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प्राकृतिक उत्पादों का उपयोग कर बने निरोगी
Updated Sat, 10 Mar 2018 02:40 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
उत्तरांचल पीजी कालेज ऑफ बायोमेडिकल सांइसेज एंड हॉस्पिटल में शुक्रवार को दो दिवसीय नेशनल सेमिनार का शुभारंभ हुआ। ‘प्राकृतिक और प्रयुक्त विज्ञान में परिप्रेक्ष्य’ विषय पर आयोजित सेमिनार में विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। वहीं, प्रतिभागियों के शोध प्रपत्रों का पत्रिका के रूप में विमोचन भी किया गया।
कॉलेज के प्रबंध निदेशक डॉ.जीडीएस वार्ने, अध्यक्ष पुष्पा वार्ने, प्रो. आरएन खरवार (बनारस हिंदू विवि, वाराणसी) और प्रो. सुनील के देशमुख (ऊर्जा और संसाधन संस्थान, दिल्ली) ने सेमिनार का शुभारंभ किया। प्रो.आरएन खरवार ने बायो एक्टिव प्राकृतिक उत्पादों के शुद्धीकरण के लक्षणों पर विचार रखे। उन्होंने छात्र-छात्राओं को प्राकृतिक उत्पादों का उपयोग कर किस तरह से निरोगी बन सकते हैं, इसके बारे में भी जानकारी दी। प्रो.सुनील के देशमुख ने एडोफाइट कवक के माध्यम से बनने वाली औषधियों की जानकारी दी। वहीं, सरदार भगवान सिंह पैरामेडिकल कॉलेज की मनीषा मल्होत्रा और गुरु रामराय पीजी कॉलेज के डॉ.लोकेश गंभीर ने अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए। इस दौरान कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ.रश्मि डींगरा, उपनिदेशक डॉ.डीके गुप्ता, डीन डॉ.पल्लवी चौहान, डॉ.नेहा सैनी, डॉ.सीमा नैनवाल समेत छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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उत्तरांचल पीजी कालेज ऑफ बायोमेडिकल सांइसेज एंड हॉस्पिटल में शुक्रवार को दो दिवसीय नेशनल सेमिनार का शुभारंभ हुआ। ‘प्राकृतिक और प्रयुक्त विज्ञान में परिप्रेक्ष्य’ विषय पर आयोजित सेमिनार में विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। वहीं, प्रतिभागियों के शोध प्रपत्रों का पत्रिका के रूप में विमोचन भी किया गया।
कॉलेज के प्रबंध निदेशक डॉ.जीडीएस वार्ने, अध्यक्ष पुष्पा वार्ने, प्रो. आरएन खरवार (बनारस हिंदू विवि, वाराणसी) और प्रो. सुनील के देशमुख (ऊर्जा और संसाधन संस्थान, दिल्ली) ने सेमिनार का शुभारंभ किया। प्रो.आरएन खरवार ने बायो एक्टिव प्राकृतिक उत्पादों के शुद्धीकरण के लक्षणों पर विचार रखे। उन्होंने छात्र-छात्राओं को प्राकृतिक उत्पादों का उपयोग कर किस तरह से निरोगी बन सकते हैं, इसके बारे में भी जानकारी दी। प्रो.सुनील के देशमुख ने एडोफाइट कवक के माध्यम से बनने वाली औषधियों की जानकारी दी। वहीं, सरदार भगवान सिंह पैरामेडिकल कॉलेज की मनीषा मल्होत्रा और गुरु रामराय पीजी कॉलेज के डॉ.लोकेश गंभीर ने अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए। इस दौरान कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ.रश्मि डींगरा, उपनिदेशक डॉ.डीके गुप्ता, डीन डॉ.पल्लवी चौहान, डॉ.नेहा सैनी, डॉ.सीमा नैनवाल समेत छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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