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गलती अपनी, थोप रहे जनता के सिर

Tue, 02 Apr 2019 01:30 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 02 Apr 2019 01:30 AM IST
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गलती अपनी, थोप रहे जनता के सिर
ब्यूरो/अमर उजाला।
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देहरादून। जल संस्थान ने वित्तीय वर्ष 2018-19 में पानी के बिलों में बढ़ोतरी की, लेकिन उस समय बढ़ाए बिल इस वर्ष जनवरी-फरवरी में बांटे गए। अचानक बढ़े बिल देखकर उपभोक्ताओं के होश उड़ गए। उन्होंने विभाग के चक्कर काटे तो पता चला कि दरों में की गई बढ़ोतरी अंतिम बिल में वसूली जा रही हैं। इसी तरह नगर निगम में शामिल नए वार्डों में भवन कर जमा करने को लेकर उपभोक्ताओं में गफलत है। नए वार्डों में रहने वाले भवन मालिकों को लगता है कि उन्हें 10 साल तक भवन कर जमा नहीं करना पड़ेगा, जबकि निगम अधिकारियों के मुताबिक निगम में शामिल 72 गांव के लोगों को ही 10 साल तक छूट मिलेगी। जल संस्थान की तरह नगर निगम में भी उपभोक्ताओं की भीड़ उमड़ रही है। तस्वीर साफ नहीं होने के चलते उपभोक्ताओं में रोष है और विभागों को कोस रहे हैं।

2018 से बकाया बिल वसूल रहा है जल संस्थान
देहरादून। जल संस्थान वित्तीय वर्ष 2018-19 में बढ़ाए पानी के बिल की वसूली अब कर रहा है। अचानक बढ़े बिल पहुंचने से उपभोक्ताओं में रोष है। इनका कहना है जब जल संस्थान ने अप्रैल 2018 से बिलों में बढ़ोतरी की तो उस समय वसूली क्यों नहीं की? महकमे की गलती का खामियाजा हम क्यों भुगतें? अचानक बिल बढ़ाकर भेजना गलत है। सरकार को इसकी वसूली अब अधिकारियों से करनी चाहिए।
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जल संस्थान ने अप्रैल 2018 से पानी के बिलों में वार्षिक बढ़ोतरी की थी। इसके तहत घरेलू कनेक्शनों में 11 और कामर्शियल कनेक्शनों के लिए 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। साल में चार-चार माह में संस्थान पानी का बिल भेजता है। लेकिन, नगर निगम चुनाव के चलते जल संस्थान ने बढ़े हुए बिल उपभोक्ताओं को नहीं भेजे। अब जल संस्थान वर्ष 2018 में की गई बढ़ोतरी भी वसूल रहा है। अचानक बढ़ाए बिलों को देखकर उपभोक्ताओं में नाराजगी है। कांवली रोड निवासी रोहित ने बताया कि पिछले वर्ष अप्रैल में जल संस्थान ने टैरिफ दरों में बढ़ोतरी की थी, लेकिन उस समय बढ़ी दरों के बिल नहीं भेजे। अब वित्तीय वर्ष समाप्ति पर वसूली की जा रही है। जबकि यह वसूली तब से करनी चाहिए थी जब से पानी के बिल बढ़ाए गए थे। अब सरकार को ये वसूली लापरवाह अधिकारियों से करनी चाहिए। वसंत विहार निवासी मोहित कुमार ने बताया कि उन्हें पिछले महीने बढ़ी दर के हिसाब से पानी का बिल मिला है। हर वर्ष की तरह अब वित्तीय वर्ष 2019-20 में बढ़ी दर के हिसाब से बिल आएगा। इससे उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
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हर वर्ष बढ़ाए जाने वाले टैरिफ दरों को अप्रैल 2018 से लागू किया जाना था। नगर निकाय चुनाव के चलते इसे बाद में लागू किया गया। जिसके चलते बढ़ी दरों के साथ बिल लोगों को दिए जा रहे हैं।
- एसके शर्मा, मुख्य महाप्रबंधक, जल संस्थान

