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चुनाव देख एक् शन मोड में आए निवर्तमान पार्षद
Updated Sun, 14 Oct 2018 01:32 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
नगर निगम चुनाव को देखते हुए निवर्तमान पार्षद एक्शन मोड में आ गए हैं। नगर निगम से विकास कार्यों के लिए धनराशि जारी नहीं होने के कारण वह अपने रुपयों से कार्य करा रहे हैं। किशन नगर, हाथीबड़कला, लक्खीबाग आदि वार्डों में विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं।
पिछले बोर्ड गठन के चार वर्षों तक कोई भी बड़ी धनराशि जारी नहीं हुई। वहीं, बोर्ड भंग होने से पहले निवर्तमान मेयर विनोद चमोली ने हर वार्ड में 65 लाख रुपये देने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई थी। लेकिन, अभी तक वार्डों को 25 लाख रुपये की केवल एक ही किस्त जारी हुई है। इस कारण निवर्तमान पार्षदों में भी आक्रोश है।
किशन नगर की निवर्तमान पार्षद नंदिनी शर्मा बताती हैं कि कई बार अधिकारियों से धनराशि जारी कराने को कहा गया, लेकिन धनराशि जारी नहीं हुई। ऐसे में स्ट्रीट लाइट, गड्ढों का भरान आदि महत्वपूर्ण कार्य अपने पास से कराने पड़ रहे हैं। हाथीबड़कला के निवर्तमान पार्षद भूपेंद्र कठैत बताते हैं कि क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट की काफी समस्या है। शिकायत के बाद भी स्ट्रीट लाइट नहीं लगाई गई, जिसके कारण खुद ही लाइट लगवाई। इसी तरह वसंत विहार निवर्तमान पार्षद अमीता सिंह और लक्खीबाग के निवर्तमान पार्षद सुशील गुप्ता भी अपने क्षेत्र में कार्य करा रहे हैं। उनका कहना है कि वार्डों में काम नहीं होने से लोगों में आक्रोश स्वभाविक है। वह तो हमसे ही कहेंगे। नगर निगम प्रशासन को भी इस पर ध्यान देने की जरूरत है। ऐसे में नाली निर्माण और सड़क को खुद ही दुरुस्त करवाना पड़ रहा है।
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नगर निगम की ओर से 25 लाख की धनराशि आवंटित की जा चुकी है। वहीं, बोर्ड में स्वीकृत धनराशि के स्टीमेट तैयार नहीं हुए हैं। इस कारण उसकी धनराशि जारी नहीं की गई है।
- विजय कुमार जोगदंडे, नगर आयुक्त
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मैंने हर वार्ड के लिए 65 लाख रुपये की धनराशि जारी किए थे। लेकिन, अभी तक वार्डों को पूरा पैसा नहीं मिला। यही कारण है कि विकास कार्य रुके हुए हैं।
- विनोद चमोली, निवर्तमान मेयर
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नगर निगम चुनाव को देखते हुए निवर्तमान पार्षद एक्शन मोड में आ गए हैं। नगर निगम से विकास कार्यों के लिए धनराशि जारी नहीं होने के कारण वह अपने रुपयों से कार्य करा रहे हैं। किशन नगर, हाथीबड़कला, लक्खीबाग आदि वार्डों में विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं।
पिछले बोर्ड गठन के चार वर्षों तक कोई भी बड़ी धनराशि जारी नहीं हुई। वहीं, बोर्ड भंग होने से पहले निवर्तमान मेयर विनोद चमोली ने हर वार्ड में 65 लाख रुपये देने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई थी। लेकिन, अभी तक वार्डों को 25 लाख रुपये की केवल एक ही किस्त जारी हुई है। इस कारण निवर्तमान पार्षदों में भी आक्रोश है।
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किशन नगर की निवर्तमान पार्षद नंदिनी शर्मा बताती हैं कि कई बार अधिकारियों से धनराशि जारी कराने को कहा गया, लेकिन धनराशि जारी नहीं हुई। ऐसे में स्ट्रीट लाइट, गड्ढों का भरान आदि महत्वपूर्ण कार्य अपने पास से कराने पड़ रहे हैं। हाथीबड़कला के निवर्तमान पार्षद भूपेंद्र कठैत बताते हैं कि क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट की काफी समस्या है। शिकायत के बाद भी स्ट्रीट लाइट नहीं लगाई गई, जिसके कारण खुद ही लाइट लगवाई। इसी तरह वसंत विहार निवर्तमान पार्षद अमीता सिंह और लक्खीबाग के निवर्तमान पार्षद सुशील गुप्ता भी अपने क्षेत्र में कार्य करा रहे हैं। उनका कहना है कि वार्डों में काम नहीं होने से लोगों में आक्रोश स्वभाविक है। वह तो हमसे ही कहेंगे। नगर निगम प्रशासन को भी इस पर ध्यान देने की जरूरत है। ऐसे में नाली निर्माण और सड़क को खुद ही दुरुस्त करवाना पड़ रहा है।
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नगर निगम की ओर से 25 लाख की धनराशि आवंटित की जा चुकी है। वहीं, बोर्ड में स्वीकृत धनराशि के स्टीमेट तैयार नहीं हुए हैं। इस कारण उसकी धनराशि जारी नहीं की गई है।
- विजय कुमार जोगदंडे, नगर आयुक्त
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मैंने हर वार्ड के लिए 65 लाख रुपये की धनराशि जारी किए थे। लेकिन, अभी तक वार्डों को पूरा पैसा नहीं मिला। यही कारण है कि विकास कार्य रुके हुए हैं।
- विनोद चमोली, निवर्तमान मेयर