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यशोदा मैया एक साथ करती थीं तीन कार्य : उपाध्याय
Updated Tue, 20 Nov 2018 02:07 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
कालिका मंदिर मार्ग स्थित कालिका मंदिर चल रही श्रीमद्भागवत कथा में पंडित देवेंद्र शास्त्री उपाध्याय ने भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि यशोदा मैया एक साथ तीन कार्य करती थीं। शरीर से दही का मंथन, मन से कृष्ण लीलाओं का चिंतन और वाणी से कृष्ण नाम गाती थीं।
पंडित उपाध्याय ने कहा कि भगवान कृष्ण ने वृंदावन आकर गायों का पूजन किया था। इसके चलते उन्हें गोपाल के नाम से जाना जाने लगा। जब गोपाल गायों को वन में लेकर जाते थे, तब गोपियों का मन घर में नहीं लगता था। उपाध्याय ने बंसी को शिवजी का अवतार बताते हुए कहा कि राम अवतार में हनुमान थे वही बंसी का रूप लेकर आए और भगवान कृष्ण ने उनकी सेवा की। इस अवसर पर मंदिर समिति की मंडली की ओर से भजन संध्या का आयोजन किया गया। भजन संध्या में प्रमोद श्रीवास्तव और साथियों ने तेरी गलियों में आने जाने से हमको रुला दिया हम तुमको ढूंढ लेंगे, मुरली वाले की क्या बात है, अगर श्याम ना होते तो हम जैसों का क्या होता... आदि भजनों की प्रस्तुति दी इस अवसर पर दयाल धवन, साहिब राम डोरा, एलडी भाटिया, उमेश मिनोचा, जितेंदर अरोरा, प्रेम आनंद, महेश डोरा, पंडित चंदर प्रकाश ममगाईं, अशोक मित्तल, नंद कुमार आनंद, संजय आनंद, महेश डोरा आदि मौजूद रहे।
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कालिका मंदिर मार्ग स्थित कालिका मंदिर चल रही श्रीमद्भागवत कथा में पंडित देवेंद्र शास्त्री उपाध्याय ने भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि यशोदा मैया एक साथ तीन कार्य करती थीं। शरीर से दही का मंथन, मन से कृष्ण लीलाओं का चिंतन और वाणी से कृष्ण नाम गाती थीं।
पंडित उपाध्याय ने कहा कि भगवान कृष्ण ने वृंदावन आकर गायों का पूजन किया था। इसके चलते उन्हें गोपाल के नाम से जाना जाने लगा। जब गोपाल गायों को वन में लेकर जाते थे, तब गोपियों का मन घर में नहीं लगता था। उपाध्याय ने बंसी को शिवजी का अवतार बताते हुए कहा कि राम अवतार में हनुमान थे वही बंसी का रूप लेकर आए और भगवान कृष्ण ने उनकी सेवा की। इस अवसर पर मंदिर समिति की मंडली की ओर से भजन संध्या का आयोजन किया गया। भजन संध्या में प्रमोद श्रीवास्तव और साथियों ने तेरी गलियों में आने जाने से हमको रुला दिया हम तुमको ढूंढ लेंगे, मुरली वाले की क्या बात है, अगर श्याम ना होते तो हम जैसों का क्या होता... आदि भजनों की प्रस्तुति दी इस अवसर पर दयाल धवन, साहिब राम डोरा, एलडी भाटिया, उमेश मिनोचा, जितेंदर अरोरा, प्रेम आनंद, महेश डोरा, पंडित चंदर प्रकाश ममगाईं, अशोक मित्तल, नंद कुमार आनंद, संजय आनंद, महेश डोरा आदि मौजूद रहे।
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