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गैस सब्सिडी त्यागने वाले 54 हजार उपभोक्ताओं ने सब्सिडी वापस मांगी
Sat, 11 May 2019 05:59 PM IST
देहरादून ब्यूरो
जूही प्रजापति, अमर उजाला, देहरादून
जूही प्रजापति, अमर उजाला, देहरादून
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 11 May 2019 05:59 PM IST
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प्रतीकात्मक
- फोटो : www.pexels.com
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर गैस सब्सिडी त्यागने वाले 54 हजार उपभोक्ताओं ने सब्सिडी वापस मांग ली है। लोगों गैस सिलिंडर के बढ़ते दामों से परेशान होकर सब्सिडी वापस मांगने पर मजबूर हो रहे हैं। अब हालत ये है कि दून में 68 हजार उपभोक्ताओं में से अब सिर्फ 14 हजार उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्होंने सब्सिडी छोड़ी हुई है।
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दरअसल, रसोई गैस की सब्सिडी सीधे उपभोक्ताओं के खातों में भेजने की व्यवस्था करने के साथ ही प्रधानमंत्री ने आर्थिक रूप से संपन्न उपभोक्ताओं से राष्ट्रहित में सब्सिडी छोड़ने की अपील की थी। यह अभियान देशभर में बडे़ पैमाने पर चला और इसका परिणाम था कि दून में ही 68 हजार उपभोक्ताओं ने सब्सिडी सरेंडर की।
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इन उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार ने बाकायदा प्रधानमंत्री के फोटो और हस्ताक्षर वाले प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया था। लेकिन, पिछले कुछ महीनों से महंगाई बढ़ने पर इन उपभोक्ताओं का हौसला जवाब दे गया। एक साल पहले तक 558 रुपये में बिकने वाले गैस सिलिंडर की कीमत अब बढ़कर 729 रुपये पहुंच गई है और सब्सिडी 90 से बढ़कर 322 रुपये पहुंच गई है। इसके बाद गैस एजेंसियों पर सब्सिडी वापस लेने का सिलसिला शुरू हो गया है। अब स्थिति यह है कि दून में मात्र अब 14 हजार उपभोक्ता ऐसे बचे हैं जिन्होंने अपनी सब्सिडी सरेंडर की हुई है।
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रसोई गैस सिलिंडर के लगातार बढ़ रहे दामों के कारण सब्सिडी वापस मांगने का सिलसिला अभी जारी है। कई उपभोक्ताओं ने सब्सिडी वापस ली है।
-चमनलाल, अध्यक्ष, दून एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स वेलफेयर एसोसिएशन