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कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना...पर झूमे लोग
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ब्यूरो,अमर उजाला/विकासनगर
लाखामंडल में चल रहे दो दिवसीय पर्वतीय बिस्सू महोत्सव के अंतिम दिन हिमाचली नाटी किंग कुलदीप शर्मा की आवाज का जादू लोगों के सिर चढ़कर बोला। हिमाचली लोक गायक ने पारंपरिक नाटियों के बीच में हिंदी फिल्मी गाना ‘कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना...’ गाया तो पंडाल में मौजूद लोग झूमने लग गए। इससे पूर्व उन्होंने अपनी प्रस्तुतियों की शुरुआत ऊंदी आई मिलदी शिमला बाजारे प्यारी रूपमती रे... से की।
इसके बाद उन्होंने पारंपरिक नाटी नाचो नाचो रे मामा मंगतू नाचो रे... गाया, जिस पर युवा थिरकने लगे। भौजी लड़ाबेला नजरिया गीत शुरू करते ही युवा नृत्य करने लगे। डीएम साहिबा जिंदाबाद गीत ने युवा दिलों की धड़कन बढ़ा दी। इसके बाद उन्होंने रोड़ू जाणों मेरी आमिए..., गिरी आओ गिरी रे..., ऐश तू कर भाई.., मेरी प्रीति जिंटा..., ठेकेदारनिए, कांडा चुभा कुमरो रे हाय पीड़ा रे... टेंशन नहीं लेने का बाबा..., हाय प्यारी अनुए... नाटी पेश कर उन्होंने समा बांध दिया। इसके अलावा बाबा हंसराज रघुवंशी मेरा भोला है भंडारी, गांजा रे गांजा पिला दे रे गांजा सहित भोले बाबा के कई भजनों की प्रस्तुति दी। मास्टर हर्ष शर्मा ने हिमाचली गीतों की सुंदर प्रस्तुति दी। स्थानीय लोक गायक अरविंद राणा, अतर शाह, डब्लू आर्य, नीलम, बीनू आर्य, भूटाराम डोभाल आदि ने भी शानदार प्रस्तुति दी।
अंतिम दिन महोत्सव की शुरुआत से पूर्व भारत माता मंदिर के संस्थापक पदम भूषण सत्यमित्रानंद को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान भाजपा नेता नरेश बंसल, मूरतराम शर्मा, रामशरण नौटियाल, गीताराम गौड़ आदि मौजूद रहे।
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लाखामंडल में चल रहे दो दिवसीय पर्वतीय बिस्सू महोत्सव के अंतिम दिन हिमाचली नाटी किंग कुलदीप शर्मा की आवाज का जादू लोगों के सिर चढ़कर बोला। हिमाचली लोक गायक ने पारंपरिक नाटियों के बीच में हिंदी फिल्मी गाना ‘कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना...’ गाया तो पंडाल में मौजूद लोग झूमने लग गए। इससे पूर्व उन्होंने अपनी प्रस्तुतियों की शुरुआत ऊंदी आई मिलदी शिमला बाजारे प्यारी रूपमती रे... से की।
इसके बाद उन्होंने पारंपरिक नाटी नाचो नाचो रे मामा मंगतू नाचो रे... गाया, जिस पर युवा थिरकने लगे। भौजी लड़ाबेला नजरिया गीत शुरू करते ही युवा नृत्य करने लगे। डीएम साहिबा जिंदाबाद गीत ने युवा दिलों की धड़कन बढ़ा दी। इसके बाद उन्होंने रोड़ू जाणों मेरी आमिए..., गिरी आओ गिरी रे..., ऐश तू कर भाई.., मेरी प्रीति जिंटा..., ठेकेदारनिए, कांडा चुभा कुमरो रे हाय पीड़ा रे... टेंशन नहीं लेने का बाबा..., हाय प्यारी अनुए... नाटी पेश कर उन्होंने समा बांध दिया। इसके अलावा बाबा हंसराज रघुवंशी मेरा भोला है भंडारी, गांजा रे गांजा पिला दे रे गांजा सहित भोले बाबा के कई भजनों की प्रस्तुति दी। मास्टर हर्ष शर्मा ने हिमाचली गीतों की सुंदर प्रस्तुति दी। स्थानीय लोक गायक अरविंद राणा, अतर शाह, डब्लू आर्य, नीलम, बीनू आर्य, भूटाराम डोभाल आदि ने भी शानदार प्रस्तुति दी।
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अंतिम दिन महोत्सव की शुरुआत से पूर्व भारत माता मंदिर के संस्थापक पदम भूषण सत्यमित्रानंद को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान भाजपा नेता नरेश बंसल, मूरतराम शर्मा, रामशरण नौटियाल, गीताराम गौड़ आदि मौजूद रहे।
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