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दुर्लभ है मानव जीवन, इसे बर्बाद न करें
Updated Mon, 18 Dec 2017 02:05 AM IST
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दुर्लभ है मानव जीवन, इसे बर्बाद न करें
ब्यूरो/अमर उजाला
विकासनगर।
श्री अनंतेश्वर महादेव मंदिर बाबूगढ़ में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन प्रवचन करते हुए बाल व्यास प्रमोद चमोली ने कहा कि भागवत पुराण से बढ़कर कोई पुराण नहीं है। भागवत कथा पढ़ने और सुनने से कोई भी पदार्थ दुर्लभ नहीं रह सकता है। इनकी कृपा से सभी कष्टों का निवारण शीघ्र हो जाता है। जो मनुष्य इस भागवत कथा का श्रवण करता है उसके भगवती की कृपा से सभी मनोरथ पूर्ण हो जाते हैं। भारत ही ऐसा स्थान है जहां धरती को माता कहा जाता है। अन्य कहीं भी धरती को माता नहीं कहा जाता है। पृथ्वी पर मनुष्य जन्म लेने के बाद ही जीव धन्य हो जाता है।
इस मौके पर जगदीश भंडारी, भारत सिंह नेगी, पितांबर सिंह तोमर, पं. रमेश, उमा रावत, श्वेता शर्मा, जयंती पटवाल, ओपी राणा, राजेश नौटियाल, महेंद्र नेगी, मुकेश नौटियाल, राजीव चौहान, विष्णु कुमारी, संतोषी देवी, रजनी लोदी, कविता, रेखा, सुमन, शकुंतला, मुन्नी नौटियाल, देवेश्वरी बिड़ालिया, वाचस्पति उनियाल, नरेंद्र सिंह नेगी, अजय जुयाल, धीरेंद्र तड़ियाल, सुरेश लोदी, महेंद्र सिंह नेगी, सोहन लाल रतूड़ी, राजीव शर्मा आदि मौजूद रहे।
उधर, प्राइमरी विकासनगर में हरि सेवा संस्थान की ओर से आयोजित सत्संग में कथा वाचक आचार्य विशाल महाराज ने कहा कि मनुष्य जीवन मिलना दुर्लभ है। जीवन को बर्बाद नहीं करना चाहिए। मनुष्य जीवन मोक्ष प्राप्ति के लिए मिला है। ऐसे में हरि नाम का जप कर मोक्ष प्राप्ति की ओर अग्रसर होना चाहिए। सत्संग में आकर जप, ध्यान, प्राणायाम करने से मन आनंदित होता है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
विकासनगर।
श्री अनंतेश्वर महादेव मंदिर बाबूगढ़ में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन प्रवचन करते हुए बाल व्यास प्रमोद चमोली ने कहा कि भागवत पुराण से बढ़कर कोई पुराण नहीं है। भागवत कथा पढ़ने और सुनने से कोई भी पदार्थ दुर्लभ नहीं रह सकता है। इनकी कृपा से सभी कष्टों का निवारण शीघ्र हो जाता है। जो मनुष्य इस भागवत कथा का श्रवण करता है उसके भगवती की कृपा से सभी मनोरथ पूर्ण हो जाते हैं। भारत ही ऐसा स्थान है जहां धरती को माता कहा जाता है। अन्य कहीं भी धरती को माता नहीं कहा जाता है। पृथ्वी पर मनुष्य जन्म लेने के बाद ही जीव धन्य हो जाता है।
इस मौके पर जगदीश भंडारी, भारत सिंह नेगी, पितांबर सिंह तोमर, पं. रमेश, उमा रावत, श्वेता शर्मा, जयंती पटवाल, ओपी राणा, राजेश नौटियाल, महेंद्र नेगी, मुकेश नौटियाल, राजीव चौहान, विष्णु कुमारी, संतोषी देवी, रजनी लोदी, कविता, रेखा, सुमन, शकुंतला, मुन्नी नौटियाल, देवेश्वरी बिड़ालिया, वाचस्पति उनियाल, नरेंद्र सिंह नेगी, अजय जुयाल, धीरेंद्र तड़ियाल, सुरेश लोदी, महेंद्र सिंह नेगी, सोहन लाल रतूड़ी, राजीव शर्मा आदि मौजूद रहे।
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उधर, प्राइमरी विकासनगर में हरि सेवा संस्थान की ओर से आयोजित सत्संग में कथा वाचक आचार्य विशाल महाराज ने कहा कि मनुष्य जीवन मिलना दुर्लभ है। जीवन को बर्बाद नहीं करना चाहिए। मनुष्य जीवन मोक्ष प्राप्ति के लिए मिला है। ऐसे में हरि नाम का जप कर मोक्ष प्राप्ति की ओर अग्रसर होना चाहिए। सत्संग में आकर जप, ध्यान, प्राणायाम करने से मन आनंदित होता है।
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