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प्रधानाध्यापकों की पदोन्नति मामले का जल्द होगा निस्तारण
Updated Fri, 18 May 2018 02:12 AM IST
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प्रधानाध्यापकों की पदोन्नति मामले का जल्द होगा निस्तारण
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
प्रधानाध्यापक से प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति और तदर्थ से मौलिक पदोन्नति के मामले में लगा पेंच हट गया है। राजकीय प्रधानाचार्य एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत में निदेशक विद्यालयी शिक्षा आरके कुंवर ने जल्द ही प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया है।
बृहस्पतिवार को राजकीय प्रधानाचार्य एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने निदेशक के समक्ष अपनी मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि सितंबर 2016 से 88 प्रधानाध्यापकों की पदोन्नति का मामला विभाग में अटका हुआ है। इन प्रधानाध्यापकों की प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति होनी है। इस पर निदेशक ने कहा कि सभी दस्तावेज दो दिनों में शासन को भेज दिए जाएंगे। इसके बाद उनकी डीपीसी की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
इसके अलावा निदेशक को बताया गया कि 400 प्रधानाध्यापक तदर्थ पदों पर कार्यरत हैं, जिन्हें मौलिक रूप से नियुक्ति मिलनी है। निदेशक आरके कुंवर ने उनके सभी दस्तावेज भी निदेशालय स्तर से शासन को भेजने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि सेवानिवृत्ति के बाद प्रधानाचार्यों को वेतनमान का लाभ नहीं मिल रहा है। साथ ही विद्यालयों में चौकीदार भी नहीं हैं। ऐसे में छुट्टियों के दौरान कंप्यूटर समेत विद्यालय के अन्य सामान की सुरक्षा को लेकर चिंता है। प्रांतीय प्रवक्ता पूनम राणा ने बताया कि निदेशक ने उन्हें इस संबंध में अपने स्तर से निर्णय लेने के निर्देश दिए।
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निदेशक से मुलाकात करने वालों में प्रांतीय अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट, मंत्री रामबाबू विमल, महिला संयुक्त मंत्री प्रेमलता बौड़ाई, देहरादून के जिला मंत्री प्रमोद थपलियाल, गढ़वाल मंडल के मंडलीय अध्यक्ष विजेंद्र नेगी शामिल रहे।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
प्रधानाध्यापक से प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति और तदर्थ से मौलिक पदोन्नति के मामले में लगा पेंच हट गया है। राजकीय प्रधानाचार्य एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत में निदेशक विद्यालयी शिक्षा आरके कुंवर ने जल्द ही प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया है।
बृहस्पतिवार को राजकीय प्रधानाचार्य एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने निदेशक के समक्ष अपनी मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि सितंबर 2016 से 88 प्रधानाध्यापकों की पदोन्नति का मामला विभाग में अटका हुआ है। इन प्रधानाध्यापकों की प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति होनी है। इस पर निदेशक ने कहा कि सभी दस्तावेज दो दिनों में शासन को भेज दिए जाएंगे। इसके बाद उनकी डीपीसी की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
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इसके अलावा निदेशक को बताया गया कि 400 प्रधानाध्यापक तदर्थ पदों पर कार्यरत हैं, जिन्हें मौलिक रूप से नियुक्ति मिलनी है। निदेशक आरके कुंवर ने उनके सभी दस्तावेज भी निदेशालय स्तर से शासन को भेजने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि सेवानिवृत्ति के बाद प्रधानाचार्यों को वेतनमान का लाभ नहीं मिल रहा है। साथ ही विद्यालयों में चौकीदार भी नहीं हैं। ऐसे में छुट्टियों के दौरान कंप्यूटर समेत विद्यालय के अन्य सामान की सुरक्षा को लेकर चिंता है। प्रांतीय प्रवक्ता पूनम राणा ने बताया कि निदेशक ने उन्हें इस संबंध में अपने स्तर से निर्णय लेने के निर्देश दिए।
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निदेशक से मुलाकात करने वालों में प्रांतीय अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट, मंत्री रामबाबू विमल, महिला संयुक्त मंत्री प्रेमलता बौड़ाई, देहरादून के जिला मंत्री प्रमोद थपलियाल, गढ़वाल मंडल के मंडलीय अध्यक्ष विजेंद्र नेगी शामिल रहे।