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निरीक्षण के दिन से तय होगा जुर्माना
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निरीक्षण के दिन से तय होगा जुर्माना
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। प्रदूषण फैलाने होटलों, धर्मशालाओं और आश्रमों से जुर्माना वसूली की प्रक्रिया में फंसा पेच निकल गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तय किया है कि जिस दिन होटल या धर्मशाला का निरीक्षण किया जाएगा उसी दिन से जरूरी होने पर जुर्माना लगाया जाएगा। बोर्ड ने इसका प्रस्ताव तैयार कर अनुमोदन के लिए बोर्ड के चेयरमैन व अपर मुख्य सचिव को भेज दिया है।
अपर मुख्य सचिव डॉ. रणवीर सिंह ने प्रदूषण फैलाने वाले और अन्य प्रदूषण नियमों का पालन नहीं करने वाले होटलों, धर्मशालाओें और आश्रमों को चिह्नित कर 5000 रुपये प्रतिदिन की दर से जुर्माना वसूलने का आदेश जारी किया है, लेकिन इसमें उलझन यह थी कि जुर्माना कब से वसूला जाए। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बैठक में तय हुआ कि जिस दिन निरीक्षण किया जाएगा उसी दिन से जरूरी होने पर जुर्माना लगाया जाएगा। यह जुर्माना संबंधित होटल, धर्मशाला या आश्रम में व्यवस्थाओं में जरूरी सुधार होने तक वसूला जाएगा।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एसएस पाल ने बताया कि इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। शासन से अनुमति मिलते ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड होटलों, धर्मशालाओं व आश्रमों का औचक जांच निरीक्षण कर जुर्माने की कार्रवाई शुरू कर देगा। बता दें कि एनजीटी ने ऐसे होटलों, धर्मशालाआें की सूची तलब की है, जहां सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं है। यह संस्थान गंगा और अन्य नदियों में गंदगी बहा रहे हैं।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। प्रदूषण फैलाने होटलों, धर्मशालाओं और आश्रमों से जुर्माना वसूली की प्रक्रिया में फंसा पेच निकल गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तय किया है कि जिस दिन होटल या धर्मशाला का निरीक्षण किया जाएगा उसी दिन से जरूरी होने पर जुर्माना लगाया जाएगा। बोर्ड ने इसका प्रस्ताव तैयार कर अनुमोदन के लिए बोर्ड के चेयरमैन व अपर मुख्य सचिव को भेज दिया है।
अपर मुख्य सचिव डॉ. रणवीर सिंह ने प्रदूषण फैलाने वाले और अन्य प्रदूषण नियमों का पालन नहीं करने वाले होटलों, धर्मशालाओें और आश्रमों को चिह्नित कर 5000 रुपये प्रतिदिन की दर से जुर्माना वसूलने का आदेश जारी किया है, लेकिन इसमें उलझन यह थी कि जुर्माना कब से वसूला जाए। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बैठक में तय हुआ कि जिस दिन निरीक्षण किया जाएगा उसी दिन से जरूरी होने पर जुर्माना लगाया जाएगा। यह जुर्माना संबंधित होटल, धर्मशाला या आश्रम में व्यवस्थाओं में जरूरी सुधार होने तक वसूला जाएगा।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एसएस पाल ने बताया कि इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। शासन से अनुमति मिलते ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड होटलों, धर्मशालाओं व आश्रमों का औचक जांच निरीक्षण कर जुर्माने की कार्रवाई शुरू कर देगा। बता दें कि एनजीटी ने ऐसे होटलों, धर्मशालाआें की सूची तलब की है, जहां सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं है। यह संस्थान गंगा और अन्य नदियों में गंदगी बहा रहे हैं।
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