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स्पेन के परिवार ने दून की मासूम को लिया गोद
Updated Thu, 22 Mar 2018 12:12 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
चार साल से राजकीय शिशु सदन में रह रही सात साल की कुमकुम (काल्पनिक नाम) की परवरिश स्पेन में होगी। स्पेन के एक निसंतान दंपति ने सेंट्रल एडॉप्शन एंड रिसोर्स अथॉरिटी (कारा) और आशा संस्था के जरिये बच्ची को गोद लिया है। जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट के मुताबिक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद सोमवार को बच्ची दंपति को सौंप दी गई।
जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि स्पेन का एक निसंतान दंपति कई साल पहले उत्तराखंड आया था। दोनों पति-पत्नी उत्तराखंड की संस्कृति से इतना अभिभूत हुए कि उन्होंने यहां से एक बच्ची गोद लेने का फैसला किया। इस बाबत उन्होंने करीब डेढ़ साल पहले कारा और आशा संस्था से संपर्क किया था। जिसके बाद अब उन्होंने राजकीय शिशु सदन देहरादून से पहली कक्षा में पढ़ने वाली एक सात साल की बच्ची को गोद ले लिया है। बताया गया कि कारा के जरिये बीते दो वर्षों में 24 बच्चों को परिवार मिल चुके हैं।
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नारी निकेतन से युवती को ले गए परिजन
साल 2009 में नारी निकेतन में दाखिल हुई युवती को उसके परिजन झारखंड ले गए हैं। वह बीते नौ वर्ष से नारी निकेतन में रह रही थी। जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट ने बताया कि युवती को पूरी कागजी कार्रवाई करने के बाद परिजनों के सुपुर्द किया गया है। पुलिस टीम परिजनों के साथ गई है।
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चार साल से राजकीय शिशु सदन में रह रही सात साल की कुमकुम (काल्पनिक नाम) की परवरिश स्पेन में होगी। स्पेन के एक निसंतान दंपति ने सेंट्रल एडॉप्शन एंड रिसोर्स अथॉरिटी (कारा) और आशा संस्था के जरिये बच्ची को गोद लिया है। जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट के मुताबिक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद सोमवार को बच्ची दंपति को सौंप दी गई।
जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि स्पेन का एक निसंतान दंपति कई साल पहले उत्तराखंड आया था। दोनों पति-पत्नी उत्तराखंड की संस्कृति से इतना अभिभूत हुए कि उन्होंने यहां से एक बच्ची गोद लेने का फैसला किया। इस बाबत उन्होंने करीब डेढ़ साल पहले कारा और आशा संस्था से संपर्क किया था। जिसके बाद अब उन्होंने राजकीय शिशु सदन देहरादून से पहली कक्षा में पढ़ने वाली एक सात साल की बच्ची को गोद ले लिया है। बताया गया कि कारा के जरिये बीते दो वर्षों में 24 बच्चों को परिवार मिल चुके हैं।
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नारी निकेतन से युवती को ले गए परिजन
साल 2009 में नारी निकेतन में दाखिल हुई युवती को उसके परिजन झारखंड ले गए हैं। वह बीते नौ वर्ष से नारी निकेतन में रह रही थी। जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट ने बताया कि युवती को पूरी कागजी कार्रवाई करने के बाद परिजनों के सुपुर्द किया गया है। पुलिस टीम परिजनों के साथ गई है।
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