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गोरखा राइफल्स का इतिहास बेहद गौरवशाली
Updated Tue, 20 Feb 2018 02:13 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
2/1 गोरखा राइफल्स का इतिहास बेहद गौरवशाली है। भारतीय सेना में इसका अहम योगदान है। ये बातें ले. कर्नल एएस खंडूड़ी (अप्र) और पीसी सकलानी ने 2/1 गोरखा राइफल्स के 132वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कहीं। इस अवसर पर पूर्व सैनिकों ने बटालियन के शहीद जवानों के लिए दो मिनट मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
सोमवार को वसंत विहार स्थित रेस्टोरेंट में पूर्व सैनिकों ने 2/1 गोरखा राइफल्स का स्थापना दिवस मनाया। मुख्य अतिथि ले. कर्नल एएस खंडूरी (अप्र) और ले. कर्नल पीसी सकलानी (अप्र) रहे। उन्होंने केक काटकर कार्यक्रम की शुरुआत और मौजूद लोगों को बटालियन के बारे में बताया। अध्यक्षता कैप्टन संजीव गुरुंग ने की। उन्होंने कहा कि कई वीरता पदक हासिल करने वाली गोरखा राइफल्स को वीर पलटन के नाम से भी पुकारा जाता है। 1997 में चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ और वर्ष 2008 में आर्मी कमांडर के प्रशस्ति पत्र भी मिले। इस अवसर पर ब्रिगेडियर (अप्र) आर बहुगुणा, ब्रिगेडियर पीएस बेंस (अप्र), सूबेदार मान सिंह गुरुंग (अप्र), सूबेदार तेज बहादुर थापा (अप्र) समेत अन्य पूर्व सैनिक और उनके परिजन मौजूद रहे।
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2/1 गोरखा राइफल्स का इतिहास बेहद गौरवशाली है। भारतीय सेना में इसका अहम योगदान है। ये बातें ले. कर्नल एएस खंडूड़ी (अप्र) और पीसी सकलानी ने 2/1 गोरखा राइफल्स के 132वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कहीं। इस अवसर पर पूर्व सैनिकों ने बटालियन के शहीद जवानों के लिए दो मिनट मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
सोमवार को वसंत विहार स्थित रेस्टोरेंट में पूर्व सैनिकों ने 2/1 गोरखा राइफल्स का स्थापना दिवस मनाया। मुख्य अतिथि ले. कर्नल एएस खंडूरी (अप्र) और ले. कर्नल पीसी सकलानी (अप्र) रहे। उन्होंने केक काटकर कार्यक्रम की शुरुआत और मौजूद लोगों को बटालियन के बारे में बताया। अध्यक्षता कैप्टन संजीव गुरुंग ने की। उन्होंने कहा कि कई वीरता पदक हासिल करने वाली गोरखा राइफल्स को वीर पलटन के नाम से भी पुकारा जाता है। 1997 में चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ और वर्ष 2008 में आर्मी कमांडर के प्रशस्ति पत्र भी मिले। इस अवसर पर ब्रिगेडियर (अप्र) आर बहुगुणा, ब्रिगेडियर पीएस बेंस (अप्र), सूबेदार मान सिंह गुरुंग (अप्र), सूबेदार तेज बहादुर थापा (अप्र) समेत अन्य पूर्व सैनिक और उनके परिजन मौजूद रहे।
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