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दूरस्थ इलाकों में भी होगी टीबी की जांच
Updated Wed, 28 Feb 2018 02:16 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
टीबी की जांच अब दूरस्थ क्षेत्रों में भी हो सकेगी। इसके लिए सरकार विशेष सीबीएनएएटी वाहन खरीदने जा रही है। अप्रैल-मई तक यह वाहन उपलब्ध होने से जांच आसानी से हो सकेगी। वहीं, छह जिलों में टीबी रोगियों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
मंगलवार को दून मेडिकल कॉलेज में आयोजित कार्यशाला में राज्य क्षय नियंत्रण अधिकारी डॉ. वीसी काला ने बताया कि छह जिलों में सामुदायिक आधारित क्षय रोगियों की पहचान के लिए एक्टिव सर्च अभियान चलाया जा रहा है। एचएनबी उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एचएस धामी ने कहा कि टीबी नियंत्रण और उपचार के लिए सभी विवि को एक साथ आकर काम करना होगा।
निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना ने कहा कि टीबी मरीजों की पहचान और नियमित दवा की व्यवस्था को बेहतर बनाए जाने की जरूरत है। दून मेडिकल कॉलेज के रेसपिरेटरी विभागाध्यक्ष डा. रामेश्वर पांडे ने टीबी के उपचार की अत्याधुनिक तकनीकों की जानकारी दी। इस अवसर पर डॉ. भोलानाथ, डॉ. वीएस टोलिया, डॉ. राकेश कक्कड़, डॉ. एनसी थपलियाल समेत अन्य मौजूद रहे।
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टीबी की जांच अब दूरस्थ क्षेत्रों में भी हो सकेगी। इसके लिए सरकार विशेष सीबीएनएएटी वाहन खरीदने जा रही है। अप्रैल-मई तक यह वाहन उपलब्ध होने से जांच आसानी से हो सकेगी। वहीं, छह जिलों में टीबी रोगियों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
मंगलवार को दून मेडिकल कॉलेज में आयोजित कार्यशाला में राज्य क्षय नियंत्रण अधिकारी डॉ. वीसी काला ने बताया कि छह जिलों में सामुदायिक आधारित क्षय रोगियों की पहचान के लिए एक्टिव सर्च अभियान चलाया जा रहा है। एचएनबी उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एचएस धामी ने कहा कि टीबी नियंत्रण और उपचार के लिए सभी विवि को एक साथ आकर काम करना होगा।
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निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना ने कहा कि टीबी मरीजों की पहचान और नियमित दवा की व्यवस्था को बेहतर बनाए जाने की जरूरत है। दून मेडिकल कॉलेज के रेसपिरेटरी विभागाध्यक्ष डा. रामेश्वर पांडे ने टीबी के उपचार की अत्याधुनिक तकनीकों की जानकारी दी। इस अवसर पर डॉ. भोलानाथ, डॉ. वीएस टोलिया, डॉ. राकेश कक्कड़, डॉ. एनसी थपलियाल समेत अन्य मौजूद रहे।
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