फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   18 years ago sunil rathi was arrested from kankhals Shivpuri colony

फाइलें मोटी होती रही, बढ़ता गया राठी का रुतबा, 18 साल पहले हुआ था गिरफ्तार

Mon, 09 Jul 2018 10:48 PM IST
कुणाल दरगन, अमर उजाला, हरिद्वार
कुणाल दरगन, अमर उजाला, हरिद्वार Updated Mon, 09 Jul 2018 10:48 PM IST
विज्ञापन
18 years ago sunil rathi was arrested from kankhals Shivpuri colony
sunil rathi - फोटो : amar ujala

विज्ञापन

18 सालों से जेल की ऊंची दीवारों के पीछे कैद कुख्यात सुनील राठी के गुनाह की फाइलें जैसे जैसे मोटी होती गई, वैसे वैसे अपराध जगत में उसका रुतबा बढ़ता रहा। राठी ने लंबे अरसे तक हरिद्वार को अपना ठिकाना बनाए रखा। हरिद्वार के कनखल से ही उसे पहले बार गिरफ्तार किया, लेकिन उसके बाद उसने जेल से अपना आपराधिक नेटवर्क संचालित किया। उत्तराखंड से लेकर यूपी तक उसने बड़ी वारदातों को अंजाम देकर अपना ऐसा वर्चस्व कायम किया है, जिसे तोड़ने में पुलिस तंत्र नाकाम रहा।

वर्ष 2000 में पिता नरेश राठी, समर्थकों की पारिवारिक रंजिश में हत्याएं होने के बाद राठी ने अपराध जगत में कदम रखा था। पिता की हत्या के बदले में राठी ने भी कई हत्याएं की थी और वह बागपत पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा था। चूंकि तब हरिद्वार भी यूपी का ही हिस्सा हुआ करता था, सो राठी ने हरिद्वार में पनाह ली थी। उत्तराखंड बनने के बाद उसने हरिद्वार से नेटवर्क संचालित किया। कनखल की शिवपुरी कालोनी में राठी का एक मकान उसका ठिकाना बना और तब उसकी पहली बार गिरफ्तारी हुई थी। तब से अब तक राठी का ठिकाना दिल्ली, यूपी, उत्तराखंड की जेलें ही रही है। राठी ने हरिद्वार से आपरेट कर अपराध को ही उद्योग बना लिया।
विज्ञापन


रंगदारी, विवादित भूमि के प्रकरणों में दखल बढ़ाया। कुख्यात राठी के इशारे पर एक के बाद एक हत्याएं होती रही, उसका कद लगातार ऊंचा होता रहा। इधर, सिस्टम हर वारदात के बाद राठी पर नकेल कसने का दावा भले ही करता रहा लेकिन समय समय पर राठी दावे की हवा हर नई वारदात को अंजाम दिलवाकर दिलाता रहा। अब यूपी के माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी का कत्ल कर राठी यूपी के अपराध जगत में एक भारी भरकम नाम बनकर उभरा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


राठी से मिला था हेड ग्रेनेड
वर्ष 2000 में पुलिस के हत्थे चढ़े सुनील राठी के कब्जे से तब हेड ग्रेनेड (बम) बरामद हुआ था, ऐसे में राठी के तेवरों का अंदाजा साफ साफ लगाया जा सकता है। दो वर्ष पूर्व कनखल थाने की छत पर तब एक हेड ग्रेनेड मिला था, संभवत वह वहीं था जो राठी से बरामद हुआ था। तब कनखल पुलिस ने बम निरोधक दस्ते ने उस बम को निष्क्रिय किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed