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बालिका फरारी प्रकरण में विभागीय जांच के आदेश जारी
Updated Mon, 18 Dec 2017 02:01 AM IST
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बालिका फरारी प्रकरण में विभागीय जांच के आदेश जारी
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
बालिका एवं शिशु निकेतन से बीते शनिवार की रात पांच बालिकाओं के फरार होने के मामले में समाज कल्याण विभाग के निदेशक योगेंद्र यादव ने विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, शासन को मजिस्ट्रेट जांच की संस्तुति की है। इससे पहले उन्होंने बालिका निकेतन का निरीक्षण किया। उधर, नेहरू कॉलोनी पुलिस ने पूरे मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों को अलग से रिपोर्ट भेजी है। वहीं, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी मामले में चिंता जताई है।
बालिका एवं शिशु निकेतन से शनिवार रात पांच बालिकाएं दीवार फांदकर निकल गई थीं। गनीमत यह रही कि पड़ोसी टीएचडीसी कॉलोनी में चोरों के आने का शोर मच जाने के कारण उन्हें पकड़ लिया गया। रात में ही मौके पर पहुंची जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट ने फोन के जरिये अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दे दी थी। रविवार सुबह समाज कल्याण विभाग के निदेशक योगेंद्र यादव बालिका निकेतन पहुंच गए। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने के साथ अधिकारियों से इस कोताही पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने पूरे मामले में विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने शासन को भी मजिस्ट्रेट जांच कराने के लिए संस्तुति भेजी है। इधर, नेहरू कॉलोनी इंस्पेक्टर राजेश शाह की तरफ से एसएसपी के माध्यम से विभागीय अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है।
डेढ़ माह बाद भी गठित नहीं हो पाई एसआईटी
बालिका एवं शिशु निकेतन में अनियमितताओं की जांच करने के लिए एसआईटी का आदेश हवा-हवाई साबित हुआ है। समाज कल्याण विभाग के अपर सचिव मनोज चंद्रन की रिपोर्ट का संज्ञान लेकर प्रमुख सचिव गृह आनंदवर्धन ने अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में जांच को एसआईटी गठित करने के आदेश दिए थे। पुलिस मुख्यालय ने तो एसआईटी में सीओ डालनवाला जया बलूनी और इंस्पेक्टर नीलम रावत को नामित कर दिया था। महिला राजपत्रित अधिकारी नामित करने के लिए समाज कल्याण और स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा गया था। डेढ़ माह बीतने के बाद भी दोनों विभाग अभी तक महिला अधिकारी को नामित नहीं कर पाए हैं। इसी बीच पांच बालिकाओं के फरारी का मामला सामने आने के बाद प्रशासन और शासन की मंशा पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि प्रमुख सचिव गृह आनंदवर्धन का कहना है कि पुलिस मुख्यालय को एसआईटी गठित करने की जिम्मेदारी दी गई थी। उनके संज्ञान में एसआईटी गठित न होने की जानकारी नहीं है। इस बारे में बात करके ही वह कुछ बता पाएंगे।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
बालिका एवं शिशु निकेतन से बीते शनिवार की रात पांच बालिकाओं के फरार होने के मामले में समाज कल्याण विभाग के निदेशक योगेंद्र यादव ने विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, शासन को मजिस्ट्रेट जांच की संस्तुति की है। इससे पहले उन्होंने बालिका निकेतन का निरीक्षण किया। उधर, नेहरू कॉलोनी पुलिस ने पूरे मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों को अलग से रिपोर्ट भेजी है। वहीं, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी मामले में चिंता जताई है।
बालिका एवं शिशु निकेतन से शनिवार रात पांच बालिकाएं दीवार फांदकर निकल गई थीं। गनीमत यह रही कि पड़ोसी टीएचडीसी कॉलोनी में चोरों के आने का शोर मच जाने के कारण उन्हें पकड़ लिया गया। रात में ही मौके पर पहुंची जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट ने फोन के जरिये अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दे दी थी। रविवार सुबह समाज कल्याण विभाग के निदेशक योगेंद्र यादव बालिका निकेतन पहुंच गए। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने के साथ अधिकारियों से इस कोताही पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने पूरे मामले में विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने शासन को भी मजिस्ट्रेट जांच कराने के लिए संस्तुति भेजी है। इधर, नेहरू कॉलोनी इंस्पेक्टर राजेश शाह की तरफ से एसएसपी के माध्यम से विभागीय अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है।
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डेढ़ माह बाद भी गठित नहीं हो पाई एसआईटी
बालिका एवं शिशु निकेतन में अनियमितताओं की जांच करने के लिए एसआईटी का आदेश हवा-हवाई साबित हुआ है। समाज कल्याण विभाग के अपर सचिव मनोज चंद्रन की रिपोर्ट का संज्ञान लेकर प्रमुख सचिव गृह आनंदवर्धन ने अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में जांच को एसआईटी गठित करने के आदेश दिए थे। पुलिस मुख्यालय ने तो एसआईटी में सीओ डालनवाला जया बलूनी और इंस्पेक्टर नीलम रावत को नामित कर दिया था। महिला राजपत्रित अधिकारी नामित करने के लिए समाज कल्याण और स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा गया था। डेढ़ माह बीतने के बाद भी दोनों विभाग अभी तक महिला अधिकारी को नामित नहीं कर पाए हैं। इसी बीच पांच बालिकाओं के फरारी का मामला सामने आने के बाद प्रशासन और शासन की मंशा पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि प्रमुख सचिव गृह आनंदवर्धन का कहना है कि पुलिस मुख्यालय को एसआईटी गठित करने की जिम्मेदारी दी गई थी। उनके संज्ञान में एसआईटी गठित न होने की जानकारी नहीं है। इस बारे में बात करके ही वह कुछ बता पाएंगे।
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