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इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य को भी छह घंटे पढ़ाना जरूरी
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
इंजीनियरिंग कॉलेजों के प्राचार्यों को भी हर सप्ताह कम से कम छह घंटे पढ़ाना होगा। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने सातवें वेतनमान की सिफारिशों में यह प्रावधान किए हैं।
एआईसीटीई के मुताबिक किसी भी इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य को भी हर सप्ताह कम से कम छह घंटे पढ़ाना जरूरी होगा। इसी प्रकार सहायक प्रोफेसर को 16 घंटे, एसोसिएट प्रोफेसर को 14 घंटे, प्रोफेसर या वरिष्ठ प्रोफेसर को भी कम से कम 14 घंटे शिक्षण या लैब में देने होंगे। एआईसीटीई ने प्रमोशन के मानक भी बदल दिए हैं। इसमें छात्रों के फीडबैक और शिक्षक के समाज के प्रति योगदान को भी शामिल किया गया है। एआईसीटीई ने वेबसाइट पर यह सिफारिशें अपलोड कर दी हैं।
इस आधार पर होगा प्रमोशन
शिक्षण प्रक्रिया : 25 अंक
छात्र फीडबैक : 25 अंक
विभागीय क्रियाकलाप : 20 अंक
संस्थान क्रियाकलाप : 20 अंक
एसीआर : 10 अंक
समाज को योगदान : 10 अंक
किस पद पर मिलेगा कितना शुरुआती वेतन
सहायक प्रोफेसर : 57700 रुपये
सहायक प्रोफेसर (वरिष्ठ मान) : 68900 रुपये
सहायक प्रोफेसर (चयन ग्रेड) : 79800 रुपये
एसोसिएट प्रोफेसर : 1,31,400 रुपये
प्रोफेसर : 1,44,200 रुपये
वरिष्ठ प्रोफेसर : 1,82,200 रुपये
प्राचार्य/निदेशक : 1,44,200 रुपये
सभी को स्वास्थ्य बीमा का लाभ
एआईसीटीई ने सातवें वेतनमान में यह सुविधा दी है। इसके तहत अगर किसी राज्य के कॉलेजों में शिक्षकों व कर्मचारियों को सरकार से स्वास्थ्य बीमा का लाभ नहीं मिल रहा है तो संस्थान अपने स्तर पर इसकी व्यवस्था करनी होगी। समूह स्वास्थ्य बीमा (ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस) का लाभ सेवानिवृत्त संकाय सदस्यों और अन्य कर्मचारियों को भी प्रदान किया जाएगा।
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शिक्षकों की भी उद्योगों में ट्रेनिंग
एआईसीटीई ने सातवें वेतनमान की सिफारिशों में शिक्षकों की उद्योगों में ट्रेनिंग को अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई), फिक्की, नैसकॉम आदि की मदद से एक तंत्र विकसित किया जाएगा। शिक्षकों को निश्चित अवधि पर उद्योगों में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।
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इंजीनियरिंग कॉलेजों के प्राचार्यों को भी हर सप्ताह कम से कम छह घंटे पढ़ाना होगा। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने सातवें वेतनमान की सिफारिशों में यह प्रावधान किए हैं।
एआईसीटीई के मुताबिक किसी भी इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य को भी हर सप्ताह कम से कम छह घंटे पढ़ाना जरूरी होगा। इसी प्रकार सहायक प्रोफेसर को 16 घंटे, एसोसिएट प्रोफेसर को 14 घंटे, प्रोफेसर या वरिष्ठ प्रोफेसर को भी कम से कम 14 घंटे शिक्षण या लैब में देने होंगे। एआईसीटीई ने प्रमोशन के मानक भी बदल दिए हैं। इसमें छात्रों के फीडबैक और शिक्षक के समाज के प्रति योगदान को भी शामिल किया गया है। एआईसीटीई ने वेबसाइट पर यह सिफारिशें अपलोड कर दी हैं।
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इस आधार पर होगा प्रमोशन
शिक्षण प्रक्रिया : 25 अंक
छात्र फीडबैक : 25 अंक
विभागीय क्रियाकलाप : 20 अंक
संस्थान क्रियाकलाप : 20 अंक
एसीआर : 10 अंक
समाज को योगदान : 10 अंक
किस पद पर मिलेगा कितना शुरुआती वेतन
सहायक प्रोफेसर : 57700 रुपये
सहायक प्रोफेसर (वरिष्ठ मान) : 68900 रुपये
सहायक प्रोफेसर (चयन ग्रेड) : 79800 रुपये
एसोसिएट प्रोफेसर : 1,31,400 रुपये
प्रोफेसर : 1,44,200 रुपये
वरिष्ठ प्रोफेसर : 1,82,200 रुपये
प्राचार्य/निदेशक : 1,44,200 रुपये
सभी को स्वास्थ्य बीमा का लाभ
एआईसीटीई ने सातवें वेतनमान में यह सुविधा दी है। इसके तहत अगर किसी राज्य के कॉलेजों में शिक्षकों व कर्मचारियों को सरकार से स्वास्थ्य बीमा का लाभ नहीं मिल रहा है तो संस्थान अपने स्तर पर इसकी व्यवस्था करनी होगी। समूह स्वास्थ्य बीमा (ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस) का लाभ सेवानिवृत्त संकाय सदस्यों और अन्य कर्मचारियों को भी प्रदान किया जाएगा।
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शिक्षकों की भी उद्योगों में ट्रेनिंग
एआईसीटीई ने सातवें वेतनमान की सिफारिशों में शिक्षकों की उद्योगों में ट्रेनिंग को अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई), फिक्की, नैसकॉम आदि की मदद से एक तंत्र विकसित किया जाएगा। शिक्षकों को निश्चित अवधि पर उद्योगों में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।