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‘उफतारा’ ने सरकार पर लगाया कलाकारों की उपेक्षा का आरोप
Updated Wed, 20 Jun 2018 01:40 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
उत्तराखंड फिल्म, टेलीविजन एंड रेडियो एसोसिएशन ‘उफतारा’ ने राज्य सरकार पर उत्तराखंड के कलाकारों की उपेक्षा को आरोप लगाया है। इससे राज्य की भाषा-बोली एवं संस्कृति के लिए काम करने वाले फिल्म निर्माता-निदेशक और कलाकारों को भटकना पड़ रहा है।
‘उफतारा’ के केंद्रीय अध्यक्ष चंद्रवीर गायत्री मंगलवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। चंद्रवीर गायत्री ने आरोप लगाया कि चर्चा के बाबत राज्य सरकार एक साल से समय नहीं दे रही है। केंद्रीय अध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद में नियुक्त अधिकारी मनमर्जी कर रहे हैं। वे बिना बोर्ड बैठक के ही निर्णय ले रहे हैं। इससे राज्य कलाकारों और फिल्म के निर्माता-निर्देशकों को अवसर नहीं मिल रहा है। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंडी फिल्म सम्मान समारोह, कलाकार कल्याण कोष की स्थापना, कलाकरों को उत्तराखंड राज्य संस्कृति लोक सेनानी का दर्जा देने, कलाकरों, फिल्म निर्माता-निर्देशकों को सूचीबद्ध करने की मांग उठाई। इसके अलावा राज्य संस्कृति लोक सेनानी का दर्जा प्राप्त कलाकारों को संस्कृति विभाग की ओर से 21 हजार रुपये हर महीने देने का प्रावधान किया जाए। चंद्रवीर गायत्री ने कहा कि वर्तमान में राज्य की संस्कृति, नृत्य, गीत, कलाकार विलुप्ती के कगार पर हैं। इसके प्रति राज्य सरकार को गंभीरता से विचार करना होगा। केंद्रीय अध्यक्ष ने कहा कि उक्त मांगों पर एक महीने के भीतर अमल नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने जुबिन नौटियाल प्रकरण में उच्च स्तरीय जांच और दोषी को सजा देने की बात कही।
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उत्तराखंड फिल्म, टेलीविजन एंड रेडियो एसोसिएशन ‘उफतारा’ ने राज्य सरकार पर उत्तराखंड के कलाकारों की उपेक्षा को आरोप लगाया है। इससे राज्य की भाषा-बोली एवं संस्कृति के लिए काम करने वाले फिल्म निर्माता-निदेशक और कलाकारों को भटकना पड़ रहा है।
‘उफतारा’ के केंद्रीय अध्यक्ष चंद्रवीर गायत्री मंगलवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। चंद्रवीर गायत्री ने आरोप लगाया कि चर्चा के बाबत राज्य सरकार एक साल से समय नहीं दे रही है। केंद्रीय अध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद में नियुक्त अधिकारी मनमर्जी कर रहे हैं। वे बिना बोर्ड बैठक के ही निर्णय ले रहे हैं। इससे राज्य कलाकारों और फिल्म के निर्माता-निर्देशकों को अवसर नहीं मिल रहा है। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंडी फिल्म सम्मान समारोह, कलाकार कल्याण कोष की स्थापना, कलाकरों को उत्तराखंड राज्य संस्कृति लोक सेनानी का दर्जा देने, कलाकरों, फिल्म निर्माता-निर्देशकों को सूचीबद्ध करने की मांग उठाई। इसके अलावा राज्य संस्कृति लोक सेनानी का दर्जा प्राप्त कलाकारों को संस्कृति विभाग की ओर से 21 हजार रुपये हर महीने देने का प्रावधान किया जाए। चंद्रवीर गायत्री ने कहा कि वर्तमान में राज्य की संस्कृति, नृत्य, गीत, कलाकार विलुप्ती के कगार पर हैं। इसके प्रति राज्य सरकार को गंभीरता से विचार करना होगा। केंद्रीय अध्यक्ष ने कहा कि उक्त मांगों पर एक महीने के भीतर अमल नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने जुबिन नौटियाल प्रकरण में उच्च स्तरीय जांच और दोषी को सजा देने की बात कही।
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