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उरेड़ा और ऊर्जा निगम के बीच फंसी दो गांवों की बिजली
Updated Mon, 22 Jan 2018 10:49 PM IST
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देवाल। ब्लाक के रामपुर और तोरती गांवों की बिजली दो विभागों (उरेड़ा और ऊर्जा निगम) के बीच फंस कर रह गई है। उरेड़ा जहां मामला ऊर्जा निगम का बताकर पल्ला झाड़ रहा है वहीं ऊर्जा निगम उरेड़ा पर जिम्मेदारी डाल रहा है। इससे परेशान ग्रामीणों ने जल्द बिजली कनेक्शन आवंटित न करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। इस संबंध में जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र दानू ने सीएम को ज्ञापन भेजा।
वर्ष 2009 में उरेड़ा ने चोटिंग में 100 किलोवाट की लघु जल विद्युत परियोजना बनाई। इस परियोजना से हरमल, चोटिंग, सौरीगाड़, झलिया, रामपुर, तोरती को बिजली की सप्लाई होनी थी। इसके लिए उरेड़ा ने सभी गांवों के लिए बिजली लाइनें बिछाई दीं, लेकिन इस परियोजना की बिजली रामपुर और तोरती गांवों तक नहीं पहुंच पाई। इन दोनों गांवों की एक हजार से अधिक की आबादी आज भी लालटेन और सौर उपकरणों के सहारे रात बिता रहे हैं। उरेड़ा के परियोजनाधिकारी प्रमोद कुमार गंगवार का कहना कि ग्रामीणों की मांग पर इन गांवों की लाइन को ऊर्जा निगम को वर्ष 2014 में ट्रांसफर कर दी गई थी। इसके बाद ऊर्जा निगम की ओर से एक साल पहले लाइन की मरम्मत भी की गई। वहीं ऊर्जा निगम के ईई डीएस चौधरी ने बताया कि गांव में निगम की ओर से सिर्फ 11 केवी की लाइन बिछाई गई है। गांव की ब्रांच लाइन कई जगह क्षतिग्रस्त है। जब तक उरेड़ा इसे ठीक नहीं कर लेती ऊर्जा निगम इसे नहीं ले सकता है। उन्होंने बताया कि ऊर्जा निगम की ओर से ब्रांच लाइन का अधिग्रहण नहीं किया गया है। भेजे ज्ञापन में बताया कि रामपुर, तोरती का मामला ऊर्जा निगम तथा उरेडा के बीच फंसा है, जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
वर्ष 2009 में उरेड़ा ने चोटिंग में 100 किलोवाट की लघु जल विद्युत परियोजना बनाई। इस परियोजना से हरमल, चोटिंग, सौरीगाड़, झलिया, रामपुर, तोरती को बिजली की सप्लाई होनी थी। इसके लिए उरेड़ा ने सभी गांवों के लिए बिजली लाइनें बिछाई दीं, लेकिन इस परियोजना की बिजली रामपुर और तोरती गांवों तक नहीं पहुंच पाई। इन दोनों गांवों की एक हजार से अधिक की आबादी आज भी लालटेन और सौर उपकरणों के सहारे रात बिता रहे हैं। उरेड़ा के परियोजनाधिकारी प्रमोद कुमार गंगवार का कहना कि ग्रामीणों की मांग पर इन गांवों की लाइन को ऊर्जा निगम को वर्ष 2014 में ट्रांसफर कर दी गई थी। इसके बाद ऊर्जा निगम की ओर से एक साल पहले लाइन की मरम्मत भी की गई। वहीं ऊर्जा निगम के ईई डीएस चौधरी ने बताया कि गांव में निगम की ओर से सिर्फ 11 केवी की लाइन बिछाई गई है। गांव की ब्रांच लाइन कई जगह क्षतिग्रस्त है। जब तक उरेड़ा इसे ठीक नहीं कर लेती ऊर्जा निगम इसे नहीं ले सकता है। उन्होंने बताया कि ऊर्जा निगम की ओर से ब्रांच लाइन का अधिग्रहण नहीं किया गया है। भेजे ज्ञापन में बताया कि रामपुर, तोरती का मामला ऊर्जा निगम तथा उरेडा के बीच फंसा है, जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
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