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Dehradun News: 10 साल बाद भी नहीं हुई क्षतिग्रस्त 16 पुलिया की मरम्मत
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करीब 10 वर्ष पहले आपदा के दौरान अमलावा नदी के उफान पर आने से साहिया क्षेत्र की 16 पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई थी। अब तक इनकी मरम्मत नहीं हो पाई है। बारिश के दौरान नदी के उफान पर होने से लोग नदी के पार छानियों में नहीं जा पाते हैं। सर्दियों में नदी के ठंडे पानी से होकर जाना पड़ता है। लोग लगातार पुलिया की मरम्मत की मांग कर रहे हैं।
वर्ष 2013 की आपदा के दौरान अमलावा नदी उफान पर आ गई थी। उस समय झडवाला, शंभु की चौकी, तारली खेड़ा की पुलिया नदी के पानी में बह गई थी। वहीं, मोकाड़ खड्ड में दो पुलिया, चरगाड खड्ड में एक, सुईनाड खड्ड में दो, गढ़ेता खड्ड में तीन, बंतोऊ खड्ड में एक, बसाया खड्ड में एक, जमाड खड्ड में दो, अष्टी खड्ड में एक पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई थी। इन सभी पुलिया से एक दर्जन से अधिक खेड़ों के ग्रामीण आवाजाही करते थे। 10 साल से पुलिया का निर्माण नहीं हुआ।
स्थानीय निवासी मोहन लाल शर्मा, अनिल सिंह तोमर, जनक सिंह तोमर, मोहर सिंह आदि ने बताया कि बारिश और सर्दियों में ग्रामीणों को छानियों तक जाने के लिए नदी पार करने में परेशानी होती है। बताया कि कई बार क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। बताया कि आवागमन में दिक्कत होने पर कई खेड़ों में किसानों ने खेती करना छोड़ दिया है। खेत बंजर हो रहे हैं। संवाद
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पुलिया के निर्माण के लिए ग्राम प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों से प्रस्ताव मांगे गए थे। एस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजा गया था। अभी तक शासन की ओर से बजट स्वीकृत नहीं हो पाया है। अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों से प्रस्ताव लेकर दोबारा एस्टीमेट तैयार करने को कहा गया है। शासन को फिर से एस्टीमेट भेजा जाएगा।
मठोर सिंह चौहान, ब्लॉक प्रमुख, कालसी
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वर्ष 2013 की आपदा के दौरान अमलावा नदी उफान पर आ गई थी। उस समय झडवाला, शंभु की चौकी, तारली खेड़ा की पुलिया नदी के पानी में बह गई थी। वहीं, मोकाड़ खड्ड में दो पुलिया, चरगाड खड्ड में एक, सुईनाड खड्ड में दो, गढ़ेता खड्ड में तीन, बंतोऊ खड्ड में एक, बसाया खड्ड में एक, जमाड खड्ड में दो, अष्टी खड्ड में एक पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई थी। इन सभी पुलिया से एक दर्जन से अधिक खेड़ों के ग्रामीण आवाजाही करते थे। 10 साल से पुलिया का निर्माण नहीं हुआ।
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स्थानीय निवासी मोहन लाल शर्मा, अनिल सिंह तोमर, जनक सिंह तोमर, मोहर सिंह आदि ने बताया कि बारिश और सर्दियों में ग्रामीणों को छानियों तक जाने के लिए नदी पार करने में परेशानी होती है। बताया कि कई बार क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। बताया कि आवागमन में दिक्कत होने पर कई खेड़ों में किसानों ने खेती करना छोड़ दिया है। खेत बंजर हो रहे हैं। संवाद
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पुलिया के निर्माण के लिए ग्राम प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों से प्रस्ताव मांगे गए थे। एस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजा गया था। अभी तक शासन की ओर से बजट स्वीकृत नहीं हो पाया है। अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों से प्रस्ताव लेकर दोबारा एस्टीमेट तैयार करने को कहा गया है। शासन को फिर से एस्टीमेट भेजा जाएगा।
मठोर सिंह चौहान, ब्लॉक प्रमुख, कालसी