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किट्टी की रकम ठगने वाले दंपति की जमानत नामंजूर
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ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। किट्टी में महिलाओं के लाखों रुपये ठगने के आरोपी दंपति की जमानत मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) विवेक श्रीवास्तव की अदालत ने खारिज कर दी है। इससे पहले निचली अदालत से भी इनकी जमानत नामंजूर हो चुकी है।
पिछले दिनों लाखों रुपये की किट्टी ठगने के आरोप में निशांत जैन और उसकी पत्नी को एक रिसोर्ट से गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपी सुद्धोवाला जेल में हैं। आरोपियों की ओर से सीजेएम न्यायालय में जमानत के लिए अर्जी लगाई थी। बृहस्पतिवार को इस पर बहस हुई। बचाव पक्ष की ओर से इस मुकदमे को धोखाधड़ी और गबन की श्रेणी का नहीं बताया। जबकि, अभियोजन पक्ष ने इसका विरोध किया। तर्क दिया गया कि दंपति का किट्टी का कारोबार सालाना करोड़ों रुपये का है। साथ ही जिस दिन इन्हें गिरफ्तार किया गया उनके पास से पासपोर्ट आदि बरामद किए गए थे। इससे स्पष्ट है कि दोनों दोनों विदेश भी भाग सकते थे। यदि, जमानत दी गई तो दोबारा यह पुलिस के हाथ नहीं आएंगे। अभियोजन के इन तर्कों के आधार पर अदालत ने दंपति की जमानत नामंजूर कर दी। अभियोजन की ओर से यशदीप श्रीवास्तव और वादी पक्ष के अधिवक्ता शिव वर्मा ने बहस की।
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देहरादून। किट्टी में महिलाओं के लाखों रुपये ठगने के आरोपी दंपति की जमानत मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) विवेक श्रीवास्तव की अदालत ने खारिज कर दी है। इससे पहले निचली अदालत से भी इनकी जमानत नामंजूर हो चुकी है।
पिछले दिनों लाखों रुपये की किट्टी ठगने के आरोप में निशांत जैन और उसकी पत्नी को एक रिसोर्ट से गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपी सुद्धोवाला जेल में हैं। आरोपियों की ओर से सीजेएम न्यायालय में जमानत के लिए अर्जी लगाई थी। बृहस्पतिवार को इस पर बहस हुई। बचाव पक्ष की ओर से इस मुकदमे को धोखाधड़ी और गबन की श्रेणी का नहीं बताया। जबकि, अभियोजन पक्ष ने इसका विरोध किया। तर्क दिया गया कि दंपति का किट्टी का कारोबार सालाना करोड़ों रुपये का है। साथ ही जिस दिन इन्हें गिरफ्तार किया गया उनके पास से पासपोर्ट आदि बरामद किए गए थे। इससे स्पष्ट है कि दोनों दोनों विदेश भी भाग सकते थे। यदि, जमानत दी गई तो दोबारा यह पुलिस के हाथ नहीं आएंगे। अभियोजन के इन तर्कों के आधार पर अदालत ने दंपति की जमानत नामंजूर कर दी। अभियोजन की ओर से यशदीप श्रीवास्तव और वादी पक्ष के अधिवक्ता शिव वर्मा ने बहस की।
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