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शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग सुन भाव विभोर हुए श्रद्धालु
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
सेलाकुई। हरिपुर के ग्राम देवता मंदिर प्रांगण में चल रही श्रीमद् देवी भागवत कथा में शुक्रवार को कथा व्यास अनिल कृष्ण महाराज ने शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग सुनाया। प्रसंग सुन श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। इस दौरान शिव-पार्वती विवाह की झांकी भी सजाई गई।
कथा व्यास ने शिव विवाह का वर्णन करते हुए कहा कि पर्वतराज हिमालय की घोर तपस्या के बाद माता जगदंबा प्रकट हुईं और उन्हें बेटी के रूप में उनके घर में अवतरित होने का वरदान दिया। इसके बाद माता पार्वती हिमालय के घर अवतरित हुईं। बेटी के बड़ी होने पर पर्वतराज को उसकी शादी की चिंता सताने लगी। कहा कि माता पार्वती बचपन से ही बाबा भोलेनाथ की अनन्य भक्त थीं। एक दिन पर्वतराज के घर महर्षि नारद पधारे और उन्होंने भगवान भोलेनाथ के साथ पार्वती के विवाह का संयोग बताया।
उन्होंने कहा कि नंदी पर सवार भोलेनाथ जब भूत-पिशाचों के साथ बरात लेकर पहुंचे तो उसे देखकर पर्वतराज और उनके परिजन अचंभित हो गए, लेकिन माता पार्वती ने खुशी से भोलेनाथ को पति के रूप में स्वीकार किया। विवाह प्रसंग के दौरान शिव-पार्वती विवाह की झांकी पर श्रद्धालुओं ने पुष्प बरसाए। कथा व्यास ने विवाह प्रसंग के दौरान सुंदर भजनों की प्रस्तुति भी दी। इस अवसर पर ललिता देवी, सुनीता देवी, शूरवीर सिंह चौहान, बलवीर सिंह गुसाईं, हेमंत सिंह, कुंदन सिंह, मोहर सिंह, लक्ष्मी देवी, सुमित्रा देवी, रेखा देवी आदि मौजूद रहे।
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सेलाकुई। हरिपुर के ग्राम देवता मंदिर प्रांगण में चल रही श्रीमद् देवी भागवत कथा में शुक्रवार को कथा व्यास अनिल कृष्ण महाराज ने शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग सुनाया। प्रसंग सुन श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। इस दौरान शिव-पार्वती विवाह की झांकी भी सजाई गई।
कथा व्यास ने शिव विवाह का वर्णन करते हुए कहा कि पर्वतराज हिमालय की घोर तपस्या के बाद माता जगदंबा प्रकट हुईं और उन्हें बेटी के रूप में उनके घर में अवतरित होने का वरदान दिया। इसके बाद माता पार्वती हिमालय के घर अवतरित हुईं। बेटी के बड़ी होने पर पर्वतराज को उसकी शादी की चिंता सताने लगी। कहा कि माता पार्वती बचपन से ही बाबा भोलेनाथ की अनन्य भक्त थीं। एक दिन पर्वतराज के घर महर्षि नारद पधारे और उन्होंने भगवान भोलेनाथ के साथ पार्वती के विवाह का संयोग बताया।
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उन्होंने कहा कि नंदी पर सवार भोलेनाथ जब भूत-पिशाचों के साथ बरात लेकर पहुंचे तो उसे देखकर पर्वतराज और उनके परिजन अचंभित हो गए, लेकिन माता पार्वती ने खुशी से भोलेनाथ को पति के रूप में स्वीकार किया। विवाह प्रसंग के दौरान शिव-पार्वती विवाह की झांकी पर श्रद्धालुओं ने पुष्प बरसाए। कथा व्यास ने विवाह प्रसंग के दौरान सुंदर भजनों की प्रस्तुति भी दी। इस अवसर पर ललिता देवी, सुनीता देवी, शूरवीर सिंह चौहान, बलवीर सिंह गुसाईं, हेमंत सिंह, कुंदन सिंह, मोहर सिंह, लक्ष्मी देवी, सुमित्रा देवी, रेखा देवी आदि मौजूद रहे।
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