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पंजीकरण शुल्क बढ़ने से एक दिन में 10 लाख का फायदा
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ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। वाहनों का पंजीकरण शुल्क बढ़ाने से आरटीओ को एक दिन में 10 लाख रुपये राजस्व का फायदा हुआ है। संभागीय परिवहन कार्यालय में शुक्रवार को पंजीकरण शुल्क के रूप में 58 लाख रुपये जमा हुए। जबकि अन्य दिनों में प्रतिदिन 45 से 48 लाख रुपये राजस्व जमा हो रहा था।
दो जनवरी से वाहनों का पंजीकरण शुल्क बढ़ा दिया गया है। बीते करीब एक सप्ताह के भीतर खरीदे गए जिन वाहन स्वामियों ने पंजीकरण नहीं कराया था, उन्हें अब नए पंजीकरण शुल्क के हिसाब से भुगतान करना पड़ रहा है। आरटीओ में सुबह से पंजीकरण कराने के लिए काउंटर-छह पर वाहन स्वामियों की भीड़ उमड़ी। सैकड़ों दोपहिया व चौपहिया वाहनों का पंजीकरण किया गया। अधिकारियों के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक यही स्थिति रहने की संभावना है।
सात से 10 फीसदी बढ़ा शुल्क
नया पंजीकरण शुल्क लागू होने से पहले 10 लाख रुपये से सस्ते वाहन पर छह प्रतिशत और उससे महंगे वाहनों पर आठ प्रतिशत की दर से कर वसूला जाता था। इसी तरह ट्रैलर व ट्राला के पंजीकरण में चार प्रतिशत शुल्क वसूल जाता था। अब विभिन्न श्रेणियों में सात से 10 प्रतिशत शुल्क बढ़ा दिया गया है।
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शासनादेश के बाद लागू नए पंजीकरण शुल्क की दरें
दोपहिया और तिपहिया वाहन
>> 50 हजार रुपये तक के वाहन पर 6 प्रतिशत से 7 प्रतिशत शुल्क।
>> 50 हजार से एक लाख रुपये के वाहन पर 6 प्रतिशत से 8 प्रतिशत शुल्क।
>> एक लाख रुपये से महंगे वाहनों पर 6 प्रतिशत से 9 प्रतिशत शुल्क।
चौपहिया वाहन
>> पांच लाख रुपये तक के वाहन पर 6 प्रतिशत से 8 प्रतिशत शुल्क।
>> पांच से दस लाख रुपये तक पर 6 प्रतिशत से 9 प्रतिशत शुल्क।
>> दस लाख रुपये से महंगे पर 8 प्रतिशत से 10 प्रतिशत शुल्क।
पंजीकरण शुल्क बढ़ने के बाद आरटीओ के राजस्व में बढ़ोतरी हुई है। बीते पांच से सात दिन में काफी संख्या में लोगों ने वाहन खरीदे हैं। उम्मीद है अगले कुछ दिन तक राजस्व में बढ़ोतरी जारी रहेगी। -अरविंद पांडेय, एआरटीओ
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देहरादून। वाहनों का पंजीकरण शुल्क बढ़ाने से आरटीओ को एक दिन में 10 लाख रुपये राजस्व का फायदा हुआ है। संभागीय परिवहन कार्यालय में शुक्रवार को पंजीकरण शुल्क के रूप में 58 लाख रुपये जमा हुए। जबकि अन्य दिनों में प्रतिदिन 45 से 48 लाख रुपये राजस्व जमा हो रहा था।
दो जनवरी से वाहनों का पंजीकरण शुल्क बढ़ा दिया गया है। बीते करीब एक सप्ताह के भीतर खरीदे गए जिन वाहन स्वामियों ने पंजीकरण नहीं कराया था, उन्हें अब नए पंजीकरण शुल्क के हिसाब से भुगतान करना पड़ रहा है। आरटीओ में सुबह से पंजीकरण कराने के लिए काउंटर-छह पर वाहन स्वामियों की भीड़ उमड़ी। सैकड़ों दोपहिया व चौपहिया वाहनों का पंजीकरण किया गया। अधिकारियों के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक यही स्थिति रहने की संभावना है।
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सात से 10 फीसदी बढ़ा शुल्क
नया पंजीकरण शुल्क लागू होने से पहले 10 लाख रुपये से सस्ते वाहन पर छह प्रतिशत और उससे महंगे वाहनों पर आठ प्रतिशत की दर से कर वसूला जाता था। इसी तरह ट्रैलर व ट्राला के पंजीकरण में चार प्रतिशत शुल्क वसूल जाता था। अब विभिन्न श्रेणियों में सात से 10 प्रतिशत शुल्क बढ़ा दिया गया है।
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शासनादेश के बाद लागू नए पंजीकरण शुल्क की दरें
दोपहिया और तिपहिया वाहन
>> 50 हजार रुपये तक के वाहन पर 6 प्रतिशत से 7 प्रतिशत शुल्क।
>> 50 हजार से एक लाख रुपये के वाहन पर 6 प्रतिशत से 8 प्रतिशत शुल्क।
>> एक लाख रुपये से महंगे वाहनों पर 6 प्रतिशत से 9 प्रतिशत शुल्क।
चौपहिया वाहन
>> पांच लाख रुपये तक के वाहन पर 6 प्रतिशत से 8 प्रतिशत शुल्क।
>> पांच से दस लाख रुपये तक पर 6 प्रतिशत से 9 प्रतिशत शुल्क।
>> दस लाख रुपये से महंगे पर 8 प्रतिशत से 10 प्रतिशत शुल्क।
पंजीकरण शुल्क बढ़ने के बाद आरटीओ के राजस्व में बढ़ोतरी हुई है। बीते पांच से सात दिन में काफी संख्या में लोगों ने वाहन खरीदे हैं। उम्मीद है अगले कुछ दिन तक राजस्व में बढ़ोतरी जारी रहेगी। -अरविंद पांडेय, एआरटीओ