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पौड़ी पर्यटन के रूप में होगा विकसित
Updated Wed, 05 Jul 2017 10:23 PM IST
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पौड़ी। जिला मुख्यालय को पर्यटन व तीर्थांटन सर्किट के रूप में विकसित करने के लिए एडीएम की अध्यक्षता में स्थानीय व्यापार सभा व जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित कर चर्चा की गई। बैठक में पर्यटन व तीर्थांटन स्थलों का चयन कर प्रस्ताव भी तैयार किए गए।
बुधवार को जिला पंचायत सभागार में आयोजित बैठक में जनप्रतिनिधियों के साथ स्थानीय व्यापार सभा ने मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों को पर्यटन व तीर्थांटन सर्किट के रूप में विकसित करने के लिए चर्चा की। बैठक में कोट के ब्लाक प्रमुख सुनील लिंगवाल ने पौड़ी के कई पौराणिक मंदिर और पर्यटक स्थल के बारे में एडीएम को जानकारी दी। बताया कि देवप्रयाग से लेकर खांड्यूसैंण तक कई पौराणिक स्थल और मंदिर हैं। इस मौके पर ल्वाली झील, गंगोरी में इको पार्क, मांडाखाल में रॉक क्लाइमिंग, गैती छेड़ा में वाटर फाल, किनाश पर्वत ट्रैक, कंडोलिया से ल्वाली तक रोपवे, देवप्रयाग से झंडीधार तक पैराग्लाइडिंग पर चर्चा कर प्रस्ताव रखे गए। इसके साथ ही तीर्थांटन के रूप में ज्वाल्पा देवी, कंडोलिया, डांडानागराजा, उल्फागढ़ी आदि प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। एडीएम रामजीशरण शर्मा ने बताया कि बैठक में मिले सुझावों के अनुरूप पर्यटन स्थल के चिह्नीकरण का काम किया जाएगा। शासन से दिशा-निर्देश मिलने पर प्रस्ताव शासन को भेजे जाएंगे। बैठक में व्यापार संघ के सचिव अनूप देवरानी, संजय डबराल, गणेश नेगी, सुखदेव व बुद्धिबल्लभ पंत आदि मौजूद थे।
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बुधवार को जिला पंचायत सभागार में आयोजित बैठक में जनप्रतिनिधियों के साथ स्थानीय व्यापार सभा ने मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों को पर्यटन व तीर्थांटन सर्किट के रूप में विकसित करने के लिए चर्चा की। बैठक में कोट के ब्लाक प्रमुख सुनील लिंगवाल ने पौड़ी के कई पौराणिक मंदिर और पर्यटक स्थल के बारे में एडीएम को जानकारी दी। बताया कि देवप्रयाग से लेकर खांड्यूसैंण तक कई पौराणिक स्थल और मंदिर हैं। इस मौके पर ल्वाली झील, गंगोरी में इको पार्क, मांडाखाल में रॉक क्लाइमिंग, गैती छेड़ा में वाटर फाल, किनाश पर्वत ट्रैक, कंडोलिया से ल्वाली तक रोपवे, देवप्रयाग से झंडीधार तक पैराग्लाइडिंग पर चर्चा कर प्रस्ताव रखे गए। इसके साथ ही तीर्थांटन के रूप में ज्वाल्पा देवी, कंडोलिया, डांडानागराजा, उल्फागढ़ी आदि प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। एडीएम रामजीशरण शर्मा ने बताया कि बैठक में मिले सुझावों के अनुरूप पर्यटन स्थल के चिह्नीकरण का काम किया जाएगा। शासन से दिशा-निर्देश मिलने पर प्रस्ताव शासन को भेजे जाएंगे। बैठक में व्यापार संघ के सचिव अनूप देवरानी, संजय डबराल, गणेश नेगी, सुखदेव व बुद्धिबल्लभ पंत आदि मौजूद थे।
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