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ओलावृष्टि से बागवानों को हुआ भारी नुकसान
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ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
जौनसार बावर परगने में बुधवार को हुई ओलावृष्टि से बागवानों को भारी नुकसान हुआ है। प्रभावित बागवानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। बागवानों का कहना है कि बीते एक दशक से सेब, आड़ू, पोलम, खुमानी, नाशपाती सहित अन्य फलों की अच्छी पैदावार के लिए आधुनिक तरीकों, महंगे कीटनाशकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। लेकिन हर साल हो रही ओलावृष्टि से अब बागवानी के भविष्य पर सवालिया निशान लग रहे हें।
जौनसार बावर परगने में नकदी फसलों के उत्पादन के साथ ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बागवानी भी बड़े पैमाने पर की जाती है, जो अब आधुनिक रूप ले चुकी है। लेकिन, यहां बागवानों को हर साल ओलावृष्टि और आंधी तूफान से नुकसान उठाना पड़ता है। नीनूस, कोराला, कथियान, बागी, कोटी, चौसाल, कूणा, बगूर, शठंग, डिरनाड, लोइच में भारी ओलावृष्टि ने बागवानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। प्रभावित बागवान मूरत राम जोशी, लायक राम, नरेंद्र, मोहन लाल, जयदत्त, रामचंद्र, रायदत्त, रमेश, शूरवीर, आत्माराम, यशपाल ने बताया कि ओलावृष्टि से होने वाले नुकसान के लिए प्रशासन की ओर से कोई मुआवजा भी नहीं दिया जाता है। बताया कि ओलावृष्टि से सबसे अधिक नुकसान सेब की फसल को हुआ है।
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जौनसार बावर परगने में बुधवार को हुई ओलावृष्टि से बागवानों को भारी नुकसान हुआ है। प्रभावित बागवानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। बागवानों का कहना है कि बीते एक दशक से सेब, आड़ू, पोलम, खुमानी, नाशपाती सहित अन्य फलों की अच्छी पैदावार के लिए आधुनिक तरीकों, महंगे कीटनाशकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। लेकिन हर साल हो रही ओलावृष्टि से अब बागवानी के भविष्य पर सवालिया निशान लग रहे हें।
जौनसार बावर परगने में नकदी फसलों के उत्पादन के साथ ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बागवानी भी बड़े पैमाने पर की जाती है, जो अब आधुनिक रूप ले चुकी है। लेकिन, यहां बागवानों को हर साल ओलावृष्टि और आंधी तूफान से नुकसान उठाना पड़ता है। नीनूस, कोराला, कथियान, बागी, कोटी, चौसाल, कूणा, बगूर, शठंग, डिरनाड, लोइच में भारी ओलावृष्टि ने बागवानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। प्रभावित बागवान मूरत राम जोशी, लायक राम, नरेंद्र, मोहन लाल, जयदत्त, रामचंद्र, रायदत्त, रमेश, शूरवीर, आत्माराम, यशपाल ने बताया कि ओलावृष्टि से होने वाले नुकसान के लिए प्रशासन की ओर से कोई मुआवजा भी नहीं दिया जाता है। बताया कि ओलावृष्टि से सबसे अधिक नुकसान सेब की फसल को हुआ है।
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