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निजी स्कूलों के लिए फीस एक्ट बनाए सरकार
Updated Thu, 30 Aug 2018 02:12 AM IST
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निजी स्कूलों के लिए फीस एक्ट बनाए सरकार
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। प्रदेश में करीब 10 लाख शिक्षित युवा बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं। पहाड़ के लोग खेती से किनारा करते जा रहे हैं। शिक्षा का स्तर भी सही नहीं है। इन समस्याओं का समाधान करने के लिए मुख्यमंत्री को कदम उठाने चाहिए। उक्त बातें बुधवार को राष्ट्रीय आदर्श पार्टी के अध्यक्ष एमएस कटारिया ने कही। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री को संबोधित 12 सूत्री ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
ज्ञापन के जरिये मांग की गई है कि फीस एक्ट बनाकर सभी निजी स्कूलों पर लागू किया जाए। साथ ही पिछले 10 वर्षों में बढ़ी फीस का ऑडिट भी किया जाए। एमएस कटारिया ने कहा कि निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के लिए 25 फीसदी कोटा निर्धारित किया जाए। जिस पर सरकार निगरानी रखे। निजी स्कूलों में शिक्षकों और अन्य स्टाफ का प्रतिमाह वेतन निर्धारित किया जाए और उसमें प्रतिवर्ष बढ़ोतरी का नियम भी बनाया जाए। ज्ञापन में बताया गया है कि प्रदेश में सभी विभागों में 40 हजार से ज्यादा पद रिक्त हैं, जिन्हें तत्काल भरने की प्रक्रिया शुरू की जाए। इसके अलावा सरकार की ओर से निरस्त किए गए 25 हजार पदों को फिर से बहाल किया जाए। इसके अलावा किसानों की सहूलियत के लिए प्रदेश में जल्द चकबंदी लागू होनी चाहिए।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। प्रदेश में करीब 10 लाख शिक्षित युवा बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं। पहाड़ के लोग खेती से किनारा करते जा रहे हैं। शिक्षा का स्तर भी सही नहीं है। इन समस्याओं का समाधान करने के लिए मुख्यमंत्री को कदम उठाने चाहिए। उक्त बातें बुधवार को राष्ट्रीय आदर्श पार्टी के अध्यक्ष एमएस कटारिया ने कही। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री को संबोधित 12 सूत्री ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
ज्ञापन के जरिये मांग की गई है कि फीस एक्ट बनाकर सभी निजी स्कूलों पर लागू किया जाए। साथ ही पिछले 10 वर्षों में बढ़ी फीस का ऑडिट भी किया जाए। एमएस कटारिया ने कहा कि निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के लिए 25 फीसदी कोटा निर्धारित किया जाए। जिस पर सरकार निगरानी रखे। निजी स्कूलों में शिक्षकों और अन्य स्टाफ का प्रतिमाह वेतन निर्धारित किया जाए और उसमें प्रतिवर्ष बढ़ोतरी का नियम भी बनाया जाए। ज्ञापन में बताया गया है कि प्रदेश में सभी विभागों में 40 हजार से ज्यादा पद रिक्त हैं, जिन्हें तत्काल भरने की प्रक्रिया शुरू की जाए। इसके अलावा सरकार की ओर से निरस्त किए गए 25 हजार पदों को फिर से बहाल किया जाए। इसके अलावा किसानों की सहूलियत के लिए प्रदेश में जल्द चकबंदी लागू होनी चाहिए।
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