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दुर्गम
Updated Wed, 18 Apr 2018 10:40 PM IST
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पौड़ी। वर्षों तक दुर्गम में सेवाएं देने वाले कर्मियों को भी फिर से पहाड़ चढ़ना होगा। तबादला एक्ट के लागू होने से अब ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों को भी पुन: पहाड़ में तैनाती देनी होगी, जो वर्षों तक दुर्गम में तैनात रहे हैं, लेकिन संपूर्ण सेवाकाल में सुगम क्षेत्र में उनकी तैनाती दस वर्ष से अधिक है।
प्रदेश में तबादला एक्ट के लागू होने से इन दिनों विभिन्न विभागों के कर्मचारियों और अधिकारियों में खलबली मची हुई है। ऐसे अधिकारी और कर्मचारी खासे चिंतित हैं, जो पांच से छह साल तक पूर्व में दुर्गम की सेेवा कर चुके हैं, लेकिन उनके संपूर्ण सेवाकाल में सुगम की सेवा 10 वर्ष से अधिक हो रही है। इन कर्मचारियों और अधिकारियों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि वर्षों तक दुर्गम में सेवाएं देने के बाद भी उन्हें पहाड़ चढ़ाया जा रहा है।
यह किया गया है प्रावधान
लोक सेवकों के वार्षिक स्थानांतरण के लिए अधिनियम की धारा 7 एवं 10 में सुगम- दुर्गम स्थानांतरण के लिए प्रावधान किया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि ऐसे कर्मचारी, जिनकी संपूर्ण सेवाकाल में सुगम क्षेत्र में तैनाती दस वर्ष से अधिक है, उन्हें सुगम क्षेत्र से दुर्गम क्षेत्र में भेजा जाएगा। अब विभिन्न विभागों के हजारों कर्मचारी और अधिकारी इस दायरे में आ रहे हैं, जो पूर्व में पहाड़ चढ़ चुके हैं।
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कोट-------
मैंने अभी तबादला एक्ट का अध्ययन नहीं किया। यदि इसमें किसी तरह की कोई खामी है तो एक जनप्रतिनिधि होने के नाते इससे मुख्यमंत्री को जरूर अवगत कराया जाएगा।
-मुकेश कोली, विधायक पौड़ी
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प्रदेश में तबादला एक्ट के लागू होने से इन दिनों विभिन्न विभागों के कर्मचारियों और अधिकारियों में खलबली मची हुई है। ऐसे अधिकारी और कर्मचारी खासे चिंतित हैं, जो पांच से छह साल तक पूर्व में दुर्गम की सेेवा कर चुके हैं, लेकिन उनके संपूर्ण सेवाकाल में सुगम की सेवा 10 वर्ष से अधिक हो रही है। इन कर्मचारियों और अधिकारियों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि वर्षों तक दुर्गम में सेवाएं देने के बाद भी उन्हें पहाड़ चढ़ाया जा रहा है।
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यह किया गया है प्रावधान
लोक सेवकों के वार्षिक स्थानांतरण के लिए अधिनियम की धारा 7 एवं 10 में सुगम- दुर्गम स्थानांतरण के लिए प्रावधान किया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि ऐसे कर्मचारी, जिनकी संपूर्ण सेवाकाल में सुगम क्षेत्र में तैनाती दस वर्ष से अधिक है, उन्हें सुगम क्षेत्र से दुर्गम क्षेत्र में भेजा जाएगा। अब विभिन्न विभागों के हजारों कर्मचारी और अधिकारी इस दायरे में आ रहे हैं, जो पूर्व में पहाड़ चढ़ चुके हैं।
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मैंने अभी तबादला एक्ट का अध्ययन नहीं किया। यदि इसमें किसी तरह की कोई खामी है तो एक जनप्रतिनिधि होने के नाते इससे मुख्यमंत्री को जरूर अवगत कराया जाएगा।
-मुकेश कोली, विधायक पौड़ी