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ओवरलोड वाहनों से डाकपत्थर बैराज के हेड रेगुलेटर को खतरा
Updated Wed, 03 Jan 2018 01:49 AM IST
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ओवरलोड वाहनों से डाकपत्थर बैराज के हेड रेगुलेटर को खतरा
ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
खनन सामग्री से भरे ओवरलोड वाहन गुजरने से डाकपत्थर बैराज पर बने हेड रेगुलेटर पुल पर खतरा बढ़ गया है। पुल की सुरक्षा के लिए जल विद्युत निगम प्रबंधन ने गॉर्ड तैनात किए हैं, लेकिन गॉर्ड की आंखों के सामने से ओवरलोटड वाहन पुल से निकलते हैं। पुलिस प्रशासन का रवैया भी उदासीनता भरा है। इससे पुल पर खतरा बढ़ गया है। इस बाबत ग्राम पंचायत डाकपत्थर के प्रधान सुबोध गोयल ने उत्तराखंड जल विद्युत निगम के अधिकारियों और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है।
बता दें 70 के दशक में बने इन पुलों पर कुछ साल पूर्व भारी वाहनों के आवगमन पर रोक लगा दी गई थी, लेकिन अब फिर से बेरोकटोक खनन सामग्री से भरे ओवरलोड वाहन दौड़ ने लगे हैं। इससे पुल पर खतरा बढ़ गया है। बैराज के एक पुल से शक्ति नहर में पानी छोड़ा जाता है, जिस पर ढालीपुर, ढकरानी और कुल्हाल तीन जल विद्युत परियोजनाएं स्थित हैं, जबकि दूसरा पुल हिमाचल को जोड़ता है। बरसात में बैराज में जल स्तर बढ़ने पर यहीं से यमुना नदी में भी पानी छोड़ा जाता है।
ग्राम पंचायत डाकपत्थर के प्रधान सुबोध गोयल का कहना है कि पुल की सुरक्षा के लिहाज से कुछ साल पूर्व इन पुलों पर भारी वाहनों के आवगमन पर रोक लगा दी गई थी, लेकिन अब फिर से खनन सामग्री से भरे ओवरलोड वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। पुल की सुरक्षा में तैनात जल विद्युत निगम प्रबंधन के गॉर्ड और स्थानीय पुलिस भी अनदेखी कर रहे हैं। इससे पुल पर खतरा बढ़ गया है। वहीं संपर्क करने पर जल विद्युत निगम के महाप्रबंधक (यमुना वैली) इरशाद अली ने फोन नहीं उठाया। एसडीएम जितेंद्र कुमार का कहना है कि इस संबंध में निगम के अलावा पुलिस अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
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ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
खनन सामग्री से भरे ओवरलोड वाहन गुजरने से डाकपत्थर बैराज पर बने हेड रेगुलेटर पुल पर खतरा बढ़ गया है। पुल की सुरक्षा के लिए जल विद्युत निगम प्रबंधन ने गॉर्ड तैनात किए हैं, लेकिन गॉर्ड की आंखों के सामने से ओवरलोटड वाहन पुल से निकलते हैं। पुलिस प्रशासन का रवैया भी उदासीनता भरा है। इससे पुल पर खतरा बढ़ गया है। इस बाबत ग्राम पंचायत डाकपत्थर के प्रधान सुबोध गोयल ने उत्तराखंड जल विद्युत निगम के अधिकारियों और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है।
बता दें 70 के दशक में बने इन पुलों पर कुछ साल पूर्व भारी वाहनों के आवगमन पर रोक लगा दी गई थी, लेकिन अब फिर से बेरोकटोक खनन सामग्री से भरे ओवरलोड वाहन दौड़ ने लगे हैं। इससे पुल पर खतरा बढ़ गया है। बैराज के एक पुल से शक्ति नहर में पानी छोड़ा जाता है, जिस पर ढालीपुर, ढकरानी और कुल्हाल तीन जल विद्युत परियोजनाएं स्थित हैं, जबकि दूसरा पुल हिमाचल को जोड़ता है। बरसात में बैराज में जल स्तर बढ़ने पर यहीं से यमुना नदी में भी पानी छोड़ा जाता है।
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ग्राम पंचायत डाकपत्थर के प्रधान सुबोध गोयल का कहना है कि पुल की सुरक्षा के लिहाज से कुछ साल पूर्व इन पुलों पर भारी वाहनों के आवगमन पर रोक लगा दी गई थी, लेकिन अब फिर से खनन सामग्री से भरे ओवरलोड वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। पुल की सुरक्षा में तैनात जल विद्युत निगम प्रबंधन के गॉर्ड और स्थानीय पुलिस भी अनदेखी कर रहे हैं। इससे पुल पर खतरा बढ़ गया है। वहीं संपर्क करने पर जल विद्युत निगम के महाप्रबंधक (यमुना वैली) इरशाद अली ने फोन नहीं उठाया। एसडीएम जितेंद्र कुमार का कहना है कि इस संबंध में निगम के अलावा पुलिस अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
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