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विद्युत निगमों का हो एकीकरण
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विद्युत निगमों का हो एकीकरण
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। विद्युत निगमों के कर्मचारी संगठनों ने मांग उठाई है कि केरल व हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर राज्य सरकार यूजेवीएनएल, यूपीसीएल व पिटकुल का एकीकरण करें। इसके साथ ही कर्मचारी संगठनों ने केरल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड व हिमाचल प्रदेश इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड की तर्ज पर तीनों निगमों का एकीकरण कर उत्तराखंड राज्य विद्युत परिषद निगम लिमिटेड का गठन किया जाए। दूसरी ओर ऊर्जा विभाग के तमाम कर्मचारी संगठनों ने केंद्र सरकार की ओर से लागू किए जा रहे विद्युत संशोधन बिल के खिलाफ भी आवाज बुलंद कर दी है। कर्मचारी संगठनों ने एलान किया है कि वह आठ जनवरी से दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्य बहिष्कार में शामिल होंगे।
उत्तरांचल बिजली कर्मचारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष एमएन नौटियाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि विद्युत संशोधन बिल-2018 का पुरजोर विरोध किया जाएगा। कर्मचारियों ने कहा कि आठ जनवरी से दो दिवसीय कार्य बहिष्कार के दौरान तमाम कर्मचारी यूपीसीएल के प्रांगण में 11 बजे से धरना प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही संघ पदाधिकारियों ने 9, 14 व 19 साल की सेवा अवधि में तीन समयबद्ध वेतनमान देने, पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, कर्मचारियों को जीपीएफ की सुविधा देने, संविदा कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने व नियमितीकरण जैसे मुद्दों को पुरजोर तरीके से उठाया।
वहीं उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा पदाधिकारियों की बैठक मोर्चे के संयोजक इंसारूलहक की अध्यक्षता में हुई जिसमें विद्युत संशोधन बिल-2018 व नेशनल टैरिफ पॉलिसी के उपभोक्ता विरोधी प्रावधानों का विरोध किया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि आठ जनवरी को सभी कर्मचारी 11 बजे काली पट्टी बांधकर यूपीसीएल मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करेंगे। बैठक में जेसी पंत, राकेश कुमार, रविंद्र सैनी, डीसी ध्यानी, भगवती प्रसाद, प्रदीप कंसल, युद्धवीर सिंह, मुकेश कुमार, पंकज सैनी समेत कई पदाधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। विद्युत निगमों के कर्मचारी संगठनों ने मांग उठाई है कि केरल व हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर राज्य सरकार यूजेवीएनएल, यूपीसीएल व पिटकुल का एकीकरण करें। इसके साथ ही कर्मचारी संगठनों ने केरल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड व हिमाचल प्रदेश इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड की तर्ज पर तीनों निगमों का एकीकरण कर उत्तराखंड राज्य विद्युत परिषद निगम लिमिटेड का गठन किया जाए। दूसरी ओर ऊर्जा विभाग के तमाम कर्मचारी संगठनों ने केंद्र सरकार की ओर से लागू किए जा रहे विद्युत संशोधन बिल के खिलाफ भी आवाज बुलंद कर दी है। कर्मचारी संगठनों ने एलान किया है कि वह आठ जनवरी से दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्य बहिष्कार में शामिल होंगे।
उत्तरांचल बिजली कर्मचारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष एमएन नौटियाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि विद्युत संशोधन बिल-2018 का पुरजोर विरोध किया जाएगा। कर्मचारियों ने कहा कि आठ जनवरी से दो दिवसीय कार्य बहिष्कार के दौरान तमाम कर्मचारी यूपीसीएल के प्रांगण में 11 बजे से धरना प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही संघ पदाधिकारियों ने 9, 14 व 19 साल की सेवा अवधि में तीन समयबद्ध वेतनमान देने, पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, कर्मचारियों को जीपीएफ की सुविधा देने, संविदा कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने व नियमितीकरण जैसे मुद्दों को पुरजोर तरीके से उठाया।
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वहीं उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा पदाधिकारियों की बैठक मोर्चे के संयोजक इंसारूलहक की अध्यक्षता में हुई जिसमें विद्युत संशोधन बिल-2018 व नेशनल टैरिफ पॉलिसी के उपभोक्ता विरोधी प्रावधानों का विरोध किया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि आठ जनवरी को सभी कर्मचारी 11 बजे काली पट्टी बांधकर यूपीसीएल मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करेंगे। बैठक में जेसी पंत, राकेश कुमार, रविंद्र सैनी, डीसी ध्यानी, भगवती प्रसाद, प्रदीप कंसल, युद्धवीर सिंह, मुकेश कुमार, पंकज सैनी समेत कई पदाधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
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