{"_id":"5b9c1d52867a557fe86c326a","slug":"171536957778-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जनाधार केंद्र से जारी किया फर्जी प्रमाणपत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जनाधार केंद्र से जारी किया फर्जी प्रमाणपत्र
Updated Sat, 15 Sep 2018 02:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जनाधार केंद्र से जारी किया फर्जी प्रमाणपत्र
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। एक जनाधार केंद्र से फर्जी प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया। इसका खुलासा एडीएम (प्रशासन) कार्यालय से हुआ है। शुक्रवार को विकासनगर निवासी एक युवक अपने स्थायी निवास प्रमाणपत्र की पुष्टि कराने के लिए यहां आया था। यहां रजिस्टर में देखकर पता चला कि उसका प्रमाणपत्र शुल्क जमा न होने के कारण बना ही नहीं है। प्रमाणपत्र में जारी करता का नाम एसडीएम विकासनगर अरविंद कुमार पांडेय दर्शाया गया है, साथ ही उस पर उनका डिजिटल हस्ताक्षर भी किया हुआ है।
रोहित पुत्र हरवीर, निवासी सोरना, विकासनगर का स्थायी निवास प्रमाणपत्र स्थानीय जनाधार केंद्र से इसी वर्ष 30 जून को जारी किया गया था। इस प्रमाणपत्र की संख्या यूके 14 डीओएम 0100/180000944 दर्शाई गई है। संदेह होने पर शुक्रवार को रोहित अपने प्रमाणपत्र की पुष्टि के लिए एडीएम अरविंद कुमार पांडेय के कार्यालय पहुंचा। यहां दस्तावेजों की पड़ताल हुई तो पाया गया कि निर्धारित शुल्क जमा न होने के कारण उसका प्रमाणपत्र बना ही नहीं है। प्रमाणपत्र में एसडीएम के तौर पर डिजिटल हस्ताक्षर अरविंद कुमार पांडेय के दर्शाए गए हैं जो कि वर्तमान में एडीएम (प्रशासन) हैं। खास बात यह है कि उस दौरान अरविंद कुमार पांडेय की तैनाती विकासनगर में थी ही नहीं। प्रमाणपत्र जारी करने के दौरान भी विकासनगर के मौजूदा एसडीएम जितेंद्र सिंह ही थे।
एडीएम के हस्ताक्षर भी फर्जी
जनाधार केंद्र के कर्मचारियों की कार्यशैली पर रोहित को शक हो गया था। इसी वजह से वह अपने स्थायी निवास प्रमाणपत्र की पुष्टि के लिए वह एडीएम कार्यालय आया था। एडीएम अरविंद कुमार पांडेय ने स्पष्ट किया कि जिस तिथि में प्रमाणपत्र जारी होना दिखाया गया है उस दौरान वह एसडीएम नहीं बल्कि एडीएम ही थे। उनके नाम का डिजिटल हस्ताक्षर भी फर्जी है।
विज्ञापन
डीएम ने जांच एसएसपी को सौंपी
मामला पकड़ में आने के बाद एडीएम अरविंद कु मार ने डीएम एसए मुरुगेशन को शिकायती पत्र भेजा है। जिसमें अवगत कराया जा गया है कि फर्जी प्रमाणपत्र तैयार कर जनता को ठगा जा रहा है। अधिकारियों के नामों और हस्ताक्षरों का दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने डीएम से आग्रह किया है कि मामले की जांच करवाकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। इस संदर्भ में एडीएम ने बताया कि जिलाधिकारी ने मामले की जांच एसएसपी को सौंपी है।
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। एक जनाधार केंद्र से फर्जी प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया। इसका खुलासा एडीएम (प्रशासन) कार्यालय से हुआ है। शुक्रवार को विकासनगर निवासी एक युवक अपने स्थायी निवास प्रमाणपत्र की पुष्टि कराने के लिए यहां आया था। यहां रजिस्टर में देखकर पता चला कि उसका प्रमाणपत्र शुल्क जमा न होने के कारण बना ही नहीं है। प्रमाणपत्र में जारी करता का नाम एसडीएम विकासनगर अरविंद कुमार पांडेय दर्शाया गया है, साथ ही उस पर उनका डिजिटल हस्ताक्षर भी किया हुआ है।
रोहित पुत्र हरवीर, निवासी सोरना, विकासनगर का स्थायी निवास प्रमाणपत्र स्थानीय जनाधार केंद्र से इसी वर्ष 30 जून को जारी किया गया था। इस प्रमाणपत्र की संख्या यूके 14 डीओएम 0100/180000944 दर्शाई गई है। संदेह होने पर शुक्रवार को रोहित अपने प्रमाणपत्र की पुष्टि के लिए एडीएम अरविंद कुमार पांडेय के कार्यालय पहुंचा। यहां दस्तावेजों की पड़ताल हुई तो पाया गया कि निर्धारित शुल्क जमा न होने के कारण उसका प्रमाणपत्र बना ही नहीं है। प्रमाणपत्र में एसडीएम के तौर पर डिजिटल हस्ताक्षर अरविंद कुमार पांडेय के दर्शाए गए हैं जो कि वर्तमान में एडीएम (प्रशासन) हैं। खास बात यह है कि उस दौरान अरविंद कुमार पांडेय की तैनाती विकासनगर में थी ही नहीं। प्रमाणपत्र जारी करने के दौरान भी विकासनगर के मौजूदा एसडीएम जितेंद्र सिंह ही थे।
विज्ञापन
एडीएम के हस्ताक्षर भी फर्जी
जनाधार केंद्र के कर्मचारियों की कार्यशैली पर रोहित को शक हो गया था। इसी वजह से वह अपने स्थायी निवास प्रमाणपत्र की पुष्टि के लिए वह एडीएम कार्यालय आया था। एडीएम अरविंद कुमार पांडेय ने स्पष्ट किया कि जिस तिथि में प्रमाणपत्र जारी होना दिखाया गया है उस दौरान वह एसडीएम नहीं बल्कि एडीएम ही थे। उनके नाम का डिजिटल हस्ताक्षर भी फर्जी है।
विज्ञापन
डीएम ने जांच एसएसपी को सौंपी
मामला पकड़ में आने के बाद एडीएम अरविंद कु मार ने डीएम एसए मुरुगेशन को शिकायती पत्र भेजा है। जिसमें अवगत कराया जा गया है कि फर्जी प्रमाणपत्र तैयार कर जनता को ठगा जा रहा है। अधिकारियों के नामों और हस्ताक्षरों का दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने डीएम से आग्रह किया है कि मामले की जांच करवाकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। इस संदर्भ में एडीएम ने बताया कि जिलाधिकारी ने मामले की जांच एसएसपी को सौंपी है।