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फिश आउटलेट वैन स्कीम का विरोध
Updated Wed, 03 Jan 2018 01:49 AM IST
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फिश आउटलेट वैन स्कीम का विरोध
ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
सागर चेतना प्रवाह न्यास विकासनगर ने सरकार द्वारा शुरू की गई फिश आउटलेट वैन स्कीम का विरोध किया है। स्कीम तत्काल बंद करने के संबंध में प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार को राजभवन में राज्यपाल केके पॉल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के अनुसार बीते 21 नवंबर को प्रदेश सरकार द्वारा मत्स्य विभाग के अंतर्गत फिश आउटलेट वैन योजना की शुरुआत की गई थी। योजना के तहत सरकार मत्स्य पालकों को वैन और मोटरसाइकिलें उपलब्ध करा रही है। जिससे मत्स्य पालक विभिन्न प्रजातियों की मछलियों को शहर-शहर और गांव-गांव तक पहुंचा सकें। प्रथम चरण में योजना देहरादून, हरिद्वार और उधमसिंहनगर में शुरू की गई है। सागर चेतना प्रवाह न्यास का कहना है कि योजना से धार्मिक, सामाजिक व सांस्कृतिक स्वरूप प्रदूषित हो रहा है। योजना से समाज में वीभत्स वातावरण उत्पन्न होगा और मांसाहारी लोगों में वृद्धि होगी। न्यासी राज कुमार जैन का कहना है कि पाश्चात्य लोग जहां एक ओर हमारी भारतीय शाकाहार पद्धति अपना रहे हैं, वहीं हमारी सरकारें पाश्चात्य मांसाहारी संस्कृति को बढ़ावा दे रही हैं। योजना का श्री सनातन धर्म सभा, श्री हनुमतधाम, गीताभवन समिति, अग्रवाल वैश्य सभा, श्री साईं मंदिर समिति, व्यापार मंडल आदि संस्थाओं ने भी विरोध किया है। ज्ञापन सौंपने वालों में विजय कुमार जैन, आशीष जैन, प्रदीप कुमार जैन, विभोर जैन शामिल रहे।
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ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
सागर चेतना प्रवाह न्यास विकासनगर ने सरकार द्वारा शुरू की गई फिश आउटलेट वैन स्कीम का विरोध किया है। स्कीम तत्काल बंद करने के संबंध में प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार को राजभवन में राज्यपाल केके पॉल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के अनुसार बीते 21 नवंबर को प्रदेश सरकार द्वारा मत्स्य विभाग के अंतर्गत फिश आउटलेट वैन योजना की शुरुआत की गई थी। योजना के तहत सरकार मत्स्य पालकों को वैन और मोटरसाइकिलें उपलब्ध करा रही है। जिससे मत्स्य पालक विभिन्न प्रजातियों की मछलियों को शहर-शहर और गांव-गांव तक पहुंचा सकें। प्रथम चरण में योजना देहरादून, हरिद्वार और उधमसिंहनगर में शुरू की गई है। सागर चेतना प्रवाह न्यास का कहना है कि योजना से धार्मिक, सामाजिक व सांस्कृतिक स्वरूप प्रदूषित हो रहा है। योजना से समाज में वीभत्स वातावरण उत्पन्न होगा और मांसाहारी लोगों में वृद्धि होगी। न्यासी राज कुमार जैन का कहना है कि पाश्चात्य लोग जहां एक ओर हमारी भारतीय शाकाहार पद्धति अपना रहे हैं, वहीं हमारी सरकारें पाश्चात्य मांसाहारी संस्कृति को बढ़ावा दे रही हैं। योजना का श्री सनातन धर्म सभा, श्री हनुमतधाम, गीताभवन समिति, अग्रवाल वैश्य सभा, श्री साईं मंदिर समिति, व्यापार मंडल आदि संस्थाओं ने भी विरोध किया है। ज्ञापन सौंपने वालों में विजय कुमार जैन, आशीष जैन, प्रदीप कुमार जैन, विभोर जैन शामिल रहे।
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