{"_id":"5ae8d4e84f1c1b360b8b7a7b","slug":"181525208296-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाबालिग के अपहरण पर दो साल की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नाबालिग के अपहरण पर दो साल की कैद
Updated Wed, 02 May 2018 02:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
नाबालिग के अपहरण के मामले में दोषी पाए गए युवक को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश, पॉक्सो रमा पांडेय ने दो साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं सबूतों के अभाव में कोर्ट ने युवक को दुष्कर्म के आरोप से बरी कर दिया है।
शासकीय अधिवक्ता बीएस नेगी के अनुसार सहसपुर निवासी वादी ने 28 दिसंबर 2016 को अपनी 17 वर्षीय बेटी के कहीं चले जाने की तहरीर दी थी। जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने 18 जनवरी 2017 को पीड़िता को आरोपी सोनू के साथ बरामद किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से पांच गवाह पेश किए गए। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि आरोपी उसे बहला-फुसलाकर ले गया था। हालांकि पीड़िता ने दुष्कर्म की बात से इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने पीड़िता की उम्र को लेकर तर्क रखे, लेकिन मेडिकल जांच में पीड़िता के नाबालिग होने की पुष्टि हुई। इसके बाद न्यायालय ने सोनू को अपहरण का दोषी पाते हुए दो वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर सोनू को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विज्ञापन
नाबालिग के अपहरण के मामले में दोषी पाए गए युवक को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश, पॉक्सो रमा पांडेय ने दो साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं सबूतों के अभाव में कोर्ट ने युवक को दुष्कर्म के आरोप से बरी कर दिया है।
शासकीय अधिवक्ता बीएस नेगी के अनुसार सहसपुर निवासी वादी ने 28 दिसंबर 2016 को अपनी 17 वर्षीय बेटी के कहीं चले जाने की तहरीर दी थी। जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने 18 जनवरी 2017 को पीड़िता को आरोपी सोनू के साथ बरामद किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से पांच गवाह पेश किए गए। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि आरोपी उसे बहला-फुसलाकर ले गया था। हालांकि पीड़िता ने दुष्कर्म की बात से इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने पीड़िता की उम्र को लेकर तर्क रखे, लेकिन मेडिकल जांच में पीड़िता के नाबालिग होने की पुष्टि हुई। इसके बाद न्यायालय ने सोनू को अपहरण का दोषी पाते हुए दो वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर सोनू को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विज्ञापन