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चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना हुआ और मुश्किल

Wed, 03 Jan 2018 01:57 AM IST
Updated Wed, 03 Jan 2018 01:57 AM IST
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चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना हुआ और मुश्किल
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना अब और मुश्किल हो गया है। द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने परीक्षा का पैटर्न बदल दिया है। कई ऐसे बदलाव किए गए हैं, जिससे सीए के कोर्स में एंट्री की राह ही मुश्किल है। इसके बाद भी मुश्किलें जारी रहेंगी। आईसीएआई ने तीन साल के शोध के बाद यह बदलाव किए हैं। एक जुलाई-2017 को आईसीएआई ने यह बदला हुआ पैटर्न लांच किया था। अब इसे पूरी तरह से लागू कर दिया गया है।
आईसीएआई ने कॉमन प्रॉफिशिएंसी टेस्ट (सीपीटी) को फाउंडेशन कोर्स में बदल दिया है। पहले 200 अंकों की बहुविकल्पीय परीक्षा होती थी, जो अब 400 अंकों की होगी। इसमें से 200 अंकों का बहुविकल्पीय और 200 अंकों का सब्जेक्टिव पेपर होगा। आईसीएआई ने इंडस्ट्री की डिमांड के हिसाब से कई नए सब्जेक्ट भी जोड़े हैं। इसमें जनरल फाइनेंशियल नॉलेज और बिजनेस इकोनॉमिक्स जैसे विषय प्रमुख तौर पर शामिल किए गए हैं। इसके अलावा अब आईटी की 100 अंकों की परीक्षा नहीं होगी। इसके बजाय 100 अंकों का आईटी का प्रैक्टिकल लिया जाएगा। नए पैटर्न में ऐच्छिक पेपर भी जोड़ा गया है।
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छात्र अपनी इच्छा से इस पेपर का चयन कर सकेंगे। आईसीएआई ने इस कोर्स को अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से बनाने की कोशिश की है। आईसीएआई देहरादून चैप्टर के मुताबिक, बदले हुए सीए पैटर्न को पूर्ण रूप से लागू कर दिया गया है। छात्रों के लिए चुनौती है, लेकिन इससे निश्चित तौर पर बेहतर परिणाम सामने आने की संभावना है। इस पैटर्न के तहत सीए कोर्स में प्रविष्ट छात्रों का कहना है कि पहले यहां प्रवेश ही आसान था, लेकिन बाद की चुनौतियां थी। अब प्रवेश से ही चुनौतियां शुरू हो गई हैं।
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