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राजस्व शुल्क पर शराब ठेकेदारों का हंगामा
Updated Fri, 13 Apr 2018 02:27 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
दो दिन का अतिरिक्त राजस्व वसूलने से नाराज शराब ठेकेदारों ने बृहस्पतिवार को आबकारी विभाग में हंगामा किया। वहीं, राजस्व जमा नहीं कराने वाले ठेकेदारों की दुकानें आबकारी विभाग ने बंद करवा दी। हालांकि, देर शाम राजस्व जमा कराने के बाद ज्यादातर दुकानें खोल दी गईं।
कोर्ट की हरी झंडी के बाद बृहस्पतिवार को राजधानी की 39 दुकानों के आवंटन के टेंडर खुले। आबकारी विभाग ने ठेकेदारों से 10 अप्रैल से 30 अप्रैल तक का राजस्व जमा कराने को कहा। इस पर ठेकेदार भड़क उठे। उन्होंने कहा कि जब 10 और 11 अप्रैल को उनके पास दुकान नहीं थी, तो वे राजस्व क्यों जमा कराएंगे। इस बात पर उनकी आबकारी विभाग के अधिकारियों के साथ नोकझोंक भी हुई। पहले यह टेंडर नौ अप्रैल को खुलने थे, लेकिन उस दिन कोर्ट के स्टे के बाद टेंडर नहीं खुल सके।
11 अप्रैल को कोर्ट ने स्टे हटा दिया, जिसके बाद बृहस्पतिवार को टेंडर खोले गए। पूर्व की शर्तों के अनुसार, नौ अप्रैल को दुकानों का आवंटन होना था और 10 से राजस्व जमा कराया जाना था। वहीं, वर्ष 2017-18 का पूरा राजस्व जमा नहीं कराने वाले ठेकेदारों की दुकानें आबकारी विभाग ने बंद करा दीं। इसके बाद ठेकेदारों ने आनन-फानन में राजस्व जमा कराया, जिसके बाद देर शाम तक ज्यादातर दुकानें खुल र्गइं। दुकानें बंद रहने के कारण शराब के शौकीनों को दिनभर परेशान रहना पड़ा।
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विवाद का कारण बने दो दिन के राजस्व पर अब शासन फैसला लेगा। विभाग ने दो दिन के राजस्व का मामला शासन को भेज दिया है। आज शासन तय करेगा कि ठेकेदारों से 10 और 11 अप्रैल का राजस्व लिया जाए या नहीं।
-वी षणमुगम, आबकारी आयुक्त
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दो दिन का अतिरिक्त राजस्व वसूलने से नाराज शराब ठेकेदारों ने बृहस्पतिवार को आबकारी विभाग में हंगामा किया। वहीं, राजस्व जमा नहीं कराने वाले ठेकेदारों की दुकानें आबकारी विभाग ने बंद करवा दी। हालांकि, देर शाम राजस्व जमा कराने के बाद ज्यादातर दुकानें खोल दी गईं।
कोर्ट की हरी झंडी के बाद बृहस्पतिवार को राजधानी की 39 दुकानों के आवंटन के टेंडर खुले। आबकारी विभाग ने ठेकेदारों से 10 अप्रैल से 30 अप्रैल तक का राजस्व जमा कराने को कहा। इस पर ठेकेदार भड़क उठे। उन्होंने कहा कि जब 10 और 11 अप्रैल को उनके पास दुकान नहीं थी, तो वे राजस्व क्यों जमा कराएंगे। इस बात पर उनकी आबकारी विभाग के अधिकारियों के साथ नोकझोंक भी हुई। पहले यह टेंडर नौ अप्रैल को खुलने थे, लेकिन उस दिन कोर्ट के स्टे के बाद टेंडर नहीं खुल सके।
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11 अप्रैल को कोर्ट ने स्टे हटा दिया, जिसके बाद बृहस्पतिवार को टेंडर खोले गए। पूर्व की शर्तों के अनुसार, नौ अप्रैल को दुकानों का आवंटन होना था और 10 से राजस्व जमा कराया जाना था। वहीं, वर्ष 2017-18 का पूरा राजस्व जमा नहीं कराने वाले ठेकेदारों की दुकानें आबकारी विभाग ने बंद करा दीं। इसके बाद ठेकेदारों ने आनन-फानन में राजस्व जमा कराया, जिसके बाद देर शाम तक ज्यादातर दुकानें खुल र्गइं। दुकानें बंद रहने के कारण शराब के शौकीनों को दिनभर परेशान रहना पड़ा।
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विवाद का कारण बने दो दिन के राजस्व पर अब शासन फैसला लेगा। विभाग ने दो दिन के राजस्व का मामला शासन को भेज दिया है। आज शासन तय करेगा कि ठेकेदारों से 10 और 11 अप्रैल का राजस्व लिया जाए या नहीं।
-वी षणमुगम, आबकारी आयुक्त