{"_id":"5c2fa7aabdec2256f2027034","slug":"171546626986-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेलों में महिला कैदियों के लिए लगेंगे सोलर गीजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जेलों में महिला कैदियों के लिए लगेंगे सोलर गीजर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
नए साल में प्रदेश सरकार ने सूबे की जेलों में बंद महिला कैदियों को सोलर गीजर का तोहफा दिया गया है। सरकार ने सभी जेलों में महिला बैरक में सोलर गीजर लगाने के आदेश जारी किए हैं। जेल अधीक्षकों और जेलर को जारी शासनादेश में महिला बैरकों में जल्द से जल्द एक हजार लीटर का सोलर गीजर लगाने को कहा गया है। सोलर गीजर लगने से महिला कैदियों को सर्दी में राहत मिलेगी।
प्रदेश में महिलाओं के लिए तमाम योजनाएं लागू कर अधिक से अधिक सुविधा और लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में नए साल में प्रदेश सरकार ने सूबे की जेलों में बंद महिला कैदियों पर ध्यान दिया है। दरअसल, ठंड के प्रकोप के चलते महिला कैदियों को टंकी के ठंडे पानी का दंश झेलना पड़ता है। कई बार ठंडे पानी से नहाने पर महिला कैदियों का स्वास्थ्य खराब हो जाता है। ऐसे में जेल प्रशासन को भी मुसीबत का सामना करना पड़ता था। कई बार महिला कैदी का स्वास्थ्य अधिक खराब हो जाने पर जेल प्रशासन आफत में घिर जाता था। इसी के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने महिला कैदियों को सोलर गीजर का तोहफा दिया गया है। सरकार की ओर से सूबे की सभी जेलों को भेजे गए शासनादेश में कहा गया है कि जेल की महिला बैरक में सोलर गीजर लगवाया जाए ताकि सर्दी में महिला कैदियों को गर्म पानी की सुविधा मिल सके। सब कुछ सही रहा तो इसी महीने प्रदेश की सभी जेलों में बंद महिला कैदियों को सोलर गीजर का लाभ मिलेगा।
...तो पुरुष कैदी भी उठा सकते हैं लाभ
शासन की ओर से जारी शासनादेश में भले ही महिला कैदियों की सुविधा के लिए सोलर से संचालित गीजर लगाने को कहा गया है, लेकिन आईजी जेल डॉ.पीवीके प्रसाद का कहना है कि चूंकि महिला बैरकों के बाहर गीजर लगाए जाएंगे। लिहाजा इसका इस्तेमाल पुरुष कैदी भी कर सकेंगे। इसमें किसी को कोई दिक्कत नहीं होगी।
विज्ञापन
दस जेलों में बंद महिला कैदियों को मिलेगा लाभ
प्रदेश में देहरादून, पौड़ी, नैनीताल, अल्मोड़ा, सितारगंज, चमोली, रुड़की, हरिद्वार, हल्द्वानी और टिहरी में जेल हैं। इनमें करीब 4500 पुरुष व महिला कैदी बंद हैं। इन कैदियों में से करीब 250 महिलाएं कैदी विभिन्न मामलों में सजायाफ्ता हैं, जिनको गीजर का लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
नए साल में प्रदेश सरकार ने सूबे की जेलों में बंद महिला कैदियों को सोलर गीजर का तोहफा दिया गया है। सरकार ने सभी जेलों में महिला बैरक में सोलर गीजर लगाने के आदेश जारी किए हैं। जेल अधीक्षकों और जेलर को जारी शासनादेश में महिला बैरकों में जल्द से जल्द एक हजार लीटर का सोलर गीजर लगाने को कहा गया है। सोलर गीजर लगने से महिला कैदियों को सर्दी में राहत मिलेगी।
प्रदेश में महिलाओं के लिए तमाम योजनाएं लागू कर अधिक से अधिक सुविधा और लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में नए साल में प्रदेश सरकार ने सूबे की जेलों में बंद महिला कैदियों पर ध्यान दिया है। दरअसल, ठंड के प्रकोप के चलते महिला कैदियों को टंकी के ठंडे पानी का दंश झेलना पड़ता है। कई बार ठंडे पानी से नहाने पर महिला कैदियों का स्वास्थ्य खराब हो जाता है। ऐसे में जेल प्रशासन को भी मुसीबत का सामना करना पड़ता था। कई बार महिला कैदी का स्वास्थ्य अधिक खराब हो जाने पर जेल प्रशासन आफत में घिर जाता था। इसी के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने महिला कैदियों को सोलर गीजर का तोहफा दिया गया है। सरकार की ओर से सूबे की सभी जेलों को भेजे गए शासनादेश में कहा गया है कि जेल की महिला बैरक में सोलर गीजर लगवाया जाए ताकि सर्दी में महिला कैदियों को गर्म पानी की सुविधा मिल सके। सब कुछ सही रहा तो इसी महीने प्रदेश की सभी जेलों में बंद महिला कैदियों को सोलर गीजर का लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
...तो पुरुष कैदी भी उठा सकते हैं लाभ
शासन की ओर से जारी शासनादेश में भले ही महिला कैदियों की सुविधा के लिए सोलर से संचालित गीजर लगाने को कहा गया है, लेकिन आईजी जेल डॉ.पीवीके प्रसाद का कहना है कि चूंकि महिला बैरकों के बाहर गीजर लगाए जाएंगे। लिहाजा इसका इस्तेमाल पुरुष कैदी भी कर सकेंगे। इसमें किसी को कोई दिक्कत नहीं होगी।
विज्ञापन
दस जेलों में बंद महिला कैदियों को मिलेगा लाभ
प्रदेश में देहरादून, पौड़ी, नैनीताल, अल्मोड़ा, सितारगंज, चमोली, रुड़की, हरिद्वार, हल्द्वानी और टिहरी में जेल हैं। इनमें करीब 4500 पुरुष व महिला कैदी बंद हैं। इन कैदियों में से करीब 250 महिलाएं कैदी विभिन्न मामलों में सजायाफ्ता हैं, जिनको गीजर का लाभ मिलेगा।