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न्यूनतम वेतनमान के लिए सड़कों पर उतरे श्रमिक
Updated Fri, 03 Aug 2018 02:21 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, मसूरी
न्यूनतम वेतनमान समेत छह सूत्री मांगों के समर्थन में होटल वर्कर्स यूनियन के कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को ज्ञापन प्रेषित किया। उनका कहना है कि मांगें पूरी नहीं होने पर तय रणनीति के मुताबिक नौ अगस्त को देहरादून में विशाल प्रदर्शन किया जाएगा।
बृहस्पतिवार को होटल वर्कर्स यूनियन, मसूरी इकाई के सैकड़ों कार्यकर्ता पिक्चर पैलेस चौक पर एकत्रित हुए। यहां उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। मसूरी इकाई के अध्यक्ष आरपी बडोनी ने कहा कि उत्तराखंड में असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों की संख्या 12 से 14 लाख है, जो अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में न्यूनतम वेतन घोषित हो चुका है, लेकिन उत्तराखंड में न्यूनतम वेतनमान बढ़ती महंगाई के लिहाज से नाकाफी है। उन्होंने आज की महंगाई को देखते हुए न्यूनतम वेतनमान बढ़ाने की मांग की। बडोनी ने कहा कि यदि सरकार न्यूनतम वेतन घोषित नहीं करती है तो प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिक लोकसभा और नगर पालिका चुनाव का बहिष्कार करने को बाध्य होंगे।
श्रमिकों की छह सूत्री मांगों में होटलों एवं स्कूलों में ईएसआई और ईपीएफ लागू करने, मसूरी में युवा बेरोजगारों के लिए होटल मैनेजमेंट की उच्च शिक्षा के लिए प्रशिक्षण संस्थान खोलने, सभी होटलों एवं स्कूलों में काम कर रहे श्रमिकों की भविष्य निधि की कटौती समेत अन्य मांगें शामिल हैं। इस मौके पर अनुसुइया प्रसाद उनियाल, त्रेपन सिंह रावत, चेतराम बडोनी, जगदीश उनियाल, प्रेम खंडूरी, पूरण नेगी, ललित मोहन, प्रदीप खरोला, भरत सिंह रावत, अर्जुन सिंह, पवन सिंह, धनवीर कंडारी, मुलायम सिंह, खुशीराम थपलियाल, द्वारिका प्रसाद, वीरेंद्र रावत, धर्मेंद्र शर्मा भरत सिंह रावत सहित बड़ी संख्या में श्रमिक मौजूद रहे।
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न्यूनतम वेतनमान समेत छह सूत्री मांगों के समर्थन में होटल वर्कर्स यूनियन के कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को ज्ञापन प्रेषित किया। उनका कहना है कि मांगें पूरी नहीं होने पर तय रणनीति के मुताबिक नौ अगस्त को देहरादून में विशाल प्रदर्शन किया जाएगा।
बृहस्पतिवार को होटल वर्कर्स यूनियन, मसूरी इकाई के सैकड़ों कार्यकर्ता पिक्चर पैलेस चौक पर एकत्रित हुए। यहां उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। मसूरी इकाई के अध्यक्ष आरपी बडोनी ने कहा कि उत्तराखंड में असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों की संख्या 12 से 14 लाख है, जो अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में न्यूनतम वेतन घोषित हो चुका है, लेकिन उत्तराखंड में न्यूनतम वेतनमान बढ़ती महंगाई के लिहाज से नाकाफी है। उन्होंने आज की महंगाई को देखते हुए न्यूनतम वेतनमान बढ़ाने की मांग की। बडोनी ने कहा कि यदि सरकार न्यूनतम वेतन घोषित नहीं करती है तो प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिक लोकसभा और नगर पालिका चुनाव का बहिष्कार करने को बाध्य होंगे।
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श्रमिकों की छह सूत्री मांगों में होटलों एवं स्कूलों में ईएसआई और ईपीएफ लागू करने, मसूरी में युवा बेरोजगारों के लिए होटल मैनेजमेंट की उच्च शिक्षा के लिए प्रशिक्षण संस्थान खोलने, सभी होटलों एवं स्कूलों में काम कर रहे श्रमिकों की भविष्य निधि की कटौती समेत अन्य मांगें शामिल हैं। इस मौके पर अनुसुइया प्रसाद उनियाल, त्रेपन सिंह रावत, चेतराम बडोनी, जगदीश उनियाल, प्रेम खंडूरी, पूरण नेगी, ललित मोहन, प्रदीप खरोला, भरत सिंह रावत, अर्जुन सिंह, पवन सिंह, धनवीर कंडारी, मुलायम सिंह, खुशीराम थपलियाल, द्वारिका प्रसाद, वीरेंद्र रावत, धर्मेंद्र शर्मा भरत सिंह रावत सहित बड़ी संख्या में श्रमिक मौजूद रहे।
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