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महिला मरीज के इलाज में कोताही पर परिजनों का हंगामा
Updated Sun, 15 Apr 2018 02:20 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला /देहरादून।
दून अस्पताल में गर्भवती महिला के इलाज में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों व पैरा मेडिकल द्वारा कोताही बरतने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान मौके पर पहुंची पुलिस ने हंगामा कर रहे परिजनों को शांत कराया। इसके बाद सीनियर डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया।
घटनाक्रम के मुताबिक कालसी निवासी नरेंद्र सिंह की गर्भवती पत्नी मधु सिंह की तबीयत बिगड़ने पर परिजन शनिवार को कालसी स्थित एक निजी अस्पताल ले गए थे। जहां के डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि बच्चे की गर्भ में ही मौत हो चुकी है और मधु को दून अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों के अनुसार मधु के इलाज को लेकर दून अस्पताल के स्टॉफ का रवैया काफी उपेक्षापूर्ण रहा। परिजनों का कहना था कि बच्चे की गर्भ में मौत हो चुकी है लिहाजा वह समय रहते प्रसूता की जान बचाएं, लेकिन डॉक्टर मामले को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहे थे। यह देख मधु के पति नरेंद्र सिंह और अन्य परिजनों ने हंगामा कर दिया। हंगामे की सूचना पर पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और परिजनों को शांत कराया। इसके बाद ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों ने सीनियर डॉक्टरों को बुलाया और मधु का इलाज शुरू किया गया। इस संबंध में महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. मीनाक्षी जोशी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन नहीं उठा। वहीं मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके टॅम्टा का कहना है कि उन्हें प्रकरण की जानकारी नहीं है।
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दून अस्पताल में गर्भवती महिला के इलाज में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों व पैरा मेडिकल द्वारा कोताही बरतने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान मौके पर पहुंची पुलिस ने हंगामा कर रहे परिजनों को शांत कराया। इसके बाद सीनियर डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया।
घटनाक्रम के मुताबिक कालसी निवासी नरेंद्र सिंह की गर्भवती पत्नी मधु सिंह की तबीयत बिगड़ने पर परिजन शनिवार को कालसी स्थित एक निजी अस्पताल ले गए थे। जहां के डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि बच्चे की गर्भ में ही मौत हो चुकी है और मधु को दून अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों के अनुसार मधु के इलाज को लेकर दून अस्पताल के स्टॉफ का रवैया काफी उपेक्षापूर्ण रहा। परिजनों का कहना था कि बच्चे की गर्भ में मौत हो चुकी है लिहाजा वह समय रहते प्रसूता की जान बचाएं, लेकिन डॉक्टर मामले को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहे थे। यह देख मधु के पति नरेंद्र सिंह और अन्य परिजनों ने हंगामा कर दिया। हंगामे की सूचना पर पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और परिजनों को शांत कराया। इसके बाद ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों ने सीनियर डॉक्टरों को बुलाया और मधु का इलाज शुरू किया गया। इस संबंध में महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. मीनाक्षी जोशी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन नहीं उठा। वहीं मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके टॅम्टा का कहना है कि उन्हें प्रकरण की जानकारी नहीं है।
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