72 गांव के लोगों को ही मिलेगी भवन कर में छूट
देहरादून। नगर निगम में शामिल केवल 72 गांव के लोगों को ही भवन कर में 10 वर्ष तक छूट मिलेगी। जबकि व्यावसायिक भवनों से भवन कर वसूला जाएगा।
नगर निगम का दायरा 60 वार्ड से बढ़कर 100 वार्डों का हो गया है। ऐसे में नए वार्डों में भवन कर को लेकर समस्या आ रही है। कुछ को जहां राहत मिल रही है, वहीं कई भवन मालिकों को निगम से बिल पहुंच रहा है। नगर निगम क्षेत्र का पिछले वर्ष नए सिरे से परिसीमन किया गया। उसके बाद 72 नए गांवों को निगम में शामिल किया गया। इसके बाद सात से आठ हजार आबादी के हिसाब से वार्डों को विभाजित किया गया। जिससे वार्ड 60 से बढ़कर 100 हो गए। पुराने वार्डों का कुछ हिस्सा काटकर नए वार्डों में जोड़ा गया। जिसके चलते नए-पुराने मोहल्ले निगम में शामिल हो गए। ऐसे में जिन भवन मालिकों ने पहले अपनी संपत्ति का सेल्फ असेसमेंट किया है, उन्हें नगर निगम से भवन कर का बिल पहुंच रहा है। जबकि जो ग्रामीण क्षेत्र के लोग हैं, उन्हें बिल नहीं भेजा जा रहा है। इससे कई भवन मालिकों में रोष है।

अभी तक निगम नहीं पहुंचा शासनादेश
शासन से नगर निगम में शामिल 72 गांवों के लोगों का 10 साल तक भवन कर माफ होने का शासनादेश अभी तक निगम नहीं पहुंच पाया है। इसके चलते प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही कर अनुभाग के अधिकारी भी असमंजस की स्थिति में हैं। फिलहाल इन इलाकों में आवासीय और व्यवसायिक भवनों के सर्वे का कार्य चल रहा है। जिसके आधार पर भवन करदाताओं की संख्या जुटाई जा रही है।


ये गांव रहेंगे भवन कर के दायरे से बाहर
खाला गांव, भंडार गांव, डोम गांव, कुठाल गांव, बकराल गांव, किरसाली, किरसाली-2, दानियों का डांडा, मक्कावाला, सिनौला, मालसी, जोहड़ी, चालंग, तरला नागल, गुजराड़ा मानसिंह, डांडा धोरण, डांडा खुदानेवाला, डांडा लखौंड, डांडा नूरीवाला, आमवाला तरला, आमवाला उपरला, आमवाला मंझला, आमवाला करनपुर, ननूरखेड़ा, सौंधोवाली मानसिंह, लाडपुर, नत्थनपुर, माजरीमाफी, मोहकमपुर खुर्द, मोहकमपुर कला, हरीपुर, नवादा, बद्रीपुर, रायपुर व चक रायपुर, हटवाल गांव, नागल हटनाला, सौंधोवाली धोरण, सुंदरवाला, आरकेडिया ग्रांट, हरभजवाला, हरवंशवाला, हर्रावाला, मेहूवालामाफी, मियावाला, पित्थुवाला, सेवलाकलां, चंद्रबनी ग्रांट, चंद्रबनी खालसा, मोहब्बेवाला, आशारोड़ी, भारूवाला ग्रांट, सेवलाखुर्द, बंजारावाला माफी, मोथरोवाला, चकतुनवाला, कुआंवाला, नकरौंदा, बालावाला, नथुवावाला, काला गांव, कुल्हान करनपुर, कुल्हान मानसिंह, मरोठा, खुरांवा, गुजरमी, भंडारीवाला मयचक, जगातखाना, विजयपुर हाथीबड़कला, विजयपुर गोपीवाला, चंद्रबनी, मीठीबेहड़ी, मंगलूवाला।
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