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गर्मियों में 120 मोहल्ले झेलेंगे पेयजल संकट
Updated Wed, 21 Feb 2018 01:36 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
गर्मियों में शहर के 120 मोहल्ले पेयजल संकट झेलेंगे। कम बारिश होने की वजह से इन क्षेत्रों में गर्मियों में पानी की किल्लत होगी। जल संस्थान ने पानी की उपलब्धता के नजरिए से इन्हें संवेदनशीलता की श्रेणी में रखा है। मुख्यालय स्तर से संवेदनशील क्षेत्रों के लिए विशेष तैयारियां की जा रही है। ऐसी जगहों के लिए टैंकरों और जनरेटरों की व्यवस्था की जा रही है।
सर्दियों में हुई कम बारिश ने इस बार जल संस्थान की परेशानी बढ़ा दी है। इसी के मद्देनजर विभाग ने पानी की किल्लत से निपटने को तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। मुख्यालय के निर्देश पर सभी शाखाओं ने अपने इलाकों में 102 संवेदनशील क्षेत्र चिन्हित किए हैं। यहां अधिकतर जगहों पर टैंकरों और बिजली की वजह से आने वाले व्यवधान को देखते हुए जनरेटरों की भी व्यवस्था की जा रही है। .......................
यहां भी दिक्कत
कम बारिश की वजह से प्राकृतिक स्त्रोत वाले क्षेत्रों में ज्यादा दिक्कत हो सकती है, क्योंकि स्त्रोत जल्द सूख सकते हैं। इससे राजपुर का ऊपरी हिस्सा अधिक प्रभावित होगा तो वहीं बांदल और बीजापुर का पानी घटने से वाटर वर्क्स पहुंचने वाला पानी भी कम हो सकता है। विभाग को चिंता है कि जल स्त्रोत से मिलने वाले पानी को कैसे बढ़ाया जाए।
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कहां-कितने संवेदनशील क्षेत्र
पित्थूवाला- 50
दक्षिण- 35
उत्तर- 20
रायपुर-15
.....................
इन क्षेत्रों में हो सकती है किल्लत
जोहड़ी गांव, जागृति एनक्लेव, अमन विहार, केवल विहार, कौलागढ़ रोड, गंगोत्री विहार, चिड़ोवाली, डीएल रोड, अंबेडकर कॉलोनी, नेशविला रोड, मुस्लिम कॉलोनी, पथरी बाग, बलबीर रोड, मोहिनी रोड, चुक्खूवाला, स्मिथनगर, मोहब्बेवाला, हरबंस वाला, आसारोड़ी, देवपुरम तुनवाला, देवाशिष एनक्लेव, गढ़वाली कॉलोनी, गुलाब बस्ती, आदर्श कॉलोनी, सारथी विहार, देवांचल विहार, ज्योति विहार, अपर नकरौंदा, लोअर नकरौंदा आदि
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सभी संवेदनशील क्षेत्रों की सूची मुख्यालय पहुंच गई है। विभाग के अधिशासी अभियंताओं से ऐसी जगहों पर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। इसके साथ ही ऐसे क्षेत्रों में लगातार टैंकरों से सप्लाई दिए जाने को भी कहा गया है।
एसके गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक, जल संस्थान
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गर्मियों में शहर के 120 मोहल्ले पेयजल संकट झेलेंगे। कम बारिश होने की वजह से इन क्षेत्रों में गर्मियों में पानी की किल्लत होगी। जल संस्थान ने पानी की उपलब्धता के नजरिए से इन्हें संवेदनशीलता की श्रेणी में रखा है। मुख्यालय स्तर से संवेदनशील क्षेत्रों के लिए विशेष तैयारियां की जा रही है। ऐसी जगहों के लिए टैंकरों और जनरेटरों की व्यवस्था की जा रही है।
सर्दियों में हुई कम बारिश ने इस बार जल संस्थान की परेशानी बढ़ा दी है। इसी के मद्देनजर विभाग ने पानी की किल्लत से निपटने को तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। मुख्यालय के निर्देश पर सभी शाखाओं ने अपने इलाकों में 102 संवेदनशील क्षेत्र चिन्हित किए हैं। यहां अधिकतर जगहों पर टैंकरों और बिजली की वजह से आने वाले व्यवधान को देखते हुए जनरेटरों की भी व्यवस्था की जा रही है। .......................
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यहां भी दिक्कत
कम बारिश की वजह से प्राकृतिक स्त्रोत वाले क्षेत्रों में ज्यादा दिक्कत हो सकती है, क्योंकि स्त्रोत जल्द सूख सकते हैं। इससे राजपुर का ऊपरी हिस्सा अधिक प्रभावित होगा तो वहीं बांदल और बीजापुर का पानी घटने से वाटर वर्क्स पहुंचने वाला पानी भी कम हो सकता है। विभाग को चिंता है कि जल स्त्रोत से मिलने वाले पानी को कैसे बढ़ाया जाए।
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कहां-कितने संवेदनशील क्षेत्र
पित्थूवाला- 50
दक्षिण- 35
उत्तर- 20
रायपुर-15
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इन क्षेत्रों में हो सकती है किल्लत
जोहड़ी गांव, जागृति एनक्लेव, अमन विहार, केवल विहार, कौलागढ़ रोड, गंगोत्री विहार, चिड़ोवाली, डीएल रोड, अंबेडकर कॉलोनी, नेशविला रोड, मुस्लिम कॉलोनी, पथरी बाग, बलबीर रोड, मोहिनी रोड, चुक्खूवाला, स्मिथनगर, मोहब्बेवाला, हरबंस वाला, आसारोड़ी, देवपुरम तुनवाला, देवाशिष एनक्लेव, गढ़वाली कॉलोनी, गुलाब बस्ती, आदर्श कॉलोनी, सारथी विहार, देवांचल विहार, ज्योति विहार, अपर नकरौंदा, लोअर नकरौंदा आदि
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सभी संवेदनशील क्षेत्रों की सूची मुख्यालय पहुंच गई है। विभाग के अधिशासी अभियंताओं से ऐसी जगहों पर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। इसके साथ ही ऐसे क्षेत्रों में लगातार टैंकरों से सप्लाई दिए जाने को भी कहा गया है।
एसके गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक, जल संस्थान