रुपये जीएसटी के रूप में जमा होंगे। इससे साफ है प्रत्याशियों को इस बार सोच समझकर और सावधानी से खर्च करना होगा। सभी खर्चों का पक्का बिल जमा करना होगा।

बिना सीए नहीं बनेगी बात

इस बार चुनाव आयोग को हिसाब देना किसी भी प्रत्याशी के लिए आसान नहीं होगा। माना जा रहा है कि प्रत्याशियों को इस बार 70 लाख रुपये का हिसाब देने में चार्टेड अकाउंटेंट की मदद लेनी पड़ सकती है।

...तो सभी पिलाएंगे रेस्टोरेंट में चाय
चाय पिलाने पर जीएसटी तय होने से साफ है कि प्रत्याशी को इसका पक्का बिल जमा कराना होगा। जबकि छोटे कारोबारियों, मसलन चाय की ठेलियों और दुकानों आदि पर बिल पक्का नहीं मिल पाएगा। ऐसे में किसी प्रत्याशी को यदि अपने समर्थकों को चाय पिलानी है तो उसे उन्हें ऐसे रेस्टोरेंट में ले जाना होगा जहां से उसे पक्का बिल मिल जाए।

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ये है मदों की लिस्ट और उस पर अतिरिक्त जीएसटी

मद दर जीएसटी (अतिरिक्त)
नाश्ता   60   12
चाय   10   12
समोसा   10   12
खाना   100   12
पानी(1ली)   20  18
लाउड स्पीकर 1000 18
(नाश्ता आदि की दर रुपये और लाउड स्पीकर रुपये प्रतिदिन है)

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