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रेणुका बहुउद्देशीय जलविद्युत परियोजना का निर्माण समझौता आज
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रेणुका बहुउद्देशीय जलविद्युत परियोजना का निर्माण समझौता आज
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में गिरी नदी पर प्रस्तावित 40 मेगावाट की रेणुका बहुउद्देशीय जल विद्युत परियोजना के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। केंद्रीय जल संसाधन मंत्री की मौजूदगी में शुक्रवार को उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, यूपी, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री परियोजना के निर्माण समझौते पर संयुक्त रूप से हस्ताक्षर करेंगे।
40 मेगावाट क्षमता वाली इस बहुउद्देशीय जलविद्युत परियोजना के निर्माण से जहां बिजली उत्पादन होगा, वहीं छह राज्यों के लोगों को पीने के पानी के साथ ही सिंचाई के लिए जल की उपलब्धता होगी। समझौते पर हस्ताक्षर के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, ऊर्जा सचिव राधिका झा समेत कई आला अफसर दिल्ली पहुंच गए हैं।
ऊर्जा सचिव राधिका झा ने बताया कि रेणुका बहुउद्देशीय जलविद्युत परियोजना 27 साल से रुकी हुई है। परियोजना के तहत गिरी नदी पर 139 मीटर ऊंचा बांध बनाया जाना है। बांध के जलाशय में 514.32 एमसीएम पानी इकट्ठा किया जाएगा। परियोजना पर 4596.76 करोड़ रुपये का खर्च किए जाएंगे। परियोजना के निर्माण पर आने वाला खर्च का 90 फीसदी खर्च केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इस योजना के पूरा होने से छह राज्योें को बिजली मिलेगी। परियोजना से होने वाले सिंचाई व जल संबंधी लाभों का बंटवारा इन राज्यों के बीच में किया जाएगा।
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उल्लेखनीय है कि इस महत्वाकांक्षी जलविद्युत परियोजना को साल 2008 में राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया है। रेणुका बहुउद्देशीय परियोजना के समझौता पत्र को यमुना रिवर बोर्ड की ओर से अप्रैल 2018 में सभी राज्यों को अनुमोदन के लिए भेजा गया था। जिसका उत्तराखंड सरकार की ओर से पिछले साल 15 अक्टूबर को अनापत्ति प्रमाणपत्र भेज दिया गया था।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में गिरी नदी पर प्रस्तावित 40 मेगावाट की रेणुका बहुउद्देशीय जल विद्युत परियोजना के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। केंद्रीय जल संसाधन मंत्री की मौजूदगी में शुक्रवार को उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, यूपी, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री परियोजना के निर्माण समझौते पर संयुक्त रूप से हस्ताक्षर करेंगे।
40 मेगावाट क्षमता वाली इस बहुउद्देशीय जलविद्युत परियोजना के निर्माण से जहां बिजली उत्पादन होगा, वहीं छह राज्यों के लोगों को पीने के पानी के साथ ही सिंचाई के लिए जल की उपलब्धता होगी। समझौते पर हस्ताक्षर के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, ऊर्जा सचिव राधिका झा समेत कई आला अफसर दिल्ली पहुंच गए हैं।
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ऊर्जा सचिव राधिका झा ने बताया कि रेणुका बहुउद्देशीय जलविद्युत परियोजना 27 साल से रुकी हुई है। परियोजना के तहत गिरी नदी पर 139 मीटर ऊंचा बांध बनाया जाना है। बांध के जलाशय में 514.32 एमसीएम पानी इकट्ठा किया जाएगा। परियोजना पर 4596.76 करोड़ रुपये का खर्च किए जाएंगे। परियोजना के निर्माण पर आने वाला खर्च का 90 फीसदी खर्च केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इस योजना के पूरा होने से छह राज्योें को बिजली मिलेगी। परियोजना से होने वाले सिंचाई व जल संबंधी लाभों का बंटवारा इन राज्यों के बीच में किया जाएगा।
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उल्लेखनीय है कि इस महत्वाकांक्षी जलविद्युत परियोजना को साल 2008 में राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया है। रेणुका बहुउद्देशीय परियोजना के समझौता पत्र को यमुना रिवर बोर्ड की ओर से अप्रैल 2018 में सभी राज्यों को अनुमोदन के लिए भेजा गया था। जिसका उत्तराखंड सरकार की ओर से पिछले साल 15 अक्टूबर को अनापत्ति प्रमाणपत्र भेज दिया गया था